विभाजन कांग्रेस की नीतियों का नतीजा, सिखों और विस्थापित परिवारों को सर्वाधिक नुकसान : सीएम योगी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार, 17 जुलाई को बिजनौर में आयोजित एक जनसभा में कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि देश का विभाजन कांग्रेस की नीतियों का परिणाम था और इसकी सबसे बड़ी कीमत विस्थापित परिवारों और सिख समुदाय को चुकानी पड़ी। इस जनसभा में उन्होंने राज्य सरकार की विकास उपलब्धियों, कानून-व्यवस्था में सुधार और किसानों के हित में किए गए कार्यों का भी विस्तार से उल्लेख किया।
बिजनौर के विकास पर मुख्यमंत्री का संबोधन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'आज का बिजनौर तेज़ी से विकास की नई पहचान बना चुका है। जिले में अब बेहतर हाईवे, रेलवे नेटवर्क, मेडिकल कॉलेज जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं और गन्ना किसानों को समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान किया जा रहा है। यदि किसी को यह विकास दिखाई नहीं देता तो उसे स्वयं बिजनौर आकर बदलाव देखना चाहिए।' उन्होंने नगीना के लकड़ी शिल्प का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ के कारीगरों ने अपनी उत्कृष्ट कारीगरी से दुनिया भर में पहचान बनाई है।
योगी ने यह भी कहा कि 2017 से पहले यह धारणा प्रचलित थी कि मुख्यमंत्री के लिए बिजनौर जाना अशुभ है। उन्होंने इसे 'सोच की समस्या' बताते हुए कहा, 'यह वही पावन भूमि है, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण महात्मा विदुर के घर पहुँचे थे और जहाँ माँ गंगा का आशीर्वाद प्राप्त है।'
कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर दावे
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा, 'हमारी सरकार ने उत्तर प्रदेश को अपराध, दंगा, कर्फ्यू और माफिया से मुक्त बनाने का काम किया है। पहले की सरकारें अपराधियों पर नियंत्रण करने में असफल रहती थीं और धार्मिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाना उनकी मजबूरी बन जाता था।' उन्होंने कहा कि आज कांवड़ यात्रा, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, रामनवमी शोभायात्रा और दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक आयोजन शांतिपूर्वक संपन्न हो रहे हैं और प्रदेश में बेटियाँ, व्यापारी तथा किसान पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
विभाजन पर कांग्रेस को घेरा
योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश का विभाजन कांग्रेस की नीतियों का परिणाम था, जबकि इसका सबसे अधिक नुकसान विस्थापित परिवारों और सिख समुदाय को उठाना पड़ा। उन्होंने पाकिस्तान और बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचारों का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसे मामलों पर कुछ राजनीतिक दल चुप्पी साध लेते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने योगेंद्र नाथ मंडल और डॉ. भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए विभाजन के ऐतिहासिक संदर्भों को भी सामने रखा।
विस्थापितों को भूमि दस्तावेज़
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में उन्हें पाकिस्तान और बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए लगभग 3,000 लोगों को भूमि स्वामित्व संबंधी दस्तावेज़ सौंपने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि ये परिवार करीब आठ दशकों से अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे थे और अब उन्हें न्याय मिल सका है। यह ऐसे समय में आया है जब विभाजन की विरासत और विस्थापितों के अधिकार राष्ट्रीय विमर्श में फिर से केंद्र में आ गए हैं।
आगे की राह
योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार विकास, सुरक्षा और सुशासन के एजेंडे पर निरंतर कार्य कर रही है और राज्य को देश के सबसे विकसित एवं सुरक्षित राज्यों में शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। बिजनौर जनसभा को भाजपा के राजनीतिक संदेश को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और मज़बूत करने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।