राष्ट्रीय शूटर दमयंती सेन 48 घंटे बाद सुरक्षित घर लौटीं, लापता होने की वजह अब भी रहस्य
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज दमयंती सेन 48 घंटों से अधिक समय तक लापता रहने के बाद शनिवार, 19 जुलाई की सुबह सुरक्षित अपने घर लौट आईं। हावड़ा जिले के रामकृष्णपुर फेरी जेटी के निकट उन्हें पहचाने जाने के बाद उनके पिता ध्रुवज्योति सेन उन्हें घर ले आए। हालांकि, उनके दो दिनों तक लापता रहने की वजह अब भी स्पष्ट नहीं है और पुलिस की विशेष जांच टीम मामले की तह तक पहुँचने में जुटी है।
कैसे हुई गुमशुदगी
गुरुवार दोपहर दमयंती सेन घरेलू सामान खरीदने के लिए घर से निकली थीं। उनके पास उस समय मोबाइल फोन भी था, लेकिन वह घर वापस नहीं लौटीं। काफी देर तक संपर्क न होने पर परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई, जिसके बाद अधिकारियों ने उनकी तलाश में चार विशेष टीमें सक्रिय कर दीं।
मुख्य घटनाक्रम: दो स्थानों पर दिखीं
लापता रहने के दौरान दमयंती को दो अलग-अलग स्थानों पर देखा गया। गुरुवार को हावड़ा रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में वह प्लेटफॉर्म नंबर 4 और 5 के बीच घूमती नजर आईं। इसके बाद शुक्रवार को हुगली जिले के सेरामपुर में आयोजित प्रसिद्ध महेश रथ यात्रा के दौरान भी उन्हें देखे जाने की सूचना मिली। यह जानकारी सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैली, जिससे पुलिस की खोज और तेज़ हो गई।
कैसे मिलीं दमयंती
शनिवार सुबह हावड़ा के रामकृष्णपुर फेरी जेटी के पास सुबह की सैर पर निकले कुछ लोगों ने दमयंती को बिना किसी स्पष्ट उद्देश्य के घूमते हुए देखा। उन्होंने दमयंती को पहचान लिया और तत्काल उनके परिवार को सूचित किया। इसके बाद उनके पिता ध्रुवज्योति सेन मौके पर पहुँचे और बेटी को सुरक्षित घर ले आए।
दमयंती सेन कौन हैं
दमयंती सेन पश्चिम बंगाल की उभरती हुई प्रतिभाशाली निशानेबाजों में गिनी जाती हैं। वह हाल ही में राष्ट्रीय टीम के ट्रायल्स के लिए चयनित हुई थीं। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब खेल जगत में युवा प्रतिभाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं।
जांच की स्थिति
अधिकारियों के अनुसार, पुलिस द्वारा गठित विशेष जांच दल पूरे मामले की बारीकी से जाँच कर रहा है। परिवार और जांच एजेंसियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुँचा जाएगा। आगे की जांच में सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों को आधार बनाया जाएगा।