रक्सौल बॉर्डर पर SSB की बड़ी कार्रवाई: नेपाल भागने की कोशिश में दो उज्बेक महिलाएं हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने 27 जून 2025 को बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में रक्सौल सीमा पर दो उज्बेक नागरिकों को हिरासत में लिया, जो कथित तौर पर वैध दस्तावेजों के बिना भारत-नेपाल सीमा पार करने का प्रयास कर रही थीं। दोनों महिलाओं को मैत्री पुल के निकट कस्टम चौक पर नियमित सीमा जांच अभियान के दौरान रोका गया और बाद में हरैया पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया।
हिरासत का घटनाक्रम
SSB की रक्सौल सीमा पर तैनात टीम ने दो विदेशी महिलाओं को संदिग्ध परिस्थितियों में भारत से नेपाल की ओर जाते देखा। प्रारंभिक पूछताछ में उनके जवाब असंतोषजनक पाए गए, जिससे अधिकारियों का संदेह और गहरा हुआ। सत्यापन में सामने आया कि दोनों के पास भारत में वैध प्रवास या निवास के दस्तावेज नहीं थे।
दोनों महिलाओं की पहचान मखफूजा देखकोनोवा (32), निवासी फरगाना क्षेत्र के कुवा (कुकोन) जिले, उज्बेकिस्तान, और मफ्तुना किलिचेवा (35), निवासी समरकंद क्षेत्र के पयारिक जिले के जोजाओबोद गांव, उज्बेकिस्तान के रूप में हुई है।
पुलिस जांच के मुख्य बिंदु
हरैया पुलिस स्टेशन के एसएचओ किशन पासवान के अनुसार, अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि दोनों महिलाएं भारत में कब और किस रास्ते से दाखिल हुईं, कितने समय तक रहीं, और देश में उनके ठिकाने क्या-क्या रहे। नेपाल जाने के उद्देश्य और वीजा दस्तावेजों की वैधता की भी जांच की जा रही है।
जांचकर्ता यह भी स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उनका भारत में प्रवास वीजा की वैधता अवधि से अधिक था। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां महिलाओं से बरामद पासपोर्ट तथा अन्य दस्तावेजों की गहन जांच कर रही हैं।
संगठित नेटवर्क की आशंका
अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या यह मामला किसी संगठित अवैध प्रवासन नेटवर्क या अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह से जुड़ा है। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार अभी तक ऐसा कोई संबंध स्थापित नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि रक्सौल कॉरिडोर हाल के महीनों में तस्करी, अनधिकृत सीमा पार करने और व्यक्तियों की अवैध आवाजाही के कई मामलों के कारण सुर्खियों में रहा है। यह सीमा खुली प्रकृति के कारण संवेदनशील मानी जाती है।
रक्सौल सीमा की संवेदनशीलता
भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल एक प्रमुख और व्यस्त पारगमन बिंदु है। SSB और स्थानीय पुलिस मिलकर इस क्षेत्र में नियमित निगरानी और जांच अभियान चलाती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब सीमा पर अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ाई गई है।
आगे की कार्रवाई
दोनों महिलाएं फिलहाल हरैया पुलिस स्टेशन की हिरासत में हैं। आव्रजन स्थिति की जांच और दस्तावेज सत्यापन पूरा होने के बाद संबंधित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। मामले में विदेश मंत्रालय और आव्रजन अधिकारियों की भागीदारी भी संभावित है।