क्या सीएम योगी ने प्रदेशवासियों को पत्र लिखकर यूपी को 'उपद्रव से उत्सव' की ओर बढ़ाने की बात कही?
सारांश
Key Takeaways
- प्रदेश में कृषि क्षेत्र के विकास
- महिलाओं की श्रमबल भागीदारी में वृद्धि
- मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार
- निवेश का बढ़ता रुख
- सांस्कृतिक पुनर्जागरण
लखनऊ, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राज्य की जनता के लिए एक पत्र जारी किया, जिसमें उन्होंने प्रदेश में हुए महत्वपूर्ण परिवर्तनों, विकास की दिशा और भविष्य के संकल्पों की जानकारी दी। इस पत्र में, जिसका शीर्षक 'योगी की पाती' है, उन्होंने उत्तर प्रदेश को बीमारू राज्य की छवि से बाहर लाने और इसे देश के विकास का ग्रोथ इंजन बनाने की यात्रा का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने पत्र की शुरुआत प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि हमारे प्रदेश में असीम संभावनाएं हैं, जो संघर्ष और नीतिगत उदासीनता की बेड़ियों को तोड़ते हुए बीमारू राज्य से भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बन गए हैं। हमने कानून और सुशासन की स्थापना की है।
सीएम योगी ने कहा कि कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश की खाद्य सुरक्षा का अहम हिस्सा बनकर उभरा है। 'बीन से बाजार तक' की व्यवस्था और रिकॉर्ड डीबीटी भुगतान ने अन्नदाताओं की आय में वृद्धि की है। उद्योगों का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है और पलायन और बेरोजगारी का संकट कम हो रहा है।
महिलाओं की श्रमबल में भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बेटियों के जन्म से विवाह तक आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। निराश्रित महिलाओं, वृद्धों और दिव्यांगों के लिए पेंशन की व्यवस्था की गई है। मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और हेल्थ-टेक के माध्यम से सेवाएं अधिक सुलभ हुई हैं।
सीएम योगी ने आगे कहा कि हमने जीरो पॉवर्टी लक्ष्य के साथ 6 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। डबल इंजन सरकार ने प्रदेश को 'बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू', 'रेवेन्यू डेफिसिट से रेवेन्यू सरप्लस' और 'उपद्रव से उत्सव' की ओर अग्रसर किया है।
पत्र के अंत में सीएम योगी ने कहा कि 24 जनवरी को हम उत्तर प्रदेश दिवस मना रहे हैं। यह विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को दोहराने का समय है। सभी प्रदेशवासियों को उत्तर प्रदेश दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं।