मुंबई: इंजीनियरिंग छात्र अयान शेख की रिमांड की अवधि बढ़ाई गई, कट्टरपंथी गतिविधियों का आरोप

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मुंबई: इंजीनियरिंग छात्र अयान शेख की रिमांड की अवधि बढ़ाई गई, कट्टरपंथी गतिविधियों का आरोप

सारांश

अयान शेख, एक इंजीनियरिंग छात्र, को ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अदालत ने उसे एटीएस की हिरासत में भेज दिया है। जानें इस मामले की पूरी कहानी।

Key Takeaways

  • अयान शेख को कट्टरपंथी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
  • उसे 12 मार्च तक एटीएस की हिरासत में भेजा गया है।
  • आरोप है कि उसने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिबंधित संगठनों का प्रचार किया।
  • वकील ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है।

मुंबई, 9 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों और प्रतिबंधित संगठनों के प्रचार से जुड़े आरोप में गिरफ्तार इंजीनियरिंग छात्र अयान शेख को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के परिणामस्वरूप अदालत ने आरोपी को 12 मार्च तक महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ता (एटीएस) की हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।

जानकारी के अनुसार, एटीएस ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से संबंधित ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के दौरान अयान शेख को गिरफ्तार किया। एटीएस का आरोप है कि आरोपी सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफार्मों के माध्यम से आतंकवादी संगठनों से जुड़ी विचारधाराओं और प्रचार सामग्री का वितरण कर रहा था, साथ ही लोगों को कट्टरपंथ की ओर बढ़ाने का प्रयास कर रहा था।

सोमवार को अयान शेख की एटीएस हिरासत समाप्त होने के बाद उसे पुनः अदालत में पेश किया गया। इस दौरान एटीएस ने अदालत से आठ दिनों की अतिरिक्त रिमांड की मांग की। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को 12 मार्च तक एटीएस की हिरासत में रखने का आदेश दिया।

सुनवाई के दौरान एटीएस ने अदालत को बताया कि अयान शेख एक सोशल मीडिया प्लेटफार्म टेलीग्राम पर एक समूह से जुड़ा हुआ था, जिसके माध्यम से प्रतिबंधित संगठनों की विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा था। जांच एजेंसी के अनुसार, उस समूह का नाम इस्लामिक पॉलिटिक्स है, जिस पर एटीएस की नजर कई दिनों से थी।

एटीएस ने अदालत को यह भी बताया कि उक्त समूह में विदेशों से भी कई सदस्य जुड़े हुए थे और आरोपी उनके साथ मिलकर ऐसी गतिविधियों में संलग्न था, जो कानूनी अपराध की श्रेणी में आती हैं। एजेंसी के अनुसार, समूह में प्रतिबंधित संगठनों के समर्थन में कई पोस्ट साझा की जाती थीं, जिन्हें अयान शेख लाइक करता था और अन्य लोगों को पढ़ने के लिए प्रेरित करता था।

जांच एजेंसी ने अदालत को यह भी बताया कि इस समूह में कई अन्य लोग भी सक्रिय थे और उनके बारे में जानकारी जुटाने के लिए आरोपी से पूछताछ आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, एटीएस ने बताया कि आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया गया है, जिनकी फॉरेंसिक जांच होनी है। एजेंसी के अनुसार, अयान शेख आठ अलग-अलग ईमेल आईडी भी चला रहा था, जिनकी जांच अभी बाकी है।

वहीं, आरोपी ने अदालत में दावा किया कि उसने कोई अपराध नहीं किया है। उसने अदालत से कहा कि एटीएस अधिकारी उस पर जबरन जुर्म कबूल करने का दबाव बना रहे हैं, जबकि उसने कुछ गलत नहीं किया है।

आरोपी की ओर से पेश हुए अधिवक्ता इब्राहिम ने अदालत में दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि किसी टेलीग्राम समूह का सदस्य होना किसी व्यक्ति को यूएपीए के तहत गिरफ्तार करने का आधार नहीं हो सकता।

Point of View

जिसमें एक छात्र पर कट्टरपंथी गतिविधियों में संलिप्तता का आरोप लगाया गया है। इस प्रकार के मामलों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है, ताकि कानून का सही पालन हो सके। हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि किसी व्यक्ति को सजा देने से पहले पर्याप्त सबूत हो।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

अयान शेख को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है?
अयान शेख को ऑनलाइन कट्टरपंथी गतिविधियों और प्रतिबंधित संगठनों के प्रचार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
अदालत ने अयान शेख की रिमांड कब तक बढ़ाई है?
अदालत ने अयान शेख की रिमांड 12 मार्च तक बढ़ा दी है।
एटीएस ने अयान शेख के खिलाफ क्या सबूत पेश किए?
एटीएस ने बताया कि अयान शेख एक टेलीग्राम समूह से जुड़ा था, जहां प्रतिबंधित संगठनों का प्रचार किया जा रहा था।
अयान शेख का वकील क्या कहता है?
अयान शेख का वकील दावा करता है कि सभी आरोप बेबुनियाद हैं और महज टेलीग्राम समूह का सदस्य होना गिरफ्तारी का आधार नहीं हो सकता।
क्या अयान शेख ने अपने ऊपर लगे आरोपों को स्वीकार किया है?
नहीं, अयान शेख ने अदालत में कहा कि उसने कोई अपराध नहीं किया है।
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