अमरनाथ यात्रा: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बालटाल बेस कैंप का निरीक्षण किया, 8 दिनों में 1.70 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 10 जुलाई 2026 को बालटाल बेस कैंप का दौरा कर बाबा अमरनाथ यात्रा की समग्र व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल, ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण केंद्र, टेंट और अन्य सुविधाओं का सीधे जाकर निरीक्षण किया तथा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ श्रद्धालुओं को निर्बाध एवं सुरक्षित यात्रा अनुभव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
यात्रा की स्थिति और श्रद्धालुओं की संख्या
उपराज्यपाल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अमरनाथ यात्रा के आठवें दिन तक लगभग 1.70 लाख श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बड़ी संख्या में तीर्थयात्री बिना पूर्व पंजीकरण के पहुँचे, लेकिन आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उनकी यात्रा भी सुचारु रूप से सुनिश्चित की गई। यह आँकड़ा यात्रा के प्रति बढ़ती आस्था और प्रशासनिक तैयारियों की सफलता दोनों को दर्शाता है।
स्वास्थ्य सेवाएँ और बुनियादी सुविधाएँ
बालटाल और चंदनवाड़ी में स्थापित 100-100 बेड के अस्पताल पूरी तरह संचालित हैं, जहाँ प्रतिदिन औसतन 1,300 से 1,400 बाह्य रोगियों (ओपीडी) का उपचार किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर आरओ पेयजल संयंत्रों की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सके। अधिकारियों ने उपराज्यपाल को बताया कि श्रद्धालुओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक प्रभावी फीडबैक प्रणाली भी स्थापित की गई है।
अवैध वसूली पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
उपराज्यपाल ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं से अधिक पैसे वसूलने या फर्जी पंजीकरण करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "चाहे वह कोई सेवा प्रदाता हो, सरकारी कर्मचारी हो या किसी संस्था से जुड़ा व्यक्ति, किसी को भी बख्शा नहीं जाए। ऐसे मामलों में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए।" इसके साथ ही उन्होंने सफाई व्यवस्था का व्यापक ऑडिट कराने और 24 घंटे निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
आर्थिक और सामाजिक महत्त्व
मनोज सिन्हा ने सेवा प्रदाताओं, सफाई कर्मचारियों, डॉक्टरों और लंगर चलाने वाले स्वयंसेवकों से मुलाकात कर उनकी निस्वार्थ सेवा की सराहना की। उन्होंने कहा कि श्री अमरनाथ यात्रा केवल श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक जीवन को ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के लोगों की आजीविका को भी मजबूत कर रही है। इस वर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ी संख्या से स्थानीय व्यापारियों तथा सेवा प्रदाताओं के लिए नए आर्थिक अवसर भी पैदा हुए हैं।
प्रशासनिक समन्वय और श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने उपराज्यपाल को सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, आवास, पेयजल, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उपराज्यपाल ने श्रद्धालुओं से भी सीधे बातचीत की, जिन्होंने प्रशासन, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड, पुलिस, सेना और सुरक्षा बलों द्वारा की गई व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि यात्रा के दौरान किसी भी असुविधा की स्थिति में तत्काल निकटतम कैंप निदेशक या सुरक्षा कर्मियों से संपर्क करें, क्योंकि प्रशासन चौबीसों घंटे उनकी सहायता के लिए तत्पर है।