चीन का 2030 तक सेवा उद्योग ₹1,000 खरब युआन तक पहुँचाने का लक्ष्य, 10 मुख्य क्षेत्रों में योजना
सारांश
Key Takeaways
- चीनी राज्य परिषद ने 28 अप्रैल को सेवा उद्योग की क्षमता और गुणवत्ता सुधार पर आधिकारिक राय जारी की।
- लक्ष्य: 2030 तक सेवा उद्योग का पैमाना 1,000 खरब युआन तक पहुँचाना, जिससे 200 खरब युआन से अधिक के नए अवसर बनेंगे।
- योजना में 10 मुख्य क्षेत्र शामिल — 6 उत्पादन-केंद्रित (प्रौद्योगिकी, लॉजिस्टिक्स, सॉफ्टवेयर आदि) और 4 जन-केंद्रित (स्वास्थ्य, बुजुर्ग देखभाल, पर्यटन आदि)।
- राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग के उप प्रमुख शन चूलिन ने योजना का विवरण प्रस्तुत किया।
- यह नीति चीन की अर्थव्यवस्था को विनिर्माण-प्रधान से सेवा-आधारित विकास मॉडल की ओर ले जाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
चीन की राज्य परिषद के न्यूज कार्यालय ने मंगलवार, 28 अप्रैल को सेवा उद्योग की क्षमता और गुणवत्ता में सुधार से संबंधित आधिकारिक राय का परिचय दिया। इस दस्तावेज़ में वर्ष 2030 तक सेवा उद्योग का पैमाना 1,000 खरब युआन तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह नीतिगत दिशा-निर्देश बीजिंग से जारी किया गया है और इसे चीन की आर्थिक रणनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
योजना की मुख्य बातें
राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग के उप प्रमुख शन चूलिन ने बताया कि हाल ही में जारी इस राय के अनुसार, यदि सेवा उद्योग 1,000 खरब युआन के पैमाने तक पहुँचता है, तो इसका अर्थ है कि 200 खरब युआन से अधिक का अतिरिक्त आर्थिक अवसर उत्पन्न होगा। इस विस्तृत योजना में 10 मुख्य क्षेत्रों में कार्ययोजना तैयार की गई है।
6 उत्पादन-केंद्रित क्षेत्रों पर ज़ोर
राय के अनुसार, प्रौद्योगिकी सेवा, आधुनिक लॉजिस्टिक्स, सॉफ्टवेयर व सूचना सेवा, आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े वित्त, ऊर्जा संरक्षण व पर्यावरण संरक्षण सेवा और व्यावसायिक सेवा — इन 6 मुख्य क्षेत्रों में अनुसंधान एवं डिज़ाइन का पेशेवर और उच्च स्तरीय विकास किया जाएगा। साथ ही उत्पादन प्रक्रिया में मूल्य वृद्धि और बाज़ार मूल्य की प्राप्ति को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
4 जन-केंद्रित क्षेत्रों में समावेशी सेवाएँ
इसके अतिरिक्त, आवासीय सेवा, बुजुर्गों व बच्चों की देखभाल, स्वास्थ्य सेवा तथा संस्कृति, पर्यटन व खेल से जुड़ी सेवा — इन 4 मुख्य क्षेत्रों में आम नागरिकों की बुनियादी ज़रूरतों के लिए अधिक समावेशी और उच्च गुणवत्ता वाली सेवाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। यह कदम चीन की बढ़ती बुज़ुर्ग आबादी और उपभोक्ता माँग को देखते हुए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
व्यापक संदर्भ और महत्व
गौरतलब है कि यह नीति ऐसे समय में आई है जब चीन अपनी अर्थव्यवस्था को विनिर्माण-प्रधान ढाँचे से हटाकर सेवा-क्षेत्र आधारित विकास मॉडल की ओर ले जाने का प्रयास कर रहा है। आँकड़ों के अनुसार, सेवा क्षेत्र पहले से ही चीन की GDP में सबसे बड़ा योगदानकर्ता है, और इस नई राय के ज़रिए उसे और सुदृढ़ करने की कोशिश की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना का वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं और भारत सहित उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर भी असर पड़ सकता है। आने वाले महीनों में इन क्षेत्रों के लिए विस्तृत क्रियान्वयन दिशानिर्देश जारी होने की संभावना है।
(साभार: चाइना मीडिया ग्रुप, बीजिंग)