क्या अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या चार लाख के करीब पहुंच गई है?

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क्या अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या चार लाख के करीब पहुंच गई है?

सारांश

अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अब तक 3.93 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं और अगले दो दिनों में यह आंकड़ा चार लाख को पार कर सकता है। जानें यात्रा की सुरक्षा और रजिस्ट्रेशन की व्यवस्थाओं के बारे में।

मुख्य बातें

अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या 3.93 लाख से अधिक हो गई है।
यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई और 9 अगस्त तक चलेगी।
दोनों बेस कैंपों पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है।
सुरक्षा के लिए 180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियाँ तैनात की गई हैं।
इस वर्ष कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है।

श्रीनगर, 30 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। अमरनाथ यात्रा के दौरान अब तक 3.93 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं। अगले दो दिनों में यह आंकड़ा चार लाख को पार कर जाने की संभावना है।

बुधवार को 1,339 यात्रियों का एक और जत्था जम्मू से घाटी के लिए रवाना हुआ। 16 वाहनों का पहला सुरक्षा काफिला 328 यात्रियों को लेकर सुबह 3.28 बजे बालटाल बेस कैंप के लिए रवाना हुआ। वहीं, 42 वाहनों का दूसरा सुरक्षा काफिला 1,017 यात्रियों को लेकर सुबह 3.48 बजे पहलगाम बेस कैंप के लिए रवाना हुआ।

इसके अलावा, कई श्रद्धालु मौके पर ही रजिस्ट्रेशन कराकर अमरनाथ यात्रा शुरू कर रहे हैं। जो लोग सीधे यात्रा के लिए पहुंच रहे हैं, उनके लिए दोनों बेस कैंपों पर रजिस्ट्रेशन की सुविधा उपलब्ध है।

श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी), जो इस यात्रा का प्रबंधन करता है, श्रद्धालुओं को बिना किसी परेशानी के यात्रा पूरी करने में मदद कर रहा है।

अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। यह यात्रा पहलगाम हमले के बाद हो रही है, जिसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी।

180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियों को सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस की मौजूदा ताकत बढ़ाने के लिए लाया गया है। जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से गुफा मंदिर तक के पूरे रास्ते और दोनों आधार शिविरों के रास्ते में सभी पारगमन शिविरों को सुरक्षा बलों ने सुरक्षित कर लिया है।

पहलगाम मार्ग का उपयोग करने वाले लोग चंदनवाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी से होकर गुफा मंदिर तक पहुंचते हैं और 46 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं।

तीर्थयात्रियों को गुफा मंदिर तक पहुंचने में चार दिन लगते हैं। वहीं, छोटे बालटाल मार्ग का उपयोग करने वालों को गुफा मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है और यात्रा पूरी करने के बाद उसी दिन आधार शिविर लौटना पड़ता है। सुरक्षा कारणों से इस वर्ष यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है।

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 38 दिनों के बाद 9 अगस्त को समाप्त होगी, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन का दिन है।

श्री अमरनाथ जी यात्रा भक्तों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक तीर्थयात्राओं में से एक है, क्योंकि किंवदंती है कि भगवान शिव ने इस गुफा के अंदर माता पार्वती को शाश्वत जीवन और अमरता के रहस्य बताए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिकता और भक्ति का प्रतीक है। सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया गया है और प्रशासन श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएँ सुनिश्चित कर रहा है। यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
20 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा कब शुरू हुई थी?
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 9 अगस्त को समाप्त होगी।
श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे किया जा सकता है?
श्रद्धालु दोनों बेस कैंपों पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
अमरनाथ यात्रा में सुरक्षा व्यवस्थाएँ कैसी हैं?
अमरनाथ यात्रा के लिए प्रशासन ने पुख्ता सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जिसमें 180 अतिरिक्त सीएपीएफ कंपनियों को तैनात किया गया है।
इस वर्ष हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध है?
सुरक्षा कारणों से इस वर्ष यात्रियों के लिए कोई हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध नहीं है।
अमरनाथ यात्रा का धार्मिक महत्व क्या है?
यह यात्रा भगवान शिव की गुफा में माता पार्वती को अमरता के रहस्य बताने की किंवदंती से जुड़ी है।
राष्ट्र प्रेस
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