क्या पश्चिम बंगाल के नादिया में बीएसएफ ने तीन बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा?

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क्या पश्चिम बंगाल के नादिया में बीएसएफ ने तीन बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा?

सारांश

पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में बीएसएफ ने तीन बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ने में सफलता पाई है। इस घटना के पीछे क्या कारण हैं? जानिए इस रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

नादिया में बीएसएफ ने तीन बांग्लादेशियों को पकड़ा।
घुसपैठ की कोशिशें लगातार हो रही हैं।
बीएसएफ ने सुरक्षा को और मजबूत किया है।
घुसपैठियों का उद्देश्य रोजगार की तलाश में आना था।
सीमा सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार ने निर्देश दिए हैं।

नादिया, 29 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। भारत-बांग्लादेश सीमा पर फिर से घुसपैठ का मामला प्रकाश में आया है। पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के करीमपुर के रानीनगर क्षेत्र में तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की बटालियन संख्या 11 ने तीन बांग्लादेशियों को पकड़ा, जबकि कई भागने में सफल रहे।

बीएसएफ के जवानों ने मंगलवार की रात अवैध रूप से भारत में प्रवेश की कोशिश कर रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों पर प्रभावी कार्रवाई की। इस दौरान कई घुसपैठिए भागने में सक्षम रहे, लेकिन बीएसएफ के सतर्क जवानों ने तीन युवकों को पकड़ लिया।

सूत्रों के अनुसार, गेट संख्या 184 के पास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर जवानों ने घेराबंदी की। घुसपैठिए तारबाड़ काटकर भारतीय सीमा में प्रवेश करने का प्रयास कर रहे थे। पीछा करने पर कई भाग निकले, लेकिन तीन को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बांग्लादेश के कुश्तिया जिले के निवासी शाहिजुल इस्लाम (26), इलियास हुसैन (24) और बिजॉय हुसैन (20) के रूप में हुई है।

जवानों ने तुरंत आरोपियों को करीमपुर थाना क्षेत्र के मुरुटिया पुलिस स्टेशन को सौंप दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि तीनों के खिलाफ पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम, 1920 और विदेशी अधिनियम, 1946 की संबंधित धाराओं के साथ आव्रजन अधिनियम, 1993 की धारा 233 और 34 के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। पूछताछ में पता चला है कि ये युवक रोजगार की तलाश में अवैध रास्ते से भारत आए थे।

बीएसएफ के डीआईजी (नादिया सेक्टर) ने कहा, "सीमा पर निगरानी को बढ़ा दिया गया है। घुसपैठ की कोशिशें लगातार हो रही हैं, लेकिन हमारे जवान सतर्क हैं। पिछले एक महीने में 15 से अधिक घुसपैठिए पकड़े जा चुके हैं।"

उन्होंने बताया कि नदियों और घने जंगलों का फायदा उठाकर तस्कर और घुसपैठिए सक्रिय हैं, लेकिन ड्रोन, नाइट विजन और अतिरिक्त चौकियों के माध्यम से रोकथाम की जा रही है।

बता दें कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर 4,096 किमी लंबी सीमा में पश्चिम बंगाल का हिस्सा सबसे संवेदनशील है, जहां घुसपैठ, मवेशी तस्करी और नकली नोटों की आमद एक पुरानी समस्या बनी हुई है। केंद्र सरकार ने बीएसएफ को अतिरिक्त संसाधन और सीमा बाड़बंदी को तेज करने के निर्देश दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह आर्थिक और सामाजिक स्थिरता से भी जुड़ी है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है, ताकि देश की संप्रभुता को सुरक्षित रखा जा सके।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बीएसएफ ने कितने बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा?
बीएसएफ ने तीन बांग्लादेशी घुसपैठियों को पकड़ा है।
ये घुसपैठिए किस इलाके से पकड़े गए?
ये घुसपैठिए पश्चिम बंगाल के नादिया जिले के करीमपुर के रानीनगर इलाके से पकड़े गए।
इन घुसपैठियों के खिलाफ क्या मामला दर्ज किया गया है?
इन घुसपैठियों के खिलाफ पासपोर्ट और विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बीएसएफ कैसे घुसपैठ की कोशिशों को रोक रही है?
बीएसएफ ड्रोन और नाइट विजन तकनीक का उपयोग कर घुसपैठ की कोशिशों को रोक रही है।
भारत-बांग्लादेश सीमा की लंबाई कितनी है?
भारत-बांग्लादेश सीमा की लंबाई 4,096 किमी है।
राष्ट्र प्रेस
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