शांगहाई में विश्व एआई सम्मेलन 2026: चीन ने जारी की अंतरराष्ट्रीय एआई नैतिक शासन कार्य योजना
सारांश
मुख्य बातें
शांगहाई में 17 जुलाई 2026 को आयोजित 'विश्व कृत्रिम बुद्धिमत्ता सम्मेलन 2026' और एआई के वैश्विक शासन पर उच्च स्तरीय बैठक में चीनी उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने संबंधित पक्षों के साथ मिलकर 'अंतरराष्ट्रीय एआई नैतिक शासन कार्य योजना' जारी करने का मार्गदर्शन किया। यह योजना वैश्विक एआई शासन के लिए सिद्धांत और व्यावहारिकता दोनों को समेटे एक ठोस कार्यान्वयन ढाँचा प्रस्तुत करती है।
कार्य योजना की मुख्य विशेषताएँ
यह कार्य योजना संयुक्त राष्ट्र की 'भविष्य के लिए संधि' और उसके परिशिष्ट 'वैश्विक डिजिटल संधि' के ढाँचे के भीतर काम करती है। इसमें एआई के पूरे जीवनचक्र में नैतिक शासन, जोखिमों का वर्गीकरण और स्तरीकृत नियंत्रण, चुस्त शासन तंत्र का निर्माण, उद्योग श्रृंखला सहयोग पारिस्थितिकी तंत्र का विकास तथा अनुकूल सामाजिक वातावरण बनाने जैसे प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
यह योजना सभी देशों से अपनी-अपनी वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप सक्रिय कदम उठाने और साझा विचार-विमर्श, साझा निर्माण व साझा लाभ के सिद्धांतों के आधार पर नीति समन्वय और व्यावहारिक सहयोग को मज़बूत करने की अपील करती है। इसे चीन द्वारा अंतरराष्ट्रीय समुदाय को दी गई एक महत्त्वपूर्ण सार्वजनिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
आगे की कार्ययोजना
अगले चरण में चीनी उद्योग एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय संबंधित अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ मिलकर इस कार्य योजना को लागू करने का काम आगे बढ़ाएगा। बहुपक्षीय सहयोग तंत्र को गहरा किया जाएगा और विभिन्न देशों की सरकारों, उद्योग जगत तथा शैक्षणिक जगत के बीच संवाद व सहयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।
विशेष रूप से विकासशील देशों पर केंद्रित नैतिक शासन क्षमता निर्माण में सहयोग पर ज़ोर दिया जाएगा। इसके साथ ही उद्योग श्रृंखला के सभी पक्षों को अपने अधिकारों और दायित्वों की सीमाएँ स्पष्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नैतिकता की शिक्षा को राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली में शामिल करने की भी योजना है। महिलाओं, बच्चों, बुज़ुर्गों और विकलांग व्यक्तियों जैसे कमज़ोर वर्गों के अधिकारों की रक्षा करते हुए डिजिटल विभाजन को पाटने पर विशेष बल दिया जाएगा।
एआई सहयोग एवं विकास कार्य योजना
इसी सम्मेलन में चीनी राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग ने संबंधित विभागों के साथ मिलकर 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता में सहयोग एवं विकास के लिए कार्य योजना' भी जारी की। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता एक अंतरराष्ट्रीय सार्वजनिक हित बने, जिससे पूरी मानवता को लाभ पहुँचे।'
इस कार्य योजना में आठ प्रमुख कार्यक्षेत्र सुझाए गए हैं — उच्च गुणवत्ता वाले डेटा की आपूर्ति, बुद्धिमान कंप्यूटिंग क्षमता की सार्वभौमिक पहुँच, ओपन-सोर्स पारिस्थितिकी तंत्र का साझाकरण, एआई का गहरा सशक्तीकरण, डिजिटल और बुद्धिमान प्रतिभाओं का संयुक्त विकास, नियमों और मानकों का साझा निर्माण, सुरक्षा शासन में सहयोग तथा 'अच्छे के लिए एआई' का सिद्धांत।
'चीन की बुद्धि – विश्व का कल्याण 2026'
सम्मेलन में चीनी राष्ट्रीय विकास एवं सुधार आयोग ने 'चीन की बुद्धि – विश्व का कल्याण (2026)' नामक केस स्टडी संकलन भी जारी किया। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में चीन के अंतरराष्ट्रीय सहयोग की दस जीवंत कहानियाँ शामिल हैं, जो वैश्विक स्तर पर एआई के व्यावहारिक उपयोग को दर्शाती हैं।
यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब एआई के वैश्विक विनियमन को लेकर अमेरिका, यूरोपीय संघ और चीन के बीच प्रतिस्पर्धात्मक दृष्टिकोण उभर रहे हैं। इस पहल के साथ चीन ने वैश्विक एआई शासन की बहस में अपनी केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया है।