30 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या नॉर्वे-भारत की साझेदारी सहयोगात्मक नवाचार का प्रमाण है?: राजदूत मे-एलिन स्टेनर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या नॉर्वे-भारत की साझेदारी सहयोगात्मक नवाचार का प्रमाण है?: राजदूत मे-एलिन स्टेनर

सारांश

भारत और नॉर्वे के बीच की साझेदारी ने स्वास्थ्य क्षेत्र में कई लाभ प्रदान किए हैं। राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने एनआईपीआई की वार्षिक बैठक में इसकी उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। जानें इस साझेदारी के महत्व और स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग के नए आयामों के बारे में।

मुख्य बातें

नॉर्वे-भारत साझेदारी स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोगात्मक नवाचार को प्रमोट करती है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बैठक की अध्यक्षता की।
भविष्य की कार्य योजनाओं में नवाचार और सर्वोत्तम प्रथाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया।
भारत सरकार समग्र सरकारी दृष्टिकोण से परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रयासरत है।
राष्ट्रीय एकता दिवस पर अधिकारियों ने सुरक्षा की शपथ ली।

नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने शुक्रवार को नॉर्वे-भारत साझेदारी पहल (एनआईपीआई) की वार्षिक बैठक में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि लगभग दो दशकों से चल रही यह साझेदारी सहयोगात्मक नवाचार का अद्वितीय उदाहरण है, जिसने स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण लाभ प्रदान किए हैं। स्वास्थ्य साझेदारी को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है!

एनआईपीआई की वार्षिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने बताया कि किस प्रकार एनआईपीआई सहयोगात्मक प्रयासों की शक्ति को उजागर करता है। उन्होंने भारत की समग्र सरकारी दृष्टिकोण के माध्यम से नवाचार को आगे बढ़ाने और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

बैठक में एनआईपीआई प्रगति रिपोर्ट 2025 की समीक्षा की गई और 2025-26 के लिए कार्य योजनाओं को स्वीकृति दी गई, जिसमें स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग, नवाचार और साझा सर्वोत्तम प्रथाओं पर भारत के निरंतर ध्यान को रेखांकित किया गया।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि एनआईपीआई दर्शाता है कि कैसे प्रयासों का अभिसरण परिणाम प्राप्त कर सकता है। भारत सरकार भी वांछित परिणामों को प्राप्त करने के लिए समग्र सरकारी दृष्टिकोण के माध्यम से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ समन्वय में काम कर रही है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने इस पहल के तहत सर्वोत्तम प्रथाओं को अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने के लिए साझा करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। मे-एलिन स्टेनर ने कहा कि इस साझेदारी के माध्यम से नवीन और उत्प्रेरक हस्तक्षेप हुए हैं जिनसे महत्वपूर्ण परिणाम प्राप्त करने में मदद मिली है।

31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों के साथ भारत की एकता, अखंडता और सुरक्षा की शपथ ली। अधिकारियों ने राष्ट्र की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में योगदान देने का भी संकल्प लिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान भी प्रस्तुत करता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नॉर्वे-भारत साझेदारी पहल (एनआईपीआई) क्या है?
एनआईपीआई एक सहयोगात्मक पहल है जो नॉर्वे और भारत के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ावा देती है।
इस साझेदारी के लाभ क्या हैं?
यह साझेदारी स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार, सर्वोत्तम प्रथाओं का साझा करना और दोनों देशों के बीच समन्वय को बढ़ावा देती है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले