सचिन तेंदुलकर ने विंबलडन में फेडरर से मुलाकात के बाद एक्स पर लिखा भावुक संदेश
सारांश
मुख्य बातें
सचिन तेंदुलकर ने 11 जुलाई को विंबलडन में टेनिस के महान खिलाड़ी रोजर फेडरर से मुलाकात के बाद एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक भावुक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने दोनों की गहरी दोस्ती को शब्दों में पिरोया। सचिन ने लिखा, 'कुछ रैलियां कभी खत्म नहीं होतीं। हमारी दोस्ती उनमें से एक है। रोजर, आपके साथ समय बिताना हमेशा अच्छा लगता है। जब तक हम फिर से नहीं मिलते।'
रॉयल बॉक्स में जमा हुईं खेल जगत की दिग्गज हस्तियाँ
सचिन तेंदुलकर शुक्रवार को खेले गए पुरुष एकल सेमीफाइनल के दौरान प्रतिष्ठित रॉयल बॉक्स में विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ भारत के वनडे कप्तान शुभमन गिल भी मौजूद थे, जिनके लिए रॉयल बॉक्स से विंबलडन देखने का यह पहला अवसर था। गिल इंग्लैंड दौरे के बीच समय निकालकर इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट का हिस्सा बने।
रॉयल बॉक्स में फुटबॉल स्टार और लिवरपूल के कप्तान वर्जिल वैन डाइक तथा लीड्स यूनाइटेड के चेयरमैन पराग मराठे भी उपस्थित रहे। खेल जगत की इन तमाम हस्तियों की एक साथ मौजूदगी ने विंबलडन के इस सेमीफाइनल को और भी यादगार बना दिया।
सचिन-लारा की मुलाकात ने जगाई पुरानी यादें
इस दौरान पूर्व वेस्टइंडीज कप्तान ब्रायन लारा के साथ सचिन की बातचीत ने क्रिकेट प्रशंसकों को उस स्वर्णिम युग की याद दिला दी जब दोनों मैदान पर एक-दूसरे के सबसे कड़े प्रतिद्वंद्वी हुआ करते थे। संन्यास के बाद दोनों कई प्रदर्शनी और चैरिटी मैचों में एक साथ खेल चुके हैं और उनकी दोस्ती आज भी उतनी ही मज़बूत है।
ज्वेरेव ने रचा इतिहास, पहली बार विंबलडन फाइनल में
मैच में जर्मनी के दूसरी वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने ब्रिटेन के युवा खिलाड़ी आर्थर फेरी को सीधे सेटों में 7-6 (7-0), 6-2, 6-4 से हराकर पहली बार विंबलडन फाइनल में प्रवेश किया। शुरुआती सेट में कड़ी चुनौती के बाद टाईब्रेक जीतते ही ज्वेरेव ने मैच पर पूरी पकड़ बना ली।
पिछले महीने फ्रेंच ओपन का खिताब जीत चुके ज्वेरेव अब अपने करियर के पाँचवें ग्रैंड स्लैम फाइनल में पहुँच गए हैं। विंबलडन में यह उनका पहला खिताबी मुकाबला होगा। इस जीत के साथ ग्रैंड स्लैम मुकाबलों में उनकी लगातार जीत का सिलसिला 13 मैचों तक पहुँच गया है।
आगे क्या
ज्वेरेव की नज़र अब लगातार दूसरे ग्रैंड स्लैम खिताब पर होगी, जो उन्हें टेनिस के शीर्ष खिलाड़ियों की कतार में और मज़बूती से खड़ा करेगा। वहीं सचिन और फेडरर की यह दोस्ती खेल जगत में दो अलग-अलग खेलों के महान खिलाड़ियों के बीच के उस अनूठे रिश्ते की मिसाल बन गई है जो मैदान से परे भी कायम रहता है।