पाकिस्तान में पेट्रोल ₹316.15 और डीजल ₹354.35 प्रति लीटर, अब रोज़ाना तय होंगी ईंधन कीमतें
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान सरकार ने 18 जुलाई 2026 को पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान किया — पेट्रोल 5.44 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और डीजल 31.05 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ है। नई दरें शनिवार से लागू होकर 20 जुलाई तक प्रभावी रहेंगी। इसके साथ ही सरकार ने एक बड़े नीतिगत बदलाव की घोषणा करते हुए कहा कि अब ईंधन की कीमतें पाक्षिक या साप्ताहिक नहीं, बल्कि रोज़ाना तय की जाएंगी।
नई कीमतें और कर का बोझ
बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमत 316.15 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल की कीमत 354.35 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर हो गई है। उल्लेखनीय है कि सरकार फिलहाल पेट्रोल और डीजल पर लगभग 105 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर विभिन्न करों और शुल्कों के रूप में वसूल रही है, जिनमें कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी, क्लाइमेट सपोर्ट लेवी और इनलैंड फ्रेट इक्वलाइजेशन मार्जिन (IFEM) शामिल हैं।
रोज़ाना मूल्य निर्धारण की नई व्यवस्था
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने घोषणा की कि ईरान-अमेरिका तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के मद्देनज़र यह फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि वज़ीर-ए-आज़म और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) को अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के आधार पर प्रतिदिन ईंधन की कीमतें तय करने की ज़िम्मेदारी सौंपी है। OGRA अब अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर कीमतों के साथ-साथ उनके निर्धारण का आधार भी सार्वजनिक करेगा।
गौरतलब है कि मार्च 2026 की शुरुआत से पाकिस्तान सरकार हर सप्ताह ईंधन कीमतों की समीक्षा कर रही थी। मध्य पूर्व में संघर्ष के चलते संभावित तेल आपूर्ति संकट को देखते हुए अप्रैल में लक्षित ईंधन सब्सिडी और बचत उपाय भी लागू किए गए थे। रोज़ाना मूल्य निर्धारण की व्यवस्था इसी दिशा में अगला कदम है।
डीलर्स का विरोध
ऑल पाकिस्तान डीलर्स एसोसिएशन ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। संगठन ने कहा है कि वह अगले सप्ताह इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन की रणनीति तैयार करेगा। डीलर्स का तर्क है कि रोज़ाना बदलती कीमतें ईंधन व्यापार में अनिश्चितता पैदा करेंगी और परिचालन जटिलताएँ बढ़ाएंगी।
आम जनता पर असर
पेट्रोल का उपयोग मुख्य रूप से निजी वाहनों, मोटरसाइकिलों, ऑटो-रिक्शा और छोटे वाहनों में होता है, इसलिए इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग पर पड़ेगा। वहीं, डीजल का उपयोग भारी परिवहन, बिजली संयंत्रों और बड़े जनरेटरों में होने के कारण इसकी बढ़ी कीमत से माल ढुलाई लागत और आवश्यक वस्तुओं के दाम भी प्रभावित होने की आशंका है। यह ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान पहले से ही ऊँची महंगाई दर से जूझ रहा है।
आगे क्या होगा
OGRA द्वारा रोज़ाना मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया कब से पूरी तरह लागू होगी, इसकी स्पष्ट समयसीमा अभी सामने नहीं आई है। डीलर्स एसोसिएशन के संभावित विरोध प्रदर्शन और सरकार की प्रतिक्रिया पर अगले कुछ दिनों में स्थिति और स्पष्ट होगी।