संयुक्त राष्ट्र ने ईरान के ढांचों पर हमले की अमेरिकी धमकी पर जताई चिंता

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संयुक्त राष्ट्र ने ईरान के ढांचों पर हमले की अमेरिकी धमकी पर जताई चिंता

सारांश

संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका द्वारा ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले की धमकी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे कृत्य अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं, और सभी पक्षों को अपने दायित्वों का सम्मान करना चाहिए।

Key Takeaways

  • संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका के ईरान पर हमले की धमकी को गंभीरता से लिया है।
  • अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन आवश्यक है।
  • सभी पक्षों को संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान खोजने की आवश्यकता है।
  • ईरानी विदेश मंत्री ने हमले की कड़ी निंदा की है।
  • सामाजिक ढांचों पर हमले अंतरराष्ट्रीय अपराध हैं।

संयुक्त राष्ट्र, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका के उस बयान पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिसमें ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले की धमकी दी गई थी। संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता ने कहा कि ऐसी भाषा को लेकर संगठन को चिंता है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के मुख्य प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक दैनिक प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि “सोशल मीडिया पर किए गए उस पोस्ट में अमेरिका द्वारा बिजली संयंत्रों, पुलों और अन्य ढांचों पर हमले की बात कही गई थी, जिसे लेकर हम चिंतित हैं, विशेषकर जब ईरान किसी समझौते के लिए तैयार नहीं होता।”

उन्होंने यह भी कहा कि महासचिव पहले से ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन अनिवार्य है और सभी पक्षों को संघर्ष के दौरान अपने दायित्वों का सम्मान करना चाहिए।

प्रवक्ता के अनुसार, गुटेरेस ने दोहराया कि आम लोगों से जुड़े ढांचों, जैसे बिजली और ऊर्जा से जुड़े संसाधनों, पर हमले की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए, भले ही कुछ मामलों में इन्हें सैन्य लक्ष्य माना जाए।

उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि सभी पक्ष इस संघर्ष को खत्म करें, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय विवादों का शांतिपूर्ण समाधान ही सबसे उचित रास्ता है।

जब यह पूछा गया कि क्या ऐसे हमले युद्ध अपराध माने जाएंगे, तो दुजारिक ने कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा। यह तय करना कि यह अपराध है या नहीं, अदालत का कार्य है।

उन्होंने स्पष्ट किया, “किसी भी नागरिक ढांचे पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।”

इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने तेहरान स्थित शरिफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी पर अमेरिका और इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की। इस हमले में विश्वविद्यालय के सूचना प्रौद्योगिकी केंद्र की इमारत और निकटवर्ती गैस स्टेशन को भारी नुकसान पहुंचा।

ईरान की सेना ने रविवार को जानकारी दी कि उसने दक्षिणी इज़रायल में स्थित पेट्रोकेमिकल उद्योगों और पेट्रोलियम उत्पादों के भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया है। इसके अलावा, उसने कुवैत स्थित एक सैन्य अड्डे पर मौजूद अमेरिकी उपकरणों के गोदामों, उपग्रह संचार इकाइयों और वहां तैनात अमेरिकी सैनिकों पर भी हमला किया है।

Point of View

बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी महत्वपूर्ण है। सभी पक्षों को संयम बरतने की आवश्यकता है।
NationPress
07/04/2026

Frequently Asked Questions

संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
संयुक्त राष्ट्र ने अमेरिका के उस बयान पर चिंता जताई है, जिसमें ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमले की धमकी दी गई थी।
क्या ईरान के ढांचों पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है?
जी हां, प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी नागरिक ढांचे पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन है।
गुटेरेस ने ईरान के मामले में क्या कहा?
गुटेरेस ने कहा कि सभी पक्षों को अपने दायित्वों का सम्मान करना चाहिए और संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान ही सबसे सही रास्ता है।
ईरान के विदेश मंत्री का क्या कहना है?
ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल के हमले की कड़ी निंदा की है।
क्या इस तरह के हमले युद्ध अपराध माने जाएंगे?
यह तय करना कि यह अपराध है या नहीं, अदालत का काम है।
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