हावड़ा स्टेशन पर आखिरी बार दिखीं 15 वर्षीय शूटर दमयंती सेन, पश्चिम बंगाल पुलिस की तलाश जारी
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय स्तर की 15 वर्षीय शूटर दमयंती सेन 17 जुलाई 2025 को पश्चिम बंगाल में रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गईं। हावड़ा रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज में उन्हें प्लेटफॉर्म 4 और 5 के बीच देखा गया, जो अब तक उनका आखिरी ज्ञात ठिकाना है। हाल ही में राष्ट्रीय टीम ट्रायल के लिए चयनित दमयंती गुरुवार दोपहर घरेलू सामान खरीदने निकली थीं और देर शाम तक घर नहीं लौटीं।
घटनाक्रम: कैसे लापता हुईं दमयंती
सेंट्रल हावड़ा के उमाचरण भट्टाचार्जी लेन निवासी दमयंती गुरुवार दोपहर मोबाइल फोन लेकर घर से निकली थीं। जब काफी समय बीत जाने के बाद भी वह नहीं लौटीं, तो परिवार ने पहले रिश्तेदारों, मित्रों और शूटिंग अकादमी के साथियों से संपर्क किया। हर प्रयास विफल रहने पर परिजनों ने स्थानीय पुलिस थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।
सीसीटीवी फुटेज में मिला अहम सुराग
शिकायत दर्ज होते ही पुलिस ने जाँच शुरू की और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हावड़ा स्टेशन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग में दमयंती को प्लेटफॉर्म संख्या 4 और 5 के बीच घूमते हुए देखा गया। यही वह अंतिम स्थान है जहाँ उनकी उपस्थिति दर्ज हुई — इसके आगे वह किस दिशा में गईं या किसके साथ गईं, इसका अभी तक कोई स्पष्ट सुराग नहीं मिल पाया है।
परिवार की स्थिति और पृष्ठभूमि
परिजनों ने पुलिस को बताया कि राष्ट्रीय टीम ट्रायल में चयन के बाद दमयंती अपने खेल करियर को लेकर बेहद गंभीर थीं और नियमित रूप से सुबह जल्दी उठकर अभ्यास करती थीं। परिवार ने यह भी स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में घर में किसी से कोई विवाद या तनाव नहीं था, जिससे स्वेच्छा से घर छोड़ने की कोई वजह सामने नहीं आती। दमयंती के माता-पिता गहरे सदमे में हैं और उनके दोस्त, पड़ोसी तथा शूटिंग समुदाय के साथी उनकी सुरक्षित वापसी की प्रार्थना कर रहे हैं।
पुलिस की जाँच और आगे की कार्रवाई
पुलिस विभिन्न तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जाँच कर रही है — जिनमें रेलवे स्टेशन के आसपास के सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेसिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्य शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जाँच जारी है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देशभर में किशोर खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएँ बढ़ती जा रही हैं।