भारत-नेपाल सीमा पर उज्बेकिस्तान की महिला गिरफ्तार, एक साल से मुंबई में अवैध रूप से रह रही थी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 18 जुलाई को पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त कार्रवाई के दौरान उज्बेकिस्तान की एक महिला नागरिक को गिरफ्तार किया गया। महिला पर आरोप है कि वह करीब एक वर्ष से मुंबई में बिना वैध दस्तावेजों के अवैध रूप से रह रही थी और नेपाल में प्रवेश करने का प्रयास कर रही थी।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, शनिवार की देर शाम हरैया थाना पुलिस और SSB की संयुक्त टीम मैत्री ब्रिज के निकट नियमित जाँच अभियान चला रही थी। इसी दौरान भारत से नेपाल की ओर जा रही एक विदेशी महिला की गतिविधियाँ संदिग्ध प्रतीत हुईं, जिस पर उसे रोककर पूछताछ की गई।
पूछताछ में महिला वैध पासपोर्ट, वीज़ा या कोई भी आव्रजन दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सकी। विस्तृत पूछताछ में उसने स्वयं को उज्बेकिस्तान की नागरिक बताया और स्वीकार किया कि वह पिछले करीब एक वर्ष से मुंबई में अवैध रूप से रह रही थी।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर विदेशी नागरिक अधिनियम और आव्रजन नियमों के तहत कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। संबंधित केंद्रीय एजेंसियों को भी इस गिरफ्तारी की सूचना दी जा रही है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि इससे पहले 7 जुलाई को भी पूर्वी चंपारण के हरपुर थाना क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर पुलिस और SSB ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान यूक्रेन की एक महिला नागरिक को गिरफ्तार किया था। उस महिला पर भी बिना वैध दस्तावेजों के भारत में रहने और हरपुर बॉर्डर के रास्ते नेपाल में प्रवेश करने का प्रयास करने का आरोप था। यह ऐसे मामलों की लगातार दूसरी बड़ी घटना है, जो महज़ 11 दिनों के भीतर एक ही ज़िले में सामने आई है।
सीमा पर निगरानी हुई सख्त
लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद अधिकारियों के अनुसार भारत-नेपाल सीमा पर पुलिस और SSB ने निगरानी और जाँच अभियान को और कड़ा कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नज़र रखी जा रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह घटना भारत-नेपाल खुली सीमा के ज़रिये अवैध आवाजाही की बढ़ती चुनौती को उजागर करती है।