हांगचो में विश्व डिजिटल शिक्षा सम्मेलन 2026: चीनी उपराष्ट्रपति हान चेंग ने AI और वैश्विक शिक्षा सहयोग पर दिया जोर
सारांश
मुख्य बातें
चीन के चच्यांग प्रांत की राजधानी हांगचो में 12 मई 2026 को आयोजित विश्व डिजिटल शिक्षा सम्मेलन 2026 के उद्घाटन समारोह में चीनी उपराष्ट्रपति हान चेंग ने भाग लिया और मुख्य संबोधन दिया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को वैश्विक शिक्षा व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बताया और सभी देशों के साथ मिलकर एक न्यायसंगत डिजिटल शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
मुख्य घटनाक्रम
उपराष्ट्रपति हान चेंग ने अपने संबोधन में कहा कि AI जैसी डिजिटल प्रौद्योगिकियाँ तेज़ी से विकसित हो रही हैं और शिक्षा क्षेत्र पर उनका प्रभाव गहरा होता जा रहा है। उन्होंने बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग शिक्षा पर AI के प्रभाव को अत्यंत महत्व देते हैं और सभी शैक्षिक स्तरों तथा पूरे समाज में AI की व्यापक शिक्षा को बढ़ावा देने पर बल देते हैं।
सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में स्विट्जरलैंड के संघीय राष्ट्रपति एवं आर्थिक मामलों, शिक्षा तथा अनुसंधान विभाग के प्रमुख गाय पारमेलिन ने वीडियो संदेश के माध्यम से भागीदारी की। यूनेस्को के महानिदेशक खालिद अल-एनानी भी समारोह में उपस्थित रहे और उन्होंने सभा को संबोधित किया।
चीन की डिजिटल शिक्षा रणनीति
हान चेंग ने बताया कि हाल के वर्षों में चीन अपनी राष्ट्रीय डिजिटल शिक्षा रणनीति को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है। डिजिटल तकनीक की सहायता से शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की गति को तेज़ किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि चीन दुनिया भर के विद्यार्थियों के साथ उच्च गुणवत्ता वाले डिजिटल शिक्षा संसाधन साझा कर रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर AI-संचालित शिक्षा उपकरणों को लेकर नीतिगत बहस तेज़ हो रही है। गौरतलब है कि चीन पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है और इस सम्मेलन के ज़रिये वह वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका को और मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है।
वैश्विक सहयोग और चुनौतियाँ
उपराष्ट्रपति हान चेंग ने स्वीकार किया कि AI और अन्य डिजिटल प्रौद्योगिकियों का शिक्षा के साथ एकीकरण जहाँ एक बड़ा अवसर है, वहीं इसके साथ कई साझा चुनौतियाँ भी जुड़ी हुई हैं। उन्होंने इन चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया।
चीन ने कहा कि वह डिजिटल शिक्षा के विकास, उसके शासन मॉडल और संबंधित नियमों व मानकों को बेहतर बनाने के लिए सभी देशों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है, ताकि डिजिटल शिक्षा में सुधार और नवाचार को आगे बढ़ाया जा सके।
समावेशी और सतत शिक्षा पारिस्थितिकी का लक्ष्य
हान चेंग ने ज़ोर देकर कहा कि सभी पक्षों के सहयोग से एक अधिक न्यायसंगत, समावेशी और सतत वैश्विक डिजिटल शिक्षा पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किया जाना चाहिए। यह लक्ष्य विशेष रूप से विकासशील देशों में शिक्षा तक पहुँच की असमानता को देखते हुए महत्वपूर्ण है।
आने वाले दिनों में इस सम्मेलन में विभिन्न देशों के शिक्षा विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और तकनीकी दिग्गज डिजिटल शिक्षा के भविष्य पर विचार-विमर्श करेंगे।