भारत-नेपाल सीमा पर एक्सपायर्ड वीजा के साथ बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, SSB ने पानीटंकी पुल पर पकड़ा
सारांश
मुख्य बातें
भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने 3 जून को एक बांग्लादेशी नागरिक को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह एक्सपायर्ड भारतीय वीजा के साथ नेपाल से भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल के उत्तर बंगाल क्षेत्र में रानीडांगा स्थित BIT चेक पोस्ट के पुराने पुल पर हुई।
मुख्य घटनाक्रम
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 36 वर्षीय मोहम्मद मुक्तर हुसैन के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के ढाका जिले के नवाबगंज स्थित मदनमोहनपुर का निवासी बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, उसे SSB की 41वीं बटालियन के जवानों ने पानीटंकी के पुराने पुल से भारत में दाखिल होते समय हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान हुसैन ने अपना बांग्लादेशी पासपोर्ट प्रस्तुत किया, जिसमें लगा भारतीय वीजा बहुत पहले समाप्त हो चुका था। जांच में सामने आया कि वह 30 अगस्त 2023 को हरिदासपुर इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (ICP) के जरिए वैध रूप से भारत आया था और उसका वीजा 23 सितंबर 2023 को समाप्त हो गया था।
कोलकाता से नेपाल तक का सफर
अधिकारियों के अनुसार, वीजा समाप्त होने के बाद भी हुसैन कथित तौर पर कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके में रह रहा था। लगभग एक वर्ष बाद उसकी मुलाकात एक दलाल से हुई, जिसने उसे नेपाल के रास्ते यूरोप भेजने और वहाँ रोजगार दिलाने का झाँसा दिया।
हुसैन के बयान के मुताबिक, एजेंट की मदद से उसने अवैध रूप से भारत-नेपाल सीमा पार की और नेपाल पहुँचकर लगभग डेढ़ वर्ष तक वेल्डर के रूप में काम किया। पैसे लेने के बाद एजेंट संपर्क से बाहर हो गया और यूरोप भेजने का वादा अधूरा रह गया।
आत्मसमर्पण का दावा
हुसैन ने पूछताछ में बताया कि उसने जानबूझकर भारतीय सीमा में प्रवेश कर खुद को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले करने का फैसला किया, ताकि कानूनी प्रक्रिया के तहत उसे बांग्लादेश वापस भेजा जा सके। उसने कहा कि उसकी माँ ने उसे भारत में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई और निर्वासन की खबरों के बारे में बताया था, जिसके बाद उन्होंने आत्मसमर्पण की सलाह दी।
जानकारी के अनुसार, वह मंगलवार को काठमांडू से काकरभिट्टा के लिए बस से रवाना हुआ और बुधवार को पैदल पुराने पुल के जरिए भारत में दाखिल होने का प्रयास कर रहा था, तभी SSB ने उसे रोक लिया।
कानूनी कार्रवाई
संयुक्त पूछताछ के बाद हुसैन को खोरीबाड़ी पुलिस थाने के हवाले कर दिया गया। उसके खिलाफ विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) और पासपोर्ट अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
व्यापक संदर्भ
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान और निर्वासन की प्रक्रिया तेज है। उत्तर बंगाल का यह सीमावर्ती गलियारा लंबे समय से मानव-तस्करी और अवैध आवाजाही के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है, और आगे की जाँच में दलालों के नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।