18 जुलाई 2026
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सर गैरी सोबर्स के निधन पर सचिन-कोहली भावुक, लिखा — 'यकीन करना मुश्किल है'

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सर गैरी सोबर्स के निधन पर सचिन-कोहली भावुक, लिखा — 'यकीन करना मुश्किल है'

सारांश

सर गारफील्ड सोबर्स के निधन ने क्रिकेट की एक पूरी पीढ़ी को झकझोर दिया। सचिन तेंदुलकर ने लंदन की आखिरी मुलाकात और 2003 वर्ल्ड कप की यादें साझा कीं, तो विराट कोहली ने उन्हें खेल की महानतम हस्ती बताया — एक ऐसे दिग्गज को विदाई जिन्होंने ऑलराउंड उत्कृष्टता को नए सिरे से परिभाषित किया।

मुख्य बातें

सर गारफील्ड सोबर्स का 89 वर्ष की आयु में बारबाडोस में निधन हो गया।
सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर लिखा — ' 2003 वर्ल्ड कप ' और ' लंदन की आखिरी मुलाकात' को याद करते हुए भावुक श्रद्धांजलि दी।
विराट कोहली ने सोबर्स को 'क्रिकेट की महानतम हस्तियों में से एक' बताया।
पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज और ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर ने भी संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
सोबर्स की विरासत में टेस्ट क्रिकेट में नाबाद 365 रन और फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड शामिल है।

वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स के 89 वर्ष की आयु में बारबाडोस में निधन के बाद क्रिकेट जगत गहरे शोक में डूब गया है। 18 जुलाई 2026 को उनके जाने की खबर फैलते ही दुनिया भर के पूर्व और मौजूदा क्रिकेटरों ने सोशल मीडिया पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली समेत कई दिग्गजों ने उन्हें क्रिकेट इतिहास का अपरिहार्य स्तंभ बताया।

सचिन तेंदुलकर की भावुक श्रद्धांजलि

सचिन तेंदुलकर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'यह यकीन करना बहुत मुश्किल है कि सर गैरी अब हमारे बीच नहीं रहे। मैं उन यादों को याद कर रहा हूँ जो हमने वर्षों में साथ बनाई थीं। 2003 वर्ल्ड कप में उनका मुझे 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' की ट्रॉफी देना हो या शतक का मील का पत्थर छूने पर उनकी तारीफ भरे शब्द।'

तेंदुलकर ने आगे लिखा, 'वह हमेशा बहुत ही विनम्र और अच्छे स्वभाव वाले इंसान रहे। मेरा मन बार-बार उस समय की ओर जाता है जब हम कुछ साल पहले लंदन में मिले थे। हम बस बैठकर खेल के बारे में बातें कर रहे थे, और अब यह बात मुझे बहुत गहराई से महसूस हो रही है कि वह हमारी आखिरी मुलाकात थी। वह सच में बेमिसाल थे। उनकी बहुत याद आएगी। भगवान आपकी आत्मा को शांति दे, सर गैरी।'

गौरतलब है कि सोबर्स ने 2003 वनडे वर्ल्ड कप में भारत के उपविजेता रहने के बाद तेंदुलकर को 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' का पुरस्कार दिया था। इसके अलावा, जब सचिन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतकों का शतक पूरा किया, तब भी सोबर्स ने उन्हें सम्मानित किया था।

विराट कोहली और मिताली राज की संवेदनाएँ

विराट कोहली ने एक्स पर लिखा, 'क्रिकेट ने अपनी महानतम हस्तियों में से एक को खो दिया है। भगवान आपकी आत्मा को शांति दे, सर गारफील्ड सोबर्स। आपकी विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।' कोहली ने सोबर्स को खेल की सर्वकालिक महान हस्तियों में गिना।

भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज ने भी अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हुए लिखा, 'सर गारफील्ड सोबर्स के निधन से बहुत दुख हुआ। एक सच्चे दिग्गज जिनकी विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। उनके परिवार और क्रिकेट जगत के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएँ। उनकी आत्मा को शांति मिले।'

शार्दुल ठाकुर और एंजेलो मैथ्यूज की यादें

भारत के ऑलराउंडर शार्दुल ठाकुर ने सुनील गावस्कर के साथ हाल की बातचीत का हवाला देते हुए कहा, 'मुश्किल से 10 दिन पहले ही मेरी गावस्कर सर से बातचीत हुई थी, जब उन्होंने सर गारफील्ड सोबर्स का जिक्र किया और उनकी बहुत तारीफ की थी। यह दुख की बात है कि शुक्रवार को हमने उन्हें खो दिया। सर गारफील्ड सोबर्स की आत्मा को शांति मिले, जो एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले व्यक्ति थे।'

श्रीलंका के पूर्व कप्तान एंजेलो मैथ्यूज ने सोबर्स को महानता का मानक बताते हुए लिखा, 'सर गारफील्ड सोबर्स न केवल क्रिकेट के महानतम खिलाड़ियों में से एक थे, बल्कि उन्होंने महानता का मानक भी स्थापित किया। एक ऐसे आइकन जिनका हुनर, विनम्रता और विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रही है। हमारे इस खूबसूरत खेल को जो कुछ भी आपने दिया, उसके लिए धन्यवाद सर गैरी।'

सोबर्स की अमर विरासत

क्रिकेट इतिहास के महानतम ऑलराउंडर माने जाने वाले सोबर्स ने बल्लेबाज, गेंदबाज और फील्डर — तीनों भूमिकाओं में असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी विरासत में टेस्ट क्रिकेट में तत्कालीन विश्व रिकॉर्ड नाबाद 365 रन की पारी और फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज होने का गौरव शामिल है। यह ऐसे समय में आया है जब क्रिकेट जगत पहले से ही कई दिग्गजों को खो चुका है — सोबर्स का जाना उस पीढ़ी के अंत का प्रतीक है जिसने आधुनिक क्रिकेट की नींव रखी।

संपादकीय दृष्टिकोण

गेंद और मैदान पर एक साथ खेल की परिभाषा बदल सकता था। सचिन का यह कहना कि लंदन की मुलाकात 'आखिरी' साबित हुई, इस बात की याद दिलाता है कि महानता कितनी खामोशी से विदा लेती है। मुख्यधारा की कवरेज श्रद्धांजलियों तक सिमटी रही, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या क्रिकेट बोर्ड और ICC सोबर्स जैसे दिग्गजों की विरासत को संस्थागत रूप से सहेजने की दिशा में कोई ठोस कदम उठाएंगे — या यह भी बस एक भावुक पोस्ट तक सीमित रह जाएगा।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सर गारफील्ड सोबर्स का निधन कब और कहाँ हुआ?
सर गारफील्ड सोबर्स का निधन 89 वर्ष की आयु में बारबाडोस में हुआ। उनके जाने की खबर 18 जुलाई 2026 को सामने आई, जिसके बाद क्रिकेट जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
सचिन तेंदुलकर ने सोबर्स के निधन पर क्या लिखा?
सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर लिखा कि 'यह यकीन करना बहुत मुश्किल है कि सर गैरी अब हमारे बीच नहीं रहे।' उन्होंने 2003 वर्ल्ड कप में 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' ट्रॉफी देने और लंदन में हुई आखिरी मुलाकात को याद किया।
सर गारफील्ड सोबर्स की क्रिकेट विरासत क्या है?
सोबर्स को क्रिकेट इतिहास का महानतम ऑलराउंडर माना जाता है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में तत्कालीन विश्व रिकॉर्ड नाबाद 365 रन बनाए और फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले बल्लेबाज बने।
विराट कोहली ने सोबर्स को श्रद्धांजलि में क्या कहा?
विराट कोहली ने एक्स पर लिखा, 'क्रिकेट ने अपनी महानतम हस्तियों में से एक को खो दिया है।' उन्होंने कहा कि सोबर्स की विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
शार्दुल ठाकुर ने सोबर्स के बारे में क्या साझा किया?
शार्दुल ठाकुर ने बताया कि सोबर्स के निधन से मात्र 10 दिन पहले सुनील गावस्कर ने उनसे बातचीत में सोबर्स की जमकर तारीफ की थी। ठाकुर ने उन्हें एक ओवर में छह छक्के लगाने वाले पहले क्रिकेटर के रूप में याद किया।
राष्ट्र प्रेस
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