मुंबई की विशेष कोर्ट ने यूएपीए मामले में अयान यूसुफ शेख की पुलिस रिमांड 3 दिन बढ़ाई
सारांश
Key Takeaways
- अयान यूसुफ शेख की पुलिस रिमांड को 3 दिन बढ़ाया गया।
- कोर्ट ने एटीएस की मांग को स्वीकार किया।
- डिफेंस ने रिमांड बढ़ाने का विरोध किया।
- अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी।
- जांच जारी है और महत्वपूर्ण सबूत एकत्र किए जा रहे हैं।
मुंबई, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुंबई की विशेष कोर्ट ने यूएपीए (अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट) के एक मामले में अभियुक्त इंजीनियरिंग छात्र अयान यूसुफ शेख की पुलिस रिमांड को तीन दिन तक बढ़ाने की अनुमति दे दी है। आरोपी की ओर से प्रस्तुत वकीलों ने इस निर्णय का कड़ा विरोध किया, लेकिन कोर्ट ने एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) की मांग को स्वीकार कर लिया।
आज मुंबई की विशेष कोर्ट में हुई सुनवाई में अयान यूसुफ शेख के वकील इब्राहिम हरबत, सलाहुद्दीन और इनामा शेख ने पैरवी की। एटीएस ने कोर्ट से केवल पंचनामा पूरा करने के लिए तीन दिन की पुलिस कस्टडी बढ़ाने की अनुमति मांगी थी। डिफेंस टीम ने इस मांग का जोरदार विरोध किया। वकीलों ने तर्क दिया कि पुलिस कस्टडी को बढ़ाना अवैध है और यह आरोपी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन है। उन्होंने कोर्ट से अपील की कि वह संविधान के तहत निर्दिष्ट स्वतंत्रता के रक्षक के रूप में इस मांग को अस्वीकार करे।
हालांकि, विशेष कोर्ट ने डिफेंस के एतराज को नजरअंदाज करते हुए एटीएस को तीन दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड प्रदान की। कोर्ट ने आदेश दिया है कि आरोपी को 16 मार्च को दोबारा पेश किया जाएगा। इस दौरान एटीएस ने कहा कि रिमांड की आवश्यकता जांच के कुछ बचे हुए हिस्सों को पूरा करने के लिए है, विशेषकर पंचनामा और अन्य प्रक्रियाओं के लिए।
अयान यूसुफ शेख एक इंजीनियरिंग छात्र हैं और यूएपीए के तहत दर्ज मामले में आरोपी हैं। इस मामले में एटीएस ने पहले भी कई बार रिमांड प्राप्त की है और जांच जारी है। डिफेंस पक्ष का कहना है कि आरोपी की हिरासत को लंबा खींचना उचित नहीं है और यह उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। वहीं, जांच एजेंसी का दावा है कि रिमांड के बिना महत्वपूर्ण सबूत और प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो पाएंगी।
यह निर्णय यूएपीए जैसे सख्त कानूनों के तहत चल रहे मामलों में पुलिस रिमांड और आरोपी के अधिकारों के बीच संतुलन का एक और उदाहरण है। कोर्ट ने आरोपी को 16 मार्च तक पुलिस हिरासत में रखने की अनुमति दी है, जिसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी। जांच एजेंसी अब इस दौरान पंचनामा और अन्य आवश्यक कदम उठाएगी।