11 जुलाई 2026
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अमरनाथ यात्रा 2026: मात्र 8 दिनों में 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

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अमरनाथ यात्रा 2026: मात्र 8 दिनों में 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए बाबा बर्फानी के दर्शन

सारांश

अमरनाथ यात्रा 2026 ने शुरुआत के मात्र 8 दिनों में 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आँकड़ा पार कर लिया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बालटाल का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और ठगी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। 57 दिवसीय यात्रा 28 अगस्त को संपन्न होगी।

मुख्य बातें

3 जुलाई 2026 से शुरू हुई श्री अमरनाथ यात्रा-2026 में मात्र 8 दिनों में 2,01,008 तीर्थयात्री बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
शुक्रवार को एक ही दिन में 29,507 श्रद्धालुओं ने 3,880 मीटर की ऊँचाई पर स्थित पवित्र गुफा में दर्शन किए।
शनिवार को जम्मू से 6,482 यात्रियों का जत्था 268 वाहनों के काफिले में घाटी के लिए रवाना हुआ।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बालटाल बेस कैंप का निरीक्षण किया और फर्जी पंजीकरण व अधिक वसूली पर सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए।
57 दिवसीय यात्रा 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन पर संपन्न होगी।

श्री अमरनाथ यात्रा-2026 ने 11 जुलाई 2026 को एक ऐतिहासिक पड़ाव पार किया — 3 जुलाई को यात्रा के आरंभ से मात्र 8 दिनों के भीतर कुल 2,01,008 तीर्थयात्री कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर की ऊँचाई पर स्थित पवित्र गुफा मंदिर में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। यह आँकड़ा इस वर्ष की यात्रा की असाधारण शुरुआत को रेखांकित करता है।

मुख्य घटनाक्रम

शुक्रवार को अकेले 29,507 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में दर्शन किए — देश के अलग-अलग कोनों से आए इन भक्तों ने दोनों मार्गों — बालटाल और नुनवान (पहलगाम) — से यात्रा पूरी की। शनिवार को जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से 6,482 तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था 268 वाहनों के काफिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच घाटी के लिए रवाना हुआ। इनमें 2,353 यात्री बालटाल बेस कैंप और 4,129 यात्री नुनवान बेस कैंप के लिए निकले।

रवाना हुए जत्थे में 4,838 पुरुष, 1,387 महिलाएँ, 16 बच्चे, 171 साधु और 70 साध्वियाँ शामिल हैं — जो यात्रा की सर्वसमावेशी प्रकृति को दर्शाता है।

उपराज्यपाल की समीक्षा और निर्देश

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को बालटाल बेस कैंप का दौरा कर यात्रा व्यवस्थाओं की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल, ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण केंद्र, टेंट और अन्य सुविधाओं का स्वयं निरीक्षण किया। सिन्हा ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि पंजीकरण से लेकर आवास, यात्रा मार्ग और दर्शन तक हर व्यवस्था बाधारहित और सुचारु रहे।

उपराज्यपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं से अधिक पैसे वसूलने या फर्जी पंजीकरण करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने एक्स पर लिखा, "आस्था की एक शानदार मिसाल के तौर पर पवित्र श्री अमरनाथ जी यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या सिर्फ 8 दिनों में दो लाख के पार पहुँच गई है। दोनों रास्तों पर यात्रा सुचारू रूप से चल रही है और आने वाले हफ्तों में भक्तों के लगातार आने का सिलसिला जारी रहेगा। हर हर महादेव।"

सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था

यात्रा के सुरक्षित संचालन के लिए बहु-स्तरीय सुरक्षा तंत्र तैनात है। श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और प्रशासन के समन्वय से दोनों मार्गों पर निगरानी, चिकित्सा सहायता और आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमें सक्रिय हैं। गौरतलब है कि ऊँचाई पर मौसम की अनिश्चितता को देखते हुए बेस कैंपों पर स्वास्थ्य जाँच अनिवार्य की गई है।

यात्रा का समापन और आगे की राह

इस वर्ष 57 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन के पावन अवसर पर संपन्न होगी। यदि यही गति बनी रही, तो इस वर्ष की कुल तीर्थयात्री संख्या पिछले वर्षों के रिकॉर्ड को चुनौती दे सकती है। आने वाले हफ्तों में श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि क्या प्रशासनिक तैयारी इस भीड़ के अनुपात में है। उपराज्यपाल का बालटाल दौरा और ठगी के विरुद्ध सख्त निर्देश सकारात्मक संकेत हैं, पर पिछले वर्षों में ऊँचाई पर मौसम की मार और चिकित्सा सुविधाओं की कमी से जुड़ी घटनाएँ याद दिलाती हैं कि घोषणाएँ और ज़मीनी हकीकत के बीच अंतर कभी-कभी बड़ा होता है। यात्रा के शेष 49 दिनों में यदि यही गति बनी रही, तो श्राइन बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव और बढ़ेगा — और तब असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा 2026 में अब तक कितने तीर्थयात्री दर्शन कर चुके हैं?
11 जुलाई 2026 तक, यात्रा शुरू होने के मात्र 8 दिनों में कुल 2,01,008 तीर्थयात्री बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। अकेले शुक्रवार को 29,507 श्रद्धालुओं ने पवित्र गुफा में दर्शन किए।
अमरनाथ यात्रा 2026 कब शुरू हुई और कब समाप्त होगी?
श्री अमरनाथ यात्रा-2026 की शुरुआत 3 जुलाई 2026 को हुई और यह 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा तथा रक्षा बंधन के अवसर पर संपन्न होगी। इस वर्ष यात्रा की कुल अवधि 57 दिन है।
अमरनाथ यात्रा के कौन-से दो मार्ग हैं?
अमरनाथ यात्रा दो मार्गों से होती है — बालटाल बेस कैंप और नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप। शनिवार को रवाना हुए जत्थे में 2,353 यात्री बालटाल और 4,129 यात्री नुनवान के लिए निकले।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने यात्रा को लेकर क्या निर्देश दिए?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बालटाल बेस कैंप का दौरा कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं से अधिक पैसे वसूलने या फर्जी पंजीकरण करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से निर्बाध और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने को कहा।
अमरनाथ गुफा मंदिर कितनी ऊँचाई पर स्थित है?
अमरनाथ पवित्र गुफा मंदिर कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर (लगभग 12,730 फीट) की ऊँचाई पर स्थित है। यह ऊँचाई तीर्थयात्रियों के लिए शारीरिक रूप से चुनौतीपूर्ण होती है, इसलिए बेस कैंपों पर स्वास्थ्य जाँच की व्यवस्था की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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