क्या राजस्थान में ड्रग्स, जमीन और खनन माफिया फल-फूल रहे हैं? टीकाराम जूली का बयान
सारांश
Key Takeaways
- टीकाराम जूली ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- राजस्थान में ड्रग माफिया का बढ़ता प्रभाव चिंता का विषय है।
- स्थानीय निकाय चुनावों में देरी हो रही है।
- पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का बजट कांग्रेस सरकार के तहत पास हुआ था।
- कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
जयपुर, 11 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान सरकार के दो साल पूरे होने के अवसर पर विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने सत्ताधारी भाजपा पर कड़ी आलोचना की है और कांग्रेस विधायकों द्वारा उठाए गए अनेक मुद्दों पर मौन रहने का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि इन मुद्दों में विधानसभा में कैमरों द्वारा जासूसी, राज्य में ड्रग माफिया का बढ़ता प्रभाव, स्थानीय निकाय चुनावों में देरी, 'राइजिंग राजस्थान' कार्यक्रम और शासन से जुड़ी अन्य चिंताएं शामिल हैं। जूली ने कहा कि विपक्ष की आवाज़ें दबाई जा रही हैं, जैसे अन्य राज्यों में हो रहा है।
राजस्थान विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस के इंटरव्यू में कई सवालों के जवाब दिए।
सवाल: राज्य सरकार ने अपने दो साल पूरे कर लिए हैं। आप इसके प्रदर्शन को कैसे आंकते हैं?
जवाब: सरकार ने हमारे विधायकों द्वारा उठाए गए गंभीर सवालों पर चुप्पी साध ली है, चाहे वह विधानसभा में जासूसी का मुद्दा हो, ड्रग माफिया का बढ़ना हो, स्थानीय निकाय चुनावों में देरी हो, या 'राइजिंग राजस्थान' से जुड़े मुद्दे हों। विपक्ष की आवाज़ों के लिए जगह सिकुड़ रही है। हमारे माइक बंद कर दिए जाते हैं, सवालों के जवाब नहीं मिलते, और स्पीकर भाजपा विधायकों का समर्थन करते हैं। फिर भी, विधानसभा को लाइव देखने वाले लोग कांग्रेस का समर्थन कर रहे हैं, और अंता की जीत इसका प्रमाण है।
सवाल: आपने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को लेकर चिंता जताई है। मुख्य समस्या क्या है?
जवाब: केंद्र ने अभी तक पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं किया है, जैसा कि हाल ही में राज्यसभा के एक उत्तर में पुष्टि की गई है। हम भाजपा से पूछना चाहते हैं कि आपने कितना बजट मंजूर किया है और कितना खर्च किया? पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का बजट मूल रूप से कांग्रेस सरकार के तहत पास किया गया था। अब अचानक टेंडर पास किए जा रहे हैं। केंद्र ने नाटक किया, पड़ोसी मुख्यमंत्री को बुलाया, दिखावटी समारोह किए और परियोजना का नाम बदल दिया, लेकिन एक भी पैसा खर्च नहीं किया। आज तक, केंद्र का योगदान शून्य है।
सवाल: सरकार का दावा है कि उसने एक लाख नौकरियां पैदा की हैं और पेपर लीक खत्म कर दिया है। आपका उत्तर?
जवाब: उन्हें जनता को बताना चाहिए कि उन्होंने कौन से पद बनाए, किस तारीख को और कितने भरे गए। कांग्रेस के कार्यकाल में जो नौकरियां उत्पन्न हुई थीं, जो पहले से ही पाइपलाइन में थीं, अब वे उनका श्रेय ले रहे हैं। पेपर लीक पर सबसे सख्त कानून कांग्रेस सरकार ने बनाए थे। भाजपा शासित हरियाणा, यूपी, एमपी और यहां तक कि केंद्र में क्या हो रहा है? हर जगह पेपर लीक हो रहे हैं। एसआई पेपर लीक मामले में एसओजी, पुलिस और मंत्रियों ने अलग-अलग बयान दिए हैं, और मामला अब कोर्ट में है। वे मुद्दों से ध्यान भटका रहे हैं।
सवाल: राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में आपका आकलन क्या है?
जवाब: आधिकारिक आंकड़े अच्छे दिख सकते हैं, लेकिन जमीनी वास्तविकता कुछ और ही कहानी कहती है। हत्याएं, बलात्कार और अत्याचार की रोजाना घटनाएं हो रही हैं। ड्रग्स, जमीन और खनन माफिया फल-फूल रहे हैं। एफआईआर दर्ज करने में देरी होती है, और हमने देखा है कि लोग बार-बार सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
सवाल: आपने विधानसभा प्रक्रियाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। असल में चिंताएं क्या हैं?
जवाब: यह सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा से बचती है। पिछले साल, बिजली, पानी और चिकित्सा मुद्दों पर बहस की अनुमति नहीं दी गई थी। हमने विधानसभा में लगाए गए कैमरों के सबूत इकट्ठा किए हैं, और हम जल्द ही जासूसी की पूरी कहानी का खुलासा करेंगे। मेरा माइक बंद कर दिया गया था, और हमारे विधायकों को बोलने नहीं दिया जाता।
सवाल: आपने सरकार के प्रशासनिक कामकाज की भी आलोचना की है।
जवाब: मुख्यमंत्री को छोटे-छोटे निर्णयों के लिए भी दिल्ली भागना पड़ता है। नौकरशाही अब दो शक्ति केंद्रों से काम कर रही है, जिससे शासन प्रभावित हो रहा है। कोई नई योजना नहीं है। कर्ज बढ़ रहा है। हर नागरिक पर औसतन लगभग 1 लाख रुपए का कर्ज है। पुराने कर्ज चुकाने के लिए नए कर्ज लिए जा रहे हैं।
सवाल: भाजपा कांग्रेस के अंदर गुटबाजी का आरोप लगाती है। इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
जवाब: कोई गुटबाजी नहीं है। हम एकजुट हैं और अपनी जिम्मेदारियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। भाजपा को अपने अंदरूनी तनावों पर ध्यान देना चाहिए, अंता के नतीजे यही दिखाते हैं।
सवाल: स्थानीय निकाय चुनाव एक बड़ा मुद्दा रहा है। आपका क्या विचार है?
जवाब: पांच साल तक चुनाव न होना एक गंभीर मुद्दा है। हर जगह प्रशासक नियुक्त किए जा रहे हैं। नोहर में, एक चेयरमैन को बिना सुने हटा दिया गया। कोर्ट ने बहाल किया, और उन्हें फिर से सस्पेंड कर दिया गया। यह सरकार खुलेआम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर रही है। पिछली कांग्रेस सरकार के तहत नियुक्त सरपंचों और प्रधानों को हटाया जा रहा है। हमारी आवाज दबाई जा रही है।
सवाल: प्रवासी दिवस और निवेश प्रोत्साहन पर आपकी क्या टिप्पणी है?
जवाब: हमने एनआरआई के लिए सिंगल-विंडो सिस्टम शुरू किया था। इस सरकार ने कौन सी नई सुविधाएं दी हैं? प्रवासी दिवस केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम बनकर रह गया है। इन्वेस्टमेंट समिट में दर्जनों सवाल उठाए गए, लेकिन किसी का जवाब नहीं मिला।
सवाल: मंत्री किरोड़ी लाल मीणा खुद रेड कर रहे हैं। इस पर आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
जवाब: उन्हें खुद रेड करनी पड़ी, क्योंकि उनका कोई और सुन नहीं रहा था।