एनएचएम की 'बेस्ट प्रैक्टिसेज' मासिक वेबिनार सीरीज शुरू, 500 से अधिक अधिकारी जुड़े
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 11 जुलाई 2026 को विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत 'बेस्ट प्रैक्टिसेज' पर एक मासिक वेबिनार सीरीज का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य देशभर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सफल स्वास्थ्य नवाचारों की पहचान कर उन्हें व्यापक स्तर पर साझा करना है।
पहल की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
मंत्रालय के अनुसार, यह पूरे वर्ष चलने वाला ज्ञान-साझाकरण मंच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक साझा मंच पर लाएगा, जहाँ वे अपने सफल स्वास्थ्य कार्यक्रमों, स्थानीय स्तर पर विकसित समाधानों और उनके प्रभावों को प्रस्तुत कर सकेंगे। इसका मूल लक्ष्य ऐसे प्रमाण-आधारित तरीकों को प्रोत्साहित करना है, जिन्हें अन्य क्षेत्रों में भी अपनाकर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुँच को बेहतर बनाया जा सके।
पहले वेबिनार की अध्यक्षता और मुख्य संदेश
इस सीरीज के पहले वेबिनार की अध्यक्षता स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव एवं एनएचएम मिशन निदेशक आराधना पटनायक ने की। उन्होंने कहा कि नवाचार तेज, प्रभावी और मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली की नींव है। पटनायक ने यह भी रेखांकित किया कि राज्य और जिला स्तर की टीमें अक्सर कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में इतनी व्यस्त रहती हैं कि उनके बेहतरीन नवाचार व्यापक पहचान से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रणाली संसाधन केंद्र (एनएचएसआरसी) को इन नवाचारों के दस्तावेजीकरण और प्रस्तुतीकरण में तकनीकी सहयोगी के रूप में नामित किया।
पहले वेबिनार में प्रस्तुत राज्यों के मॉडल
पहला वेबिनार 'एनीमिया, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य' विषय पर केंद्रित था। तीन राज्यों ने अपने अभिनव स्वास्थ्य मॉडल साझा किए:
झारखंड ने 'एनीमिया मुक्त भारत टी4 ऐप' और 'इंटीग्रेटेड होम-बेस्ड न्यूबॉर्न केयर (एचबीएनसी)-होम-बेस्ड यंग चाइल्ड केयर (एचबीवाईसी) होम विजिट पहल' प्रस्तुत की। छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत 'चिरायु दिवस' मॉडल साझा किया। मध्य प्रदेश ने किशोरों में बढ़ते मोटापे से निपटने की अपनी विशेष पहल प्रस्तुत की।
भागीदारी और आगे की राह
इस वेबिनार में राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर के 500 से अधिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। मंत्रालय के अनुसार, यह व्यापक भागीदारी स्वास्थ्य क्षेत्र में आपसी सीख और सहयोग के प्रति अधिकारियों की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। गौरतलब है कि यह पहल ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को विकेंद्रीकृत और नवाचार-आधारित बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। आने वाले महीनों में इस सीरीज के तहत विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर और वेबिनार आयोजित किए जाएंगे, जिनमें अधिक राज्यों की भागीदारी की उम्मीद है।