हाबरा में सिविक वॉलंटियर गिरफ्तार: महिला सहकर्मी को ब्लैकमेल कर बार-बार दुष्कर्म का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा पुलिस स्टेशन में तैनात एक सिविक वॉलंटियर को अपनी महिला सहकर्मी को ब्लैकमेल कर बार-बार दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने गुरुवार, 30 जुलाई को इस गिरफ्तारी की पुष्टि की। आरोपी और पीड़िता — दोनों हाबरा पुलिस स्टेशन में सिविक वॉलंटियर के रूप में कार्यरत थे।
घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात
पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी ने उस समय चुपके से उसकी तस्वीरें खींच लीं जब वह अपनी वर्दी पहनने के लिए कपड़े बदल रही थी। इसके बाद आरोपी ने उन तस्वीरों का इस्तेमाल कर पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू किया और शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने तस्वीरें दूसरों को भेजने की धमकी देकर उसका बार-बार यौन शोषण किया। साथ ही उसे चेतावनी दी गई कि किसी को बताने पर गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी पर बलात्कार, डराना-धमकाना और आपराधिक धमकी देने के कई संगीन आरोप दर्ज किए गए हैं।
पीड़िता की शिकायत और गिरफ्तारी
भय और दबाव के बावजूद पीड़िता ने अंततः हिम्मत जुटाई और हाबरा पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को ड्यूटी से निलंबित कर गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी को बुधवार को बारासात कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ अदालत ने उसे पाँच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। बारासात पुलिस जिला अधीक्षक जे. मर्सी ने कहा, 'शिकायत मिलने के बाद उसे ड्यूटी से हटा दिया गया। मामला दर्ज कर लिया गया है।'
पश्चिम बंगाल में सिविक वॉलंटियर से जुड़े पूर्व मामले
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पश्चिम बंगाल में सिविक वॉलंटियरों से जुड़े अपराध के मामले पहले से ही गंभीर चिंता का विषय बने हुए हैं। मार्च 2026 में हावड़ा जिले के अमता में एक सिविक वॉलंटियर को एक किशोरी के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। घटना के सदमे को सहन न कर पाने के कारण उस किशोरी ने बाद में आत्महत्या कर ली थी।
गौरतलब है कि अगस्त 2024 में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, कोलकाता में एक महिला डॉक्टर का शव मिला था। उस मामले में दुष्कर्म और हत्या के अगले ही दिन कोलकाता पुलिस ने सिविक वॉलंटियर संजय रॉय को गिरफ्तार किया था। यह तीसरी बड़ी ऐसी घटना है जिसमें राज्य की पुलिस-सहायक व्यवस्था से जुड़ा व्यक्ति गंभीर यौन अपराध के आरोप में कठघरे में है।
आगे की जाँच
फिलहाल आरोपी पाँच दिन की पुलिस हिरासत में है और जाँच जारी है। अधिकारियों के अनुसार मामले में दर्ज धाराओं के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी गई है।