क्या अमरनाथ यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ रहा है? 4 दिन में 70 हजार से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

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क्या अमरनाथ यात्रा के प्रति श्रद्धालुओं में उत्साह बढ़ रहा है? 4 दिन में 70 हजार से अधिक भक्तों ने किए दर्शन

सारांश

अमरनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इस साल यात्रा की शुरुआत से ही, 70,000 से अधिक भक्तों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। स्थानीय लोगों का सहयोग और सुरक्षा व्यवस्था ने यात्रा को और भी सुरक्षित और सुगम बना दिया है।

मुख्य बातें

अमरनाथ यात्रा का आयोजन 3 जुलाई से शुरू हुआ।
70,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए।
स्थानीय लोगों का सहयोग अद्वितीय है।
सुरक्षा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
यात्रा 9 अगस्त तक चलेगी।

श्रीनगर, 7 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। अमरनाथ यात्रा को लेकर लोगों में विशाल उत्साह देखने को मिल रहा है। पिछले चार दिनों में 70 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने इस यात्रा का लाभ उठाया, जबकि 8,605 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था सोमवार को कश्मीर घाटी के लिए प्रस्थान कर गया।

अधिकारियों के अनुसार, 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में अब तक लगभग 70,000 श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। इनमें से 21,512 यात्रियों ने केवल रविवार को ही दर्शन किए। इसके अलावा, 8,605 यात्रियों का एक नया जत्था सोमवार को दो सुरक्षा काफिलों में जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से कश्मीर की ओर रवाना हुआ।

पहला काफिला 3,486 श्रद्धालुओं को लेकर उत्तर कश्मीर के बालटाल बेस कैंप जा रहा है, जबकि दूसरा काफिला 5,119 श्रद्धालुओं को लेकर दक्षिण कश्मीर के नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप की ओर बढ़ रहा है।

श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (एसएएसबी) ने बताया कि जम्मू में भगवती नगर यात्री निवास में आने वाले यात्रियों के अलावा, कई श्रद्धालु यात्रा में भाग लेने के लिए सीधे बालटाल और नुनवान (पहलगाम) में पंजीकरण कराने भी पहुँच रहे हैं।

सुरक्षा के लिए सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस के साथ सीएपीएफ की 180 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं। पूरे मार्ग की सुरक्षा बलों द्वारा पूरी तरह से निगरानी की जा रही है।

इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा में स्थानीय लोगों ने भरपूर सहयोग दिया है, जैसा कि वे हमेशा करते रहे हैं। पहलगाम में आतंकी हमले के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए, स्थानीय लोग पहले जत्थे के श्रद्धालुओं का स्वागत करने में सबसे पहले पहुंचे। जैसे ही यात्री नौगाम सुरंग पार कर काजीगुंड में पहुंचे, स्थानीय लोगों ने उनका दिल से स्वागत किया।

रविवार को स्थानीय लोगों ने उत्तरी कश्मीर के गांदरबल जिले में बालटाल बेस कैंप से लौटते यात्रियों को कोल्ड ड्रिंक और शुद्ध पानी प्रदान किया। यात्रियों ने स्थानीय लोगों की मेहमाननवाजी को खुले दिल से स्वीकार किया और कश्मीरियों के इस प्यार के लिए धन्यवाद किया।

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को आरंभ हुई थी और यह 38 दिनों तक चलेगी, समाप्ति 9 अगस्त को होगी।

श्री अमरनाथ जी यात्रा भक्तों के लिए सबसे पवित्र धार्मिक तीर्थयात्राओं में से एक है, क्योंकि मान्यता है कि भगवान शिव ने इस गुफा में माता पार्वती को अमरता का रहस्य बताया था।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह कश्मीर की सांस्कृतिक एकता और स्थानीय लोगों की मेहमाननवाजी का भी उदाहरण है। देशभर से श्रद्धालुओं का आना इस यात्रा की महत्ता को दर्शाता है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और स्थानीय सहयोग को बढ़ावा देना, इस यात्रा को सफल बनाने की कुंजी है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरनाथ यात्रा कब शुरू हुई?
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी।
इस वर्ष कितने श्रद्धालुओं ने दर्शन किए?
पिछले चार दिनों में 70 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
सुरक्षा के लिए कौन-कौन सी एजेंसियां तैनात हैं?
इस यात्रा के लिए सेना, बीएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और स्थानीय पुलिस सहित 180 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं।
अमरनाथ यात्रा का समापन कब होगा?
अमरनाथ यात्रा 9 अगस्त को समाप्त होगी।
स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं की मदद कैसे की?
स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें ठंडा पानी और पेय पदार्थ प्रदान किए।
राष्ट्र प्रेस
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