बंगाल: मानसिक रूप से बीमार महिला को पति-ससुराल ने अपनाने से किया इनकार, मुंबई आश्रय में 10 साल
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले की एक मानसिक रूप से बीमार महिला को उसके पति और ससुराल पक्ष ने वापस लेने से इनकार कर दिया है, जबकि पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब (WBRC) के शौकिया रेडियो ऑपरेटरों ने उसे मुंबई के एक आश्रय गृह में खोजकर परिवार से संपर्क स्थापित किया था। महिला के 20 वर्षीय बेटे और 16 वर्षीय बेटी की माँ को कथित तौर पर पति की प्रताड़ना के बाद मानसिक असंतुलन हुआ, जिसके बाद वह घर से भागने लगी।
महिला का संघर्षपूर्ण सफर
रिश्तेदारों के अनुसार, महिला का मानसिक संतुलन पति द्वारा प्रताड़ना के बाद बिगड़ा और वह बार-बार घर छोड़कर भागने लगी। लगभग छह साल पहले उसे गुजरात में खोजकर उलुबेरिया, गंगारामपुर स्थित उसके ससुराल पहुँचाया गया था। लेकिन पति और ससुराल वालों ने उसका इलाज नहीं कराया और वह एक बार फिर लापता हो गई।
कुछ वर्ष बाद पुणे के शिवाजी नगर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने उसे देखा। अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोगों ने उसे नशीला पदार्थ देकर तस्करी की कोशिश की थी। अपराधियों को पकड़ा नहीं जा सका, परंतु सुरक्षाकर्मियों ने महिला को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद अदालत ने उसे मुंबई के एक महिला आश्रय गृह में भेजा, जहाँ वह लगभग 10 वर्षों तक रही।
WBRC की पहचान और परिवार से संपर्क
पश्चिम बंगाल रेडियो क्लब (WBRC) शौकिया रेडियो ऑपरेटरों का एक राष्ट्रव्यापी नेटवर्क है, जो चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के दौरान वैकल्पिक संचार प्रदान करता है और पुलिस द्वारा बचाए गए मानसिक रूप से बीमार लोगों को उनके परिजनों से मिलाने में सहयोग करता है।
आश्रय गृह के अधिकारियों और मुंबई पुलिस ने WBRC से संपर्क किया, क्योंकि महिला बांग्ला बोलती थी। WBRC के सचिव अंबरीश नाग बिस्वास ने बताया, 'हमने काम शुरू किया और गंगारामपुर में उसके परिवार का पता लगाया। महिला की तस्वीरें और वीडियो देखकर उसकी बेटी बेहद खुश हुई।'
पति और ससुराल का इनकार
नाग बिस्वास के अनुसार, पहचान होने के बावजूद पति और ससुराल पक्ष ने महिला को वापस लेने से स्पष्ट इनकार कर दिया। परिवार का कहना है कि लापता रहने के दौरान महिला कहाँ रही और क्या करती रही, इसकी उन्हें जानकारी नहीं। WBRC ने महिला के भाई से भी संपर्क किया, लेकिन वह भी उसे स्वीकार करने के प्रति उत्सुक नहीं दिखा।
आम जनता और महिला सुरक्षा पर असर
यह मामला उन अनगिनत महिलाओं की स्थिति को उजागर करता है, जो मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के चलते परिवार और समाज दोनों से अलग-थलग पड़ जाती हैं। WBRC जैसे स्वयंसेवी संगठन सरकारी तंत्र की खामियों को भरने की कोशिश करते हैं, लेकिन कानूनी और सामाजिक बाधाएँ इस प्रक्रिया को जटिल बनाती हैं।
फिलहाल महिला मुंबई के आश्रय गृह में है और WBRC उसके पुनर्वास के लिए प्रयास जारी रखे हुए है।