भारत-नेपाल सीमा के पास एसएसबी ने बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा, पानीटंकी में बिना दस्तावेज़ के घुसपैठ
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिले में भारत-नेपाल सीमा के निकट सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने रविवार, 14 जून 2026 को एक बांग्लादेशी नागरिक को हिरासत में लिया। पानीटंकी स्थित बीआईटी ओल्ड ब्रिज पर नियमित जाँच के दौरान पकड़े गए इस व्यक्ति के पास भारत में प्रवेश के लिए आवश्यक कोई वैध दस्तावेज़ नहीं था।
कौन है नंदन दास और कहाँ से पकड़ा गया
हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान नंदन दास के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के मदारिपुर जिले के शिबचर स्थित उमेदपुर गाँव का निवासी है। एसएसबी अधिकारियों के अनुसार, उसे अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग 350 मीटर की दूरी पर बॉर्डर पिलर नंबर 90 के समीप रूटीन तलाशी के दौरान रोका गया।
उसके पास से एक बांग्लादेशी पासपोर्ट, बांग्लादेश से नेपाल का एयरलाइन बोर्डिंग पास, एक मोबाइल फोन, दो बांग्लादेशी सिम कार्ड, एक नेपाली सिम कार्ड और ₹2,580 की भारतीय मुद्रा बरामद की गई।
पूछताछ में क्या सामने आया
एसएसबी अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के दौरान दास ने दावा किया कि वह 1 फरवरी 2026 को एक एजेंट की सहायता से काठमांडू, नेपाल गया था। एजेंट ने उसे सर्बिया में रोज़गार दिलाने का वादा किया था, जिसके लिए दास ने कथित तौर पर ₹3 से 5 लाख की रकम अदा की। हालाँकि, रकम लेने के बाद एजेंट फरार हो गया।
वीज़ा की अवधि समाप्त होने के पश्चात दास ने नेपाल के पोखरा में काम करना शुरू किया और वहाँ लगभग दो महीने रोज़गार करता रहा। इसके बाद उसने भारत के रास्ते बांग्लादेश लौटने का निर्णय लिया।
अधिकारियों को संदेह — जानबूझकर आत्मसमर्पण की आशंका
एसएसबी के कुछ अधिकारियों को संदेह है कि दास ने स्वेच्छा से भारतीय सीमा में प्रवेश किया और एसएसबी जवानों के समक्ष खुद को सौंप दिया। इसके पीछे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि उसे पता था कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को उनके देश वापस भेजा जा रहा है। गौरतलब है कि हाल के महीनों में सीमा पर ऐसे मामलों में वृद्धि देखी गई है जहाँ व्यक्ति स्वयं को अधिकारियों के हवाले करते हैं।
कानूनी कार्रवाई
भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने के आरोप में दास को विदेशी अधिनियम (Foreigners Act) के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस अपराध में उसे जेल की सज़ा हो सकती है। मामले की आगे जाँच जारी है।