18 जुलाई 2026
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पंजाब कांग्रेस में अंतर्कलह के बीच विधायक राणा गुरजीत सिंह का दावा — 'पार्टी सही दिशा में, सब ठीक'

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पंजाब कांग्रेस में अंतर्कलह के बीच विधायक राणा गुरजीत सिंह का दावा — 'पार्टी सही दिशा में, सब ठीक'

सारांश

पंजाब कांग्रेस में 90 से अधिक नेताओं के गुट की बगावत और भूपेश बघेल की सुलह कोशिशों के बाद भी गतिरोध बरकरार है। विधायक राणा गुरजीत सिंह का 'सब ठीक' वाला बयान पार्टी की छवि बचाने की कवायद लग रही है, जबकि PM मोदी ने जालंधर में इसी कलह पर सीधा निशाना साधा।

मुख्य बातें

कपूरथला विधायक राणा गुरजीत सिंह ने 18 जुलाई को दावा किया कि पंजाब कांग्रेस में 'सब कुछ ठीक है' और पार्टी सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
कथित तौर पर 90 से अधिक नेताओं के गुट ने प्रदेश अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह वड़िंग को हटाने की माँग की थी।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनका गुट कथित तौर पर आलाकमान के फैसले से नाखुश है।
कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल का पंजाब दौरा और सुलह की बैठकें कथित तौर पर असफल रहीं।
PM मोदी ने जालंधर की जनसभा में कांग्रेस की 'कुर्सी की लड़ाई' पर सीधा कटाक्ष किया।

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व विवाद और गुटबाजी की चर्चाओं के बीच कपूरथला से विधायक राणा गुरजीत सिंह ने 18 जुलाई को दावा किया कि पार्टी में सब कुछ ठीक है और कांग्रेस सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उनका यह बयान ऐसे समय आया जब पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले राज्य कांग्रेस इकाई में नेतृत्व को लेकर खींचतान सार्वजनिक रूप से सामने आ चुकी है।

विधायक का बयान

राणा गुरजीत सिंह ने कहा, 'सब कुछ ठीक है। कांग्रेस सही दिशा में आगे बढ़ रही है। पार्टी आलाकमान इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहा है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब में कांग्रेस ही जीतेगी और सरकार बनाएगी, चाहे नेतृत्व किसी का भी हो।

हालिया बैठकों पर उन्होंने कहा, 'बातचीत से हमेशा सकारात्मक नतीजे निकलते हैं। मतभेदों से नकारात्मकता पैदा हो सकती है, लेकिन बातचीत हो रही है और चीजें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं।'

PM मोदी का कटाक्ष

राणा गुरजीत सिंह के इस बयान से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह पर तीखा कटाक्ष किया। मोदी ने कहा, 'पंजाब में कांग्रेस में कुर्सी का किस्सा ही खत्म नहीं होता। ये इसलिए नहीं लड़ रहे कि पंजाब का हित कैसे होगा, इनकी लड़ाई इसलिए है कि इनकी जो कुर्सी है, वो किसके पास रहेगी।'

कांग्रेस में नेतृत्व विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि कांग्रेस आलाकमान ने राजा अमरिंदर सिंह वड़िंग को राज्य इकाई का प्रमुख बनाए रखा है, लेकिन कथित तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके गुट के नेता इस फैसले से नाखुश बताए जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, 90 से अधिक नेताओं वाले एक प्रतिद्वंद्वी गुट ने वड़िंग को हटाने की माँग की थी।

पार्टी में गतिरोध को दूर करने के उद्देश्य से कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने हाल ही में राज्य का दौरा किया और नेताओं के बीच नाराजगी दूर करने की कोशिश की। हालाँकि, बैठकों का यह दौर कथित तौर पर असफल रहा।

आम जनता और चुनाव पर असर

आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले इस आंतरिक विवाद का सीधा असर पार्टी की चुनावी तैयारियों पर पड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गुटबाजी खुलकर सामने आने से मतदाताओं में पार्टी की एकजुटता को लेकर संशय बढ़ सकता है। राणा गुरजीत सिंह का यह बयान पार्टी की छवि को संभालने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन असली परीक्षा आलाकमान के अगले कदम पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि ज़मीन पर तस्वीर अलग होती है। 90 से अधिक नेताओं का एकजुट होकर प्रदेश अध्यक्ष को हटाने की माँग करना और भूपेश बघेल की सुलह कोशिशों का नाकाम रहना — ये दोनों तथ्य बयान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं। विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की खुली गुटबाजी पार्टी की चुनावी रणनीति को कमज़ोर कर सकती है, और PM मोदी का जालंधर में इसी मुद्दे पर सीधा हमला दिखाता है कि विपक्ष इस कलह को कितनी तेज़ी से भुनाने में लगा है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व विवाद क्या है?
कथित तौर पर 90 से अधिक नेताओं के एक गुट ने प्रदेश अध्यक्ष राजा अमरिंदर सिंह वड़िंग को हटाने की माँग की है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक आलाकमान के फैसले से नाखुश बताए जा रहे हैं।
राणा गुरजीत सिंह ने पंजाब कांग्रेस की कलह पर क्या कहा?
कपूरथला विधायक राणा गुरजीत सिंह ने 18 जुलाई को दावा किया कि पार्टी में सब कुछ ठीक है और कांग्रेस सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि बातचीत से सकारात्मक नतीजे निकलते हैं और पंजाब में कांग्रेस ही सरकार बनाएगी।
भूपेश बघेल का पंजाब दौरा क्यों हुआ और क्या नतीजा रहा?
कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल ने पंजाब में नेताओं के बीच नाराजगी दूर करने और गुटबाजी खत्म करने के लिए राज्य का दौरा किया था। हालाँकि, रिपोर्टों के अनुसार सुलह की बैठकों का यह दौर असफल रहा।
PM मोदी ने पंजाब कांग्रेस की कलह पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जालंधर की जनसभा में कहा कि पंजाब में कांग्रेस में 'कुर्सी का किस्सा खत्म नहीं होता' और पार्टी नेता पंजाब के हित की नहीं, बल्कि कुर्सी की लड़ाई लड़ रहे हैं।
पंजाब कांग्रेस का यह विवाद चुनाव पर कैसे असर डाल सकता है?
आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले खुली गुटबाजी पार्टी की एकजुटता और चुनावी तैयारियों को कमज़ोर कर सकती है। विपक्ष पहले से ही इस कलह को मुद्दा बना रहा है, जिससे मतदाताओं में पार्टी की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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