15 वर्षों बाद भी, सचिन तेंदुलकर ने वनडे विश्व कप 2011 की अविस्मरणीय जीत को किया याद
सारांश
Key Takeaways
- सचिन तेंदुलकर का विश्व कप जीतने का सपना 2011 में पूरा हुआ।
- उन्होंने 9 मैचों में 482 रन बनाए।
- भारत ने श्रीलंका को फाइनल में हराकर जीत हासिल की।
- यह जीत भारतीय क्रिकेट का एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
- तेंदुलकर ने सभी प्रशंसकों का धन्यवाद किया।
मुंबई, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हर क्रिकेट प्रेमी का सपना होता है कि वह अपने देश के लिए विश्व कप जीते। सचिन तेंदुलकर ने भी भारत के लिए विश्व कप जीतने का सपना संजोया था जब उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी।
सचिन तेंदुलकर ने नवंबर 1989 में अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की। उनके विश्व कप जीतने का सपना 2 अप्रैल 2011 को पूरा हुआ, जब एमएस धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को हराकर विश्व कप जीता। यह भारत का दूसरा वनडे विश्व कप था।
तेंदुलकर ने इस ऐतिहासिक मौके पर एक्स पर एक भावुक वीडियो साझा किया, जिसमें वह बल्लेबाजी करते नज़र आ रहे हैं। इस जीत की 15वीं वर्षगांठ पर उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा, "पहली गेंद आपके दिल की धड़कन बढ़ा देती है, और उस रात, यह कभी नहीं रुका। 15 साल बाद भी, यह हमारे साथ है। हम सभी युवा क्रिकेटरों ने एक ही सपने के साथ एकजुट होकर भारत के लिए विश्व कप जीतने का सपना देखा।"
उन्होंने आगे लिखा, "इस यात्रा का हिस्सा बने सभी लोगों और सभी प्रशंसकों का धन्यवाद, जिन्होंने इसे हमारे साथ साझा किया और इसे इतना खास बनाया। जय हिंद।"
सचिन तेंदुलकर ने 2011 के वनडे विश्व कप में भारतीय टीम को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह इस टूर्नामेंट में दूसरे सर्वश्रेष्ठ स्कोरर रहे, जहां उन्होंने 9 मैचों में 2 शतक और 2 अर्धशतक लगाते हुए 482 रन बनाए। उनके बाद श्रीलंका के तिलकरत्ने दिलशान थे, जिन्होंने 500 रन बनाए थे।