झारखंड: पाकुड़ में लॉ छात्रा के यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के मामले में वकील गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग की घटनाएं गंभीर सामाजिक समस्याएं हैं।
- पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।
- सामाजिक बदनामी के डर से पीड़ित अक्सर चुप रहते हैं।
- पुलिस के द्वारा मामलों की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।
- सामाजिक सहयोग से ही हम ऐसे अपराधों को रोक सकते हैं।
पाकुड़, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के पाकुड़ जिले में कानून की पढ़ाई कर रही एक छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने के गंभीर आरोप में पुलिस ने एक अधिवक्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जोएल मुर्मू के रूप में हुई है, जिसे पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता कानूनी सलाह और मार्गदर्शन के लिए आरोपी अधिवक्ता के संपर्क में आई थी। आरोप है कि आरोपी ने कानून की बारीकियां सिखाने के बहाने उसे अपने प्रभाव में लिया और बाद में उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने इस कृत्य का आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता को ब्लैकमेल करने लगा।
जानकारी के अनुसार, पिछले करीब सात महीनों से आरोपी छात्रा को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। आरोपी की धमकियों और सामाजिक बदनामी के डर से पीड़िता लंबे समय तक चुप रही और किसी से शिकायत नहीं कर सकी।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता के पति को इस बारे में जानकारी मिली। उन्होंने आरोपी अधिवक्ता से इस संबंध में पूछताछ की, जिसके दौरान दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और हाथापाई की स्थिति उत्पन्न हो गई। शोर सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ कांड संख्या 61/26 दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेजी से की जा रही है और सभी साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है।