केदारनाथ यात्रा पर झूठी खबर फैलाना पड़ा महंगा, सोनप्रयाग थाने में दूसरी एफआईआर दर्ज

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केदारनाथ यात्रा पर झूठी खबर फैलाना पड़ा महंगा, सोनप्रयाग थाने में दूसरी एफआईआर दर्ज

सारांश

केदारनाथ यात्रा पर भ्रामक वीडियो फैलाने वाले इंस्टाग्राम यूजर 'दकर्लीपोएट' के खिलाफ रुद्रप्रयाग के सोनप्रयाग थाने में एफआईआर दर्ज। मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर चारधाम यात्रा से जुड़े फर्जी कंटेंट पर कड़ी कार्रवाई जारी है।

Key Takeaways

  • 24 अप्रैल को रुद्रप्रयाग के थाना सोनप्रयाग में चारधाम यात्रा पर भ्रामक वीडियो फैलाने के आरोप में एक और एफआईआर दर्ज की गई।
  • इंस्टाग्राम आईडी 'दकर्लीपोएट' के जरिए केदारनाथ प्रशासन की व्यवस्थाओं को लेकर झूठे दावे किए गए थे।
  • 22 अप्रैल को गुजरात के एक श्रद्धालु की मौत के बाद प्रशासन ने हेलीकॉप्टर से शव गुप्तकाशी भेजा था — वीडियो में इसे उलटा दिखाया गया।
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सोशल मीडिया मॉनीटरिंग सेल चारधाम यात्रा से जुड़े संदिग्ध कंटेंट पर नजर रख रही है।
  • अन्य संदिग्ध वीडियो और डिजिटल कंटेंट भी जांच के दायरे में हैं और शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
  • राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

देहरादून, 24 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केदारनाथ यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर झूठी और भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के विरुद्ध उत्तराखंड प्रशासन की सख्त कार्रवाई जारी है। रुद्रप्रयाग जिले के थाना सोनप्रयाग में शुक्रवार, 24 अप्रैल को एक और प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है। यह कार्रवाई इंस्टाग्राम पर भ्रामक वीडियो प्रसारित करने वाले एक यूजर के खिलाफ की गई है।

क्या था भ्रामक वीडियो में?

सोशल मीडिया मॉनीटरिंग सेल की निगरानी के दौरान इंस्टाग्राम आईडी 'दकर्लीपोएट' द्वारा प्रसारित एक वीडियो प्रशासन के संज्ञान में आया। इस वीडियो में केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन दावे किए गए थे।

वीडियो में यह गलत जानकारी फैलाई गई कि एक वृद्ध श्रद्धालु की तबीयत बिगड़ने पर प्रशासन ने कोई सहायता नहीं की और वीआईपी प्रोटोकॉल के चलते आम श्रद्धालुओं की घोर उपेक्षा की जा रही है। इस वीडियो से यात्रियों के मन में भय और भ्रम उत्पन्न करने की कोशिश की गई।

वास्तविकता क्या थी?

प्रशासनिक रिकॉर्ड के अनुसार, 22 अप्रैल को गुजरात निवासी एक श्रद्धालु की तबीयत अचानक बिगड़ने पर प्रशासन ने तुरंत उन्हें केदारनाथ स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां उपस्थित चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित किया।

इसके बाद प्रशासन ने बिना किसी देरी के हेलीकॉप्टर के माध्यम से शव को गुप्तकाशी भेजने की व्यवस्था की। यानी प्रशासन ने पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया, जबकि वीडियो में इसे उलटा दिखाया गया।

मुख्यमंत्री धामी का सख्त निर्देश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा से जुड़ी किसी भी भ्रामक सूचना, अफवाह या दुष्प्रचार पर तत्काल और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनके निर्देश पर सोशल मीडिया मॉनीटरिंग सेल चौबीसों घंटे सक्रिय है।

राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि चारधाम यात्रा की गरिमा, श्रद्धालुओं की आस्था और उत्तराखंड की छवि के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अन्य संदिग्ध कंटेंट भी जांच के दायरे में

प्रशासन के अनुसार, यह पहली एफआईआर नहीं है — इससे पहले भी चारधाम यात्रा से जुड़े भ्रामक कंटेंट के मामले में प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। अन्य संदिग्ध वीडियो और डिजिटल सामग्री भी जांच के दायरे में है और शीघ्र ही उन पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि हर वर्ष लाखों श्रद्धालु केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री की यात्रा करते हैं। सोशल मीडिया पर फैली एक भी अफवाह यात्रियों में दहशत पैदा कर सकती है और यात्रा पर आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या को प्रभावित कर सकती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नुकसान होता है।

आने वाले दिनों में सरकार ऐसे और मामलों में कार्रवाई कर सकती है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे केवल सरकारी और प्रमाणित स्रोतों से ही यात्रा संबंधी जानकारी साझा करें।

Point of View

बल्कि एक स्पष्ट संदेश है — धार्मिक पर्यटन को हथियार बनाकर सरकार को घेरने की कोशिशें अब महंगी पड़ेंगी। विडंबना यह है कि जब वास्तविकता में प्रशासन ने बीमार श्रद्धालु की तत्काल मदद की, तब भी सोशल मीडिया पर उलटा प्रचार किया गया — यह दिखाता है कि फर्जी नैरेटिव कितनी तेजी से फैलते हैं। लेकिन सरकार की इस सक्रियता का एक दूसरा पहलू भी है — यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वैध आलोचना और पत्रकारिता पर इन कानूनों का दुरुपयोग न हो। जवाबदेही दोनों तरफ से होनी चाहिए।
NationPress
25/04/2026

Frequently Asked Questions

केदारनाथ यात्रा पर एफआईआर किसके खिलाफ दर्ज हुई?
इंस्टाग्राम आईडी 'दकर्लीपोएट' के संचालक के खिलाफ रुद्रप्रयाग के थाना सोनप्रयाग में एफआईआर दर्ज की गई है। इस यूजर ने केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं को लेकर भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो प्रसारित किया था।
वीडियो में क्या गलत दावा किया गया था?
वीडियो में दावा किया गया था कि एक बीमार वृद्ध श्रद्धालु को प्रशासन ने कोई सहायता नहीं दी और वीआईपी प्रोटोकॉल के कारण आम यात्रियों की अनदेखी हो रही है। जबकि वास्तव में 22 अप्रैल को बीमार पड़े गुजरात के श्रद्धालु को तुरंत स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया और निधन के बाद हेलीकॉप्टर से शव गुप्तकाशी भेजा गया।
मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा अफवाहों पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चारधाम यात्रा से जुड़ी किसी भी भ्रामक सूचना पर तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रा की गरिमा और उत्तराखंड की छवि के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
क्या चारधाम यात्रा पर और भी एफआईआर दर्ज हुई हैं?
हां, यह पहली एफआईआर नहीं है — इससे पहले भी चारधाम यात्रा से जुड़े भ्रामक कंटेंट पर प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। अन्य संदिग्ध वीडियो और सोशल मीडिया कंटेंट भी जांच के दायरे में हैं।
सोशल मीडिया पर चारधाम यात्रा की झूठी खबर फैलाने पर क्या सजा हो सकती है?
भ्रामक सूचना फैलाने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है जिसमें एफआईआर दर्ज करना शामिल है। उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में सख्त और प्रभावी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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