क्या रांची में 11 दिन से लापता दो मासूम बच्चों की सुरक्षित बरामदगी संभव है?
सारांश
Key Takeaways
- रांची में 2 जनवरी से लापता अंश और अंशिका की खोज जारी है।
- भाजपा ने प्रशासन की विफलता के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- पुलिस ने विशेष जांच दल का गठन किया है।
- बच्चों की बरामदगी के लिए चार लाख रुपये का इनाम रखा गया है।
- कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
रांची, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से 2 जनवरी से लापता मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका की अब तक बरामदगी न होने के कारण और राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था के विरोध में, भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को एसएसपी कार्यालय का घेराव किया।
चार और पांच वर्ष के अंश और अंशिका दो जनवरी को अपने घर के पास स्थित किराना दुकान से सामान खरीदने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। काफी समय तक उनकी खोजबीन करने के बाद परिजनों ने 3 जनवरी को धुर्वा थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए झारखंड पुलिस ने 40 सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, लेकिन बच्चों का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। रांची पुलिस ने बच्चों के बारे में जानकारी देने पर चार लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया है।
भाजपा रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू के नेतृत्व में, भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को एसपी कार्यालय परिसर में प्रदर्शन किया और बच्चों की शीघ्र व सुरक्षित बरामदगी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की कथित विफलता पर भी सवाल उठाए।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए रांची के विधायक सीपी सिंह ने कहा कि राजधानी की जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। प्रशासन कानून-व्यवस्था सुधारने के बजाय केवल दिखावे और उगाही में लगा हुआ है। अंश और अंशिका का लापता होना सरकार और पुलिस की विफलता का प्रतीक बन चुका है।
हटिया विधायक नवीन जयसवाल ने कहा कि जब राजधानी में ही बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की कल्पना करना कठिन है। उन्होंने धुर्वा थाना प्रभारी को तत्काल हटाने की मांग की और चेतावनी दी कि बच्चों की सुरक्षित बरामदगी तक भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा।
महानगर अध्यक्ष वरुण साहू ने कहा कि यह मामला केवल दो बच्चों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे झारखंड की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाता है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ग्रामीण जिला (पूर्वी) अध्यक्ष विनय महतो ने मानव तस्करी और संगठित अपराध का जिक्र करते हुए कहा कि अपराधियों के हौसले बढ़े हैं। वहीं ग्रामीण जिला (पश्चिमी) अध्यक्ष नरेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य में कानून का नहीं, अपराधियों का राज दिख रहा है और अब केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।
इस दौरान रांची के पूर्व महापौर संजीव विजयवर्गीय, कई पूर्व जिला अध्यक्ष, प्रदेश, जिला और मंडल स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।