क्या पश्चिम बंगाल के बेलडांगा हिंसा मामले में और आरोपी गिरफ्तार हुए?
सारांश
पश्चिम बंगाल के बेलडांगा में हाल में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक 36 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की गई है। जानें पूरी कहानी।
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल में जारी तनावपूर्ण स्थिति
- सीसीटीवी फुटेज से हुई गिरफ्तारी
- जनहित याचिका के माध्यम से केंद्रीय बलों की मांग
- स्थानीय पुलिस की स्थिति नियंत्रण की कोशिश
कोलकाता, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा क्षेत्र में पिछले सप्ताह हुए हिंसक प्रदर्शनों के सिलसिले में पुलिस ने मंगलवार को पांच और लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के सूत्रों के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच के बाद इन आरोपियों की पहचान की गई। इसके साथ ही, इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 36 हो गई है।
गिरफ्तार आरोपियों में नूर आलम, रबीउल इस्लाम, नूर आलम मोल्ला, लादिम शेख और तुफैल शेख शामिल हैं। मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक सनी राज ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया वीडियो का विश्लेषण करने के बाद इनकी संलिप्तता सामने आई, जिसके चलते इन्हें हिरासत में लिया गया।
बेलडांगा में हुई हिंसा के मद्देनजर केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग को लेकर सोमवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने इस याचिका को दाखिल करने की अनुमति दे दी। इससे पहले, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी राज्यपाल आनंद बोस को पत्र लिखकर बेलडांगा में केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती का अनुरोध किया था।
झारखंड में मुर्शिदाबाद जिले के एक प्रवासी मजदूर की मौत के बाद से बेलडांगा और आस-पास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल बना हुआ है। इसी घटना के विरोध में पिछले शुक्रवार को हिंसक प्रदर्शन हुए थे। शनिवार की सुबह एक बार फिर बेलडांगा में अशांति फैल गई।
झारखंड में एक प्रवासी मजदूर की कथित हत्या के विरोध में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने बेलडांगा के बरुआ मोड़ चौराहे को जाम कर दिया। न्याय की मांग कर रहे इन प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। इतना ही नहीं, घटना को कवर करने पहुंचे कई मीडियाकर्मियों पर भी हमला किया गया। प्रदर्शन के दौरान सियालदह-लालगोला रेलखंड पर महेशपुर के पास रेलवे लाइन को भी बाधित किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने रेलवे पटरियों पर बांस के डंडे गाड़ दिए और प्रवासी मजदूर की तस्वीरें लटकाकर प्रदर्शन किया। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही हालात और बिगड़ गए और स्थानीय लोगों तथा पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस दौरान मीडिया कर्मियों को भी निशाना बनाया गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस के बहरामपुर सांसद यूसुफ पठान द्वारा इलाके का दौरा न करने को लेकर भी सवाल उठते रहे। घटना के तीन दिन बाद यूसुफ पठान ने स्थिति का जायजा लेने के लिए बेलडांगा का दौरा किया।
मंगलवार को हुई गिरफ्तारियों से पहले इस मामले में हैदराबाद स्थित अल्पसंख्यक राजनीतिक पार्टी एआईएमआईएम के एक नेता सहित 31 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका था। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर नाकाबंदी हटाई और क्षेत्र में अतिरिक्त बल तैनात किए गए।