क्या रांची से 61 दिन पहले अपहृत बालक को पुलिस ने कोडरमा से मुक्त कराया?
सारांश
Key Takeaways
- कन्हैया कुमार को 61 दिन बाद सुरक्षित बरामद किया गया।
- यह मामला एक अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह से जुड़ा है।
- पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन किया था।
- कन्हैया के परिजनों ने काफी खोजबीन की थी।
- पुलिस ने पहले भी कई अपहृत बच्चों को बरामद किया है।
रांची, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रांची पुलिस ने अपहृत एवं लापता बच्चों की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे अभियान में एक और महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। रांची से 61 दिन पहले लापता हुए 12 वर्षीय बालक कन्हैया कुमार को राज्य के कोडरमा से सकुशल बरामद कर लिया गया है।
ओरमांझी थाना क्षेत्र के निवासी कन्हैया के अपहरण का यह मामला हाल ही में उजागर हुए अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह से जुड़ा माना जा रहा है, जिसके खिलाफ पुलिस पहले ही बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। कन्हैया कुमार 22 नवंबर 2025 की शाम ओरमांझी से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था।
परिजनों की शिकायत पर रांची पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया था। पिछले लगभग दो महीनों से एसआईटी झारखंड समेत सात राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही थी। इसी दौरान रांची के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली कि अपहृत बालक को कोडरमा जिले में छिपाया गया है।
सूचना की पुष्टि के बाद, रांची पुलिस की एक टीम ने कोडरमा पुलिस के सहयोग से त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। पूरे अभियान की निगरानी स्वयं एसएसपी राकेश रंजन कर रहे थे। कन्हैया एक गरीब परिवार से है, जिसकी मां ओरमांझी ब्लॉक चौक के पास गोलगप्पे बेचकर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। घटना के दिन कन्हैया शाम को एसएस प्लस-टू उच्च विद्यालय के पास बच्चों के साथ फुटबॉल खेलने गया था। खेल के बाद वह अपनी मां की दुकान पर पहुंचा और थोड़ी देर में लौटने का कहकर वहां से निकल गया, लेकिन फिर नहीं लौटा।
परिजनों ने आसपास के क्षेत्रों में काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इससे पहले, रांची पुलिस ने झारखंड, बिहार और बंगाल में छापेमारी कर 12 अपहृत बच्चों को बरामद किया था। बच्चों को चुराने वाले गिरोह के 15 अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया गया था। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या कन्हैया का अपहरण उसी 'गुलगुलिया गैंग' या उससे जुड़े किसी सहयोगी गिरोह ने किया था। बरामद बालक से काउंसलिंग के बाद पूछताछ की जाएगी, ताकि पूरे नेटवर्क की परतें खोली जा सकें। फिलहाल कन्हैया को सुरक्षित स्थान पर रखकर चिकित्सकीय जांच और परिजनों से मिलाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।