17 जुलाई 2026
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शांगहाई में विश्व एआई सम्मेलन: वैश्विक एआई शासन के लिए 15-सूत्रीय घोषणा जारी, पहले अंतर-सरकारी एआई संगठन की स्थापना

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शांगहाई में विश्व एआई सम्मेलन: वैश्विक एआई शासन के लिए 15-सूत्रीय घोषणा जारी, पहले अंतर-सरकारी एआई संगठन की स्थापना

सारांश

शांगहाई में 100 से अधिक देशों की मौजूदगी में जारी 15-सूत्रीय एआई घोषणा और पहले अंतर-सरकारी एआई संगठन की स्थापना — यह वैश्विक एआई शासन की दिशा में एक नई पहल है, जो डिजिटल विभाजन पाटने और विकासशील देशों को तकनीकी सशक्तिकरण देने का वादा करती है।

मुख्य बातें

2026 विश्व एआई सम्मेलन शांगहाई में शुक्रवार से सोमवार तक आयोजित; 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल।
15-सूत्रीय 'शांगहाई घोषणा' जारी — एआई के सुरक्षित, न्यायसंगत और मानव-केंद्रित शासन का रोडमैप।
घोषणा में एआई+ मॉडल, ओपन सोर्स तकनीक, डेटा सुरक्षा, पर्यावरणीय प्रभाव न्यूनीकरण और आतंकवाद रोधी सहयोग पर जोर।
'विश्व एआई सहयोग संगठन' की स्थापना संधि पर हस्ताक्षर; शांगहाई में मुख्यालय — यह पहला अंतर-सरकारी एआई संगठन होगा।
संगठन का फोकस वैश्विक दक्षिण के देशों की एआई क्षमता निर्माण और डिजिटल विभाजन को कम करना।

शांगहाई में आयोजित 2026 विश्व एआई सम्मेलन में शुक्रवार को वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शासन के लिए 15-सूत्रीय 'शांगहाई घोषणा' जारी की गई, जो एआई को मानव-केंद्रित, सुरक्षित और समावेशी दिशा में विकसित करने का रोडमैप प्रस्तुत करती है। इस सम्मेलन में 100 से अधिक देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

सम्मेलन का आयोजन और प्रमुख भागीदार

शुक्रवार से सोमवार तक चलने वाले इस सम्मेलन का उद्घाटन चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने किया। कजाकिस्तान के राष्ट्रपति, कंबोडिया के प्रधानमंत्री, थाईलैंड के प्रधानमंत्री और संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने भी अपने विचार रखे।

'स्मार्ट पार्टनर, साझा भविष्य' विषय पर केंद्रित इस मंच पर यह रेखांकित किया गया कि एआई पूरी मानव सभ्यता को नया स्वरूप दे रहा है और ऐसे में सभी देशों को साझा भविष्य की भावना के साथ मिलकर काम करना होगा।

15-सूत्रीय घोषणा में क्या है

सम्मेलन के अध्यक्षीय वक्तव्य में एआई के सुरक्षित, न्यायसंगत और मानव-केंद्रित वैश्विक शासन के लिए 15 प्रमुख सिद्धांत निर्धारित किए गए हैं। इनमें शामिल हैं:

उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना, 'एआई+' मॉडल के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में एआई का व्यापक उपयोग, और ओपन सोर्स तकनीक तथा डेटा सुरक्षा को प्राथमिकता देना।

घोषणा में एआई के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने, ऊर्जा-दक्ष विकास को बढ़ावा देने और रोज़गार तथा सामाजिक बदलावों के प्रभावी प्रबंधन की आवश्यकता पर भी बल दिया गया है। आतंकवाद जैसे दुरुपयोग को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान भी किया गया है।

बहुपक्षवाद और विकासशील देशों पर जोर

वक्तव्य में संयुक्त राष्ट्र की अग्रणी भूमिका, बहुपक्षवाद और विकासशील देशों की एआई क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दी गई है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों, मानकों और सांस्कृतिक विविधता के सम्मान को भी आवश्यक बताया गया है।

यह घोषणा एआई को वैश्विक समानता, सतत विकास और साझा समृद्धि का माध्यम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और यूरोपीय संघ पहले से ही अपने-अपने एआई नियामक ढाँचे तैयार कर रहे हैं, और वैश्विक एआई शासन की दिशा पर देशों के बीच मतभेद उभर रहे हैं।

पहले अंतर-सरकारी एआई संगठन की स्थापना

सम्मेलन के दौरान 'विश्व एआई सहयोग संगठन' की स्थापना संधि पर हस्ताक्षर किए गए। शांगहाई में मुख्यालय वाला यह पहला अंतर-सरकारी एआई संगठन होगा।

इसका उद्देश्य वैश्विक दक्षिण के देशों को एआई के विकास, अनुप्रयोग और शासन के क्षेत्र में सहयोग देना तथा डिजिटल विभाजन को कम करना है। यह संगठन सभी देशों के लिए खुला रहेगा और बहुपक्षवाद तथा साझा लाभ के सिद्धांतों पर काम करेगा।

आगे की राह

इस घोषणा और नए संगठन की स्थापना के बाद यह देखना अहम होगा कि कितने देश इस ढाँचे को व्यावहारिक रूप से अपनाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक एआई शासन की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि बड़ी तकनीकी शक्तियाँ इस मंच को किस हद तक स्वीकार करती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या अमेरिका, यूरोपीय संघ और भारत जैसी बड़ी तकनीकी शक्तियाँ इस ढाँचे को वास्तव में अपनाएंगी — या यह एक और बहुपक्षीय दस्तावेज़ बनकर रह जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब एआई शासन पर पश्चिमी और चीनी दृष्टिकोण के बीच गहरी खाई है, और 'विश्व एआई सहयोग संगठन' का शांगहाई में मुख्यालय होना इस पहल की भू-राजनीतिक पृष्ठभूमि को नज़रअंदाज़ नहीं होने देता। वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए यह अवसर हो सकता है — बशर्ते संगठन वास्तव में स्वायत्त और समावेशी साबित हो, न कि किसी एक देश की तकनीकी कूटनीति का विस्तार।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शांगहाई एआई घोषणा 2026 क्या है?
यह 2026 विश्व एआई सम्मेलन में जारी 15-सूत्रीय अध्यक्षीय वक्तव्य है, जो एआई के सुरक्षित, न्यायसंगत और मानव-केंद्रित वैश्विक शासन के लिए सिद्धांत तय करता है। इसमें 100 से अधिक देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी रही।
विश्व एआई सहयोग संगठन क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
यह शांगहाई में मुख्यालय वाला पहला अंतर-सरकारी एआई संगठन है, जिसकी स्थापना संधि पर इस सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए गए। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक दक्षिण के देशों को एआई विकास, अनुप्रयोग और शासन में सहयोग देना और डिजिटल विभाजन को कम करना है।
घोषणा में एआई के किन खतरों पर ध्यान दिया गया है?
घोषणा में एआई के आतंकवाद जैसे दुरुपयोग को रोकने, जोखिम नियंत्रण और सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया गया है। साथ ही एआई के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने और रोज़गार पर पड़ने वाले सामाजिक प्रभावों के प्रबंधन पर भी बल दिया गया है।
इस सम्मेलन में कौन-कौन से प्रमुख नेता शामिल हुए?
सम्मेलन का उद्घाटन चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने किया। कजाकिस्तान के राष्ट्रपति, कंबोडिया के प्रधानमंत्री, थाईलैंड के प्रधानमंत्री और संयुक्त राष्ट्र महासचिव सहित 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
यह घोषणा विकासशील देशों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
घोषणा में विकासशील देशों की एआई क्षमता निर्माण को प्राथमिकता दी गई है और नए संगठन का फोकस वैश्विक दक्षिण पर है। यह डिजिटल विभाजन को कम करने और एआई को वैश्विक समानता व सतत विकास का माध्यम बनाने की दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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