रांची में लापता 18 महीने की अदिति पांडेय की बरामदगी के लिए NH जाम, पुलिस की थ्योरी पर परिजनों के सवाल
सारांश
मुख्य बातें
रांची के कोकर चौक पर बुधवार, 13 मई को सैकड़ों आक्रोशित स्थानीय निवासियों और परिजनों ने करीब एक घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया — मांग थी 18 महीने की बच्ची अदिति पांडेय की बरामदगी की, जो 9 मई की शाम से लापता है। प्रदर्शन के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर लंबा जाम लगा और वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। यह घटना झारखंड की राजधानी रांची में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सामने आई है।
मुख्य घटनाक्रम
अदिति पांडेय 9 मई की शाम करीब साढ़े चार बजे अपने घर के पास से अचानक लापता हो गई थी। परिजनों ने काफी तलाश के बाद भी कोई सुराग न मिलने पर सदर थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने कई टीमों का गठन किया और बच्ची का सुराग देने वाले के लिए ₹50,000 के इनाम की घोषणा की।
जाम की सूचना मिलते ही सदर थाना और ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुँची और वैकल्पिक मार्गों से वाहनों को निकालने की कोशिश शुरू की।
तलाशी अभियान और जाँच की स्थिति
शुरुआती जाँच में पुलिस को आशंका थी कि बच्ची पास के बड़े नाले में गिर गई होगी। इसी आधार पर एनडीआरएफ (NDRF), नगर निगम और रांची पुलिस की संयुक्त टीम ने कोकर खोरहाटोली से लेकर नामकुम स्थित स्वर्णरेखा नदी तक सघन तलाशी अभियान चलाया। कीचड़, गंदगी और तेज बहाव के बीच घंटों सर्च ऑपरेशन जारी रहा।
गौरतलब है कि यह तलाशी अभियान चार दिनों से अधिक समय से जारी है, फिर भी बच्ची का कोई ठोस सुराग नहीं मिला है — जो परिजनों और स्थानीय लोगों में गहरे आक्रोश का कारण बना है।
परिजनों और पुलिस के बीच विवाद
मंगलवार को गाड़ीगांव इलाके के नाले के पास मांस का एक टुकड़ा और हड्डी मिलने के बाद आशंका जताई गई थी कि यह अदिति का हो सकता है। हालाँकि परिजनों ने इस दावे पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के दौरान चिकित्सकों ने हड्डी को किसी जानवर की बताया है।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस मामले को नाले में बहने की थ्योरी की तरफ मोड़ रही है, जबकि अब तक ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। यह विरोधाभास ही बुधवार के प्रदर्शन का मुख्य कारण बना।
आम जनता पर असर
कोकर चौक पर करीब एक घंटे तक चले जाम से राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्कूली बच्चों, दफ्तर जाने वालों और माल ढुलाई वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया।
क्या होगा आगे
फिलहाल पुलिस की कई टीमें बच्ची की तलाश में जुटी हुई हैं। परिजन और स्थानीय लोग माँग कर रहे हैं कि जाँच में पारदर्शिता बरती जाए और नाले की थ्योरी से परे भी संभावनाओं की तलाश की जाए। यदि शीघ्र कोई ठोस जानकारी नहीं मिली, तो आंदोलन और तेज होने की आशंका है।