18 जुलाई 2026
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ईरान का संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका पर बड़ा आरोप: नागरिक ढाँचे पर हमले से 10,000 लोग प्रभावित

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ईरान का संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका पर बड़ा आरोप: नागरिक ढाँचे पर हमले से 10,000 लोग प्रभावित

सारांश

ईरान के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि इरावानी ने महासचिव गुटेरेस को पत्र लिखकर अमेरिका पर नागरिक ढाँचे पर हमले का आरोप लगाया है। होर्मोजगान में 10,000 लोगों का पेयजल प्रभावित; आईआरजीसी ने कुवैत और बहरीन में जवाबी हमले का दावा किया।

मुख्य बातें

ईरान के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि अमीर-सईद इरावानी ने 18 जुलाई को महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर अमेरिका पर अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन का आरोप लगाया।
होर्मोजगान प्रांत के बुंजी गाँव स्थित डिसेलिनेशन प्लांट नष्ट; 20 गाँवों के 10,000 लोगों की पेयजल आपूर्ति बाधित।
इरावानी ने फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा को गंभीर खतरे की चेतावनी दी।
आईआरजीसी ने कुवैत के अल-अहमदी बंदरगाह और बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर जवाबी हमले का दावा किया।
आईआरजीसी के दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं; अमेरिका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान के स्थायी प्रतिनिधि अमीर-सईद इरावानी ने 18 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को औपचारिक पत्र लिखकर अमेरिका पर ईरान के नागरिक बुनियादी ढाँचे को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया है। इरावानी ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन बताते हुए वैश्विक समुदाय से हस्तक्षेप की माँग की है।

मुख्य आरोप और क्षति का विवरण

इरावानी ने अपने पत्र में आरोप लगाया कि अमेरिकी हमलों में बंदरगाहों, परिवहन नेटवर्क, संचार सुविधाओं, लॉजिस्टिक्स हब, रडार प्रतिष्ठानों और तटीय रक्षा प्रणालियों को भारी नुकसान पहुँचाया गया। उन्होंने कहा कि ये ढाँचे आम नागरिकों के जीवन और देश की अर्थव्यवस्था के संचालन के लिए अनिवार्य हैं। इरावानी के अनुसार, इन हमलों में हुई 'मौतों, घायलों, बुनियादी ढाँचे की क्षति और पर्यावरणीय नुकसान' के लिए अमेरिका सीधे तौर पर जिम्मेदार है।

बुंजी डिसेलिनेशन प्लांट पर हमले से जल संकट

ईरानी अधिकारियों के अनुसार, होर्मोजगान प्रांत की जस्क काउंटी स्थित तटीय गाँव बुंजी में समुद्री जल को पेयजल में बदलने वाले (डिसेलिनेशन) संयंत्र के पंपिंग स्टेशन और एक बिजली ट्रांसफॉर्मर को अमेरिकी हमले में पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। होर्मोजगान वाटर एंड वेस्टवॉटर कंपनी के प्रमुख हम्जेह पूर ने — ईरान की अर्ध-सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के हवाले से — बताया कि इस हमले से आसपास के 20 गाँवों में रहने वाले लगभग 10,000 लोगों की पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। स्थानीय प्रशासन आपूर्ति बहाल करने के प्रयास में जुटा है।

अंतरराष्ट्रीय शांति को खतरे की चेतावनी

इरावानी ने चेतावनी दी कि इन हमलों की निरंतरता अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा, समुद्री नौवहन की स्वतंत्रता, क्षेत्रीय स्थिरता तथा फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, जिससे इस क्षेत्र में किसी भी अस्थिरता के वैश्विक ऊर्जा बाज़ार पर दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।

आईआरजीसी का जवाबी हमले का दावा

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी मिसाइल हमले किए हैं। आईआरजीसी के अनुसार, कुवैत के अल-अहमदी बंदरगाह पर अमेरिकी नौसेना के फ्यूल सपोर्ट पियर और बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर ड्रोन व मिसाइलों से हमला किया गया। तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, आईआरजीसी ने बहरीन में अमेरिकी खुफिया डेटा सेंटर 'बटेल्को' को भी नष्ट करने का दावा किया है। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

आगे क्या होगा

गौरतलब है कि यह पत्र संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में संभावित बहस का रास्ता खोल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह कदम कूटनीतिक मोर्चे पर अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही के दायरे में लाने की रणनीति का हिस्सा है। फिलहाल अमेरिका की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अगर सत्यापित होते हैं, तो जिनेवा कन्वेंशन के तहत गंभीर प्रश्न उठाते हैं। दूसरी ओर, आईआरजीसी के जवाबी हमलों के दावे — जिनकी पुष्टि नहीं हुई — यह संकेत देते हैं कि तेहरान कूटनीतिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर एक साथ दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे बड़ा जोखिम बनता जा रहा है, जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान ने संयुक्त राष्ट्र को पत्र क्यों लिखा?
ईरान के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि अमीर-सईद इरावानी ने 18 जुलाई को महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर अमेरिका पर ईरान के नागरिक बुनियादी ढाँचे — बंदरगाह, संचार नेटवर्क, डिसेलिनेशन प्लांट — को निशाना बनाने का आरोप लगाया। यह पत्र अंतरराष्ट्रीय कानून उल्लंघन के विरुद्ध वैश्विक ध्यान आकर्षित करने की कूटनीतिक कोशिश है।
बुंजी डिसेलिनेशन प्लांट पर हमले से क्या असर हुआ?
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, होर्मोजगान प्रांत के बुंजी गाँव स्थित डिसेलिनेशन प्लांट का पंपिंग स्टेशन और बिजली ट्रांसफॉर्मर पूरी तरह नष्ट हो गए। इससे आसपास के 20 गाँवों के लगभग 10,000 लोगों की पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है।
आईआरजीसी ने किन अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया है?
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कुवैत के अल-अहमदी बंदरगाह पर अमेरिकी नौसेना के फ्यूल सपोर्ट पियर और बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर ड्रोन व मिसाइलों से हमले का दावा किया है। आईआरजीसी ने बहरीन में अमेरिकी खुफिया डेटा सेंटर 'बटेल्को' को नष्ट करने का भी दावा किया, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान के अनुसार ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कैसे हैं?
इरावानी के अनुसार, नागरिक बुनियादी ढाँचे — जो आम जनजीवन और अर्थव्यवस्था के लिए अनिवार्य हैं — को जानबूझकर निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि इन हमलों की निरंतरता फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा व क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा है।
इस संकट का होर्मुज जलडमरूमध्य पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
होर्मुज जलडमरूमध्य से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव से इस महत्वपूर्ण जलमार्ग की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है, जिसके वैश्विक ऊर्जा बाज़ार और समुद्री नौवहन पर दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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