26 अगस्त 2026
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मालदा में बड़ी कार्रवाई: पाँच बांग्लादेशी घुसपैठिए और स्थानीय एजेंट गिरफ्तार, BSF-पुलिस का संयुक्त अभियान

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मालदा में बड़ी कार्रवाई: पाँच बांग्लादेशी घुसपैठिए और स्थानीय एजेंट गिरफ्तार, BSF-पुलिस का संयुक्त अभियान

सारांश

पश्चिम बंगाल के मालदा में BSF और जिला पुलिस के संयुक्त अभियान ने 24 घंटों में पाँच बांग्लादेशी घुसपैठियों और एक स्थानीय एजेंट को दबोचा। खास बात यह है कि सभी घुसपैठिए वापस लौटने की कोशिश में पकड़े गए — जो सीमा पर एक सक्रिय संगठित नेटवर्क की ओर इशारा करता है।

मुख्य बातें

26 अगस्त 2026 को मालदा जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र में BSF और पश्चिम बंगाल पुलिस का संयुक्त अभियान।
गिरफ्तार हुए: स्थानीय एजेंट रिपन बिस्वास (बैद्यापुर गाँव) और पाँच बांग्लादेशी नागरिक — सभी राजशाही जिले के निवासी।
रिपन बिस्वास कथित तौर पर कमीशन लेकर घुसपैठियों को सीमा पार कराता था।
मानिक और रिपन बिस्वास को मालदा जिला अदालत में पेश किया गया; शेष चार को होल्डिंग सेंटर भेजा गया।
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, सभी घुसपैठिए पहले से पश्चिम बंगाल में थे और बढ़ी निगरानी के बीच वापस लौटते वक्त पकड़े गए।

पश्चिम बंगाल पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने 26 अगस्त 2026 को मालदा जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाते हुए पाँच बांग्लादेशी घुसपैठियों और एक स्थानीय भारतीय एजेंट को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई पिछले 24 घंटों के दौरान अलग-अलग चरणों में की गई। भारत-बांग्लादेश सीमा से सटे इस संवेदनशील जिले में बढ़ाई गई निगरानी के बीच यह गिरफ्तारी अहम मानी जा रही है।

गिरफ्तारी का क्रम और आरोपियों की पहचान

मालदा जिला पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, सभी छह लोगों को एक साथ नहीं पकड़ा गया। मंगलवार रात पुलिस ने सबसे पहले हबीबपुर थाना क्षेत्र के भवनीपुर इलाके से स्थानीय एजेंट रिपन बिस्वास और एक बांग्लादेशी घुसपैठिए मानिक को हिरासत में लिया।

रिपन बिस्वास हबीबपुर थाना क्षेत्र के बैद्यापुर गाँव का निवासी है। कथित तौर पर वह कमीशन के बदले बांग्लादेशी नागरिकों को पश्चिम बंगाल में प्रवेश कराने अथवा वापस बांग्लादेश भेजने में मदद करता था। वहीं, मानिक बांग्लादेश के राजशाही जिले के भुवनपारा इलाके का रहने वाला है।

इसके बाद हबीबपुर क्षेत्र में चलाए गए एक अलग सर्च ऑपरेशन में BSF जवानों ने चार और बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया — मोहम्मद मोहरम अली, मोहम्मद उआमिन हुसैन, मोहम्मद जगद्दल हुसैन और मोहम्मद साजिब हुसैन। ये चारों भी बांग्लादेश के राजशाही जिले के निवासी हैं।

कानूनी प्रक्रिया और निरोध केंद्र

रिपन बिस्वास और मानिक को मालदा की एक जिला अदालत में पेश किया गया, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी में जिला पुलिस और BSF दोनों की भागीदारी थी। अन्य चार बांग्लादेशी नागरिकों को — जिन्हें केवल BSF ने पकड़ा — जिले के एक होल्डिंग सेंटर में भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, उन्हें बाद में औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा

प्रारंभिक जाँच में खुलासा

प्रारंभिक जाँच से पता चला है कि गिरफ्तार किए गए सभी पाँच बांग्लादेशी नागरिक पहले ही पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर चुके थे। सीमा क्षेत्रों में बढ़ाई गई निगरानी और पुलिस कार्रवाई के बीच ये लोग वापस बांग्लादेश लौटने की कोशिश कर रहे थे, तभी इन्हें पकड़ा गया। यह तथ्य इस बात की ओर इशारा करता है कि सीमापार आवाजाही का एक संगठित नेटवर्क सक्रिय है।

व्यापक संदर्भ और सुरक्षा चिंताएँ

गौरतलब है कि मालदा भारत-बांग्लादेश सीमा पर एक अत्यंत संवेदनशील जिला रहा है, जहाँ घुसपैठ की घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब केंद्र और राज्य सरकारें सीमावर्ती इलाकों में अवैध प्रवास को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। रिपन बिस्वास जैसे स्थानीय एजेंटों की भूमिका इस नेटवर्क को और जटिल बनाती है, क्योंकि ये लोग स्थानीय भूगोल और संपर्कों का फायदा उठाकर घुसपैठियों की मदद करते हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि रिपन बिस्वास के नेटवर्क की आगे जाँच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस एजेंट ने अब तक कितने लोगों को सीमा पार कराया। BSF और जिला पुलिस का संयुक्त अभियान जारी रहने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह दर्शाता है कि निगरानी बढ़ने के बाद भी नेटवर्क सक्रिय है। असली सवाल यह है कि रिपन बिस्वास जैसे एजेंट कितने समय से और कितनी बड़ी संख्या में इस काम में लगे हैं — और क्या जाँच एजेंसियाँ पूरे नेटवर्क तक पहुँच पाएँगी या केवल निचले स्तर के लोगों तक सीमित रहेंगी।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मालदा में कितने बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार हुए और कब?
26 अगस्त 2026 को पिछले 24 घंटों के दौरान मालदा जिले के हबीबपुर थाना क्षेत्र में पाँच बांग्लादेशी घुसपैठिए और एक स्थानीय एजेंट गिरफ्तार किए गए। यह कार्रवाई BSF और पश्चिम बंगाल पुलिस ने मिलकर की।
स्थानीय एजेंट रिपन बिस्वास कौन है और उस पर क्या आरोप है?
रिपन बिस्वास हबीबपुर थाना क्षेत्र के बैद्यापुर गाँव का निवासी है। कथित तौर पर वह कमीशन लेकर बांग्लादेशी नागरिकों को पश्चिम बंगाल में प्रवेश कराने या उन्हें वापस बांग्लादेश भेजने में मदद करता था। उसे मंगलवार रात बांग्लादेशी घुसपैठिए मानिक के साथ गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिकों के साथ आगे क्या होगा?
मानिक और रिपन बिस्वास को मालदा की जिला अदालत में पेश किया गया है। शेष चार बांग्लादेशी नागरिकों — मोहम्मद मोहरम अली, मोहम्मद उआमिन हुसैन, मोहम्मद जगद्दल हुसैन और मोहम्मद साजिब हुसैन — को होल्डिंग सेंटर भेजा गया है, जहाँ से औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें बांग्लादेश वापस भेजा जाएगा।
घुसपैठिए पकड़े कैसे गए?
प्रारंभिक जाँच के अनुसार, सभी पाँच बांग्लादेशी नागरिक पहले ही पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर चुके थे और बढ़ाई गई निगरानी के बीच वापस बांग्लादेश लौटने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान BSF और पुलिस के संयुक्त सर्च ऑपरेशन में वे पकड़े गए।
मालदा जिला घुसपैठ के लिए संवेदनशील क्यों है?
मालदा भारत-बांग्लादेश सीमा से सटा जिला है और यहाँ पहले भी अवैध घुसपैठ की घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। इस क्षेत्र में स्थानीय एजेंटों का नेटवर्क सक्रिय रहता है जो भौगोलिक परिचय और स्थानीय संपर्कों का उपयोग कर घुसपैठियों की मदद करता है।
राष्ट्र प्रेस
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