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वियतनाम के राष्ट्रपति के रूप में टो लैम की नियुक्ति, पीएम मोदी ने दी बधाई

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वियतनाम के राष्ट्रपति के रूप में टो लैम की नियुक्ति, पीएम मोदी ने दी बधाई

सारांश

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टो लैम को वियतनाम का राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने भारत-वियतनाम के बीच की साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की। जानें इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के बारे में।

मुख्य बातें

टो लैम को वियतनाम का राष्ट्रपति चुना गया।
पीएम मोदी ने बधाई दी और साझेदारी को मजबूत करने की इच्छा जताई।
दोनों देशों के बीच अच्छे द्विपक्षीय संबंध हैं।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को टो लैम को वियतनाम का राष्ट्रपति चुने जाने पर हार्दिक बधाई दी। पीएम मोदी ने अपने बधाई संदेश में भारत और वियतनाम के बीच की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि टो लैम के नेतृत्व में, भारत और वियतनाम के बीच की दोस्ती समय की कसौटी पर और अधिक मजबूत होगी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा, "सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ वियतनाम के राष्ट्रपति के रूप में चुने जाने पर टो लैम को दिल से बधाई। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके नेतृत्व में, हमारे दोनों देशों के बीच की मित्रता और गहरी होती जाएगी।"

पीएम मोदी ने आगे कहा कि वे अपने लोगों और क्षेत्र की प्रगति के लिए व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।

वियतनाम की नेशनल असेंबली ने मंगलवार को टो लैम को 2026–2031 के कार्यकाल के लिए देश का राष्ट्रपति नियुक्त किया। यह निर्णय कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ वियतनाम सेंट्रल कमेटी (सीपीवीसीसी) द्वारा उनके नाम की स्वीकृति के बाद लिया गया। वियतनाम की नेशनल असेंबली के ऐलान के बाद पीएम मोदी का यह बधाई संदेश आया।

वहीं, सभी 495 डिप्टी ने लैम के चुनाव के लिए तैयार ड्राफ्ट प्रस्ताव के समर्थन में मतदान किया।

टो लैम इससे पहले मई 2024 से अक्टूबर 2024 तक वियतनाम के राष्ट्रपति रह चुके हैं। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें 2024 में 13वें सीपीवीसीसी का सामान्य सचिव चुना गया था और 23 जनवरी, 2026 को 14वें सीपीवीसीसी की पहली मीटिंग में 2026-2031 के कार्यकाल के लिए इस पद पर फिर से चुना गया।

भारत और वियतनाम के बीच के संबंध बेहद करीबी और अच्छे हैं, जिन्हें व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रूप में जाना जाता है। वियतनाम में भारतीय दूतावास के अनुसार, 2016 में पीएम मोदी के वियतनाम दौरे के दौरान भारत और वियतनाम के संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ तक विस्तारित किया गया था।

भारत-वियतनाम संबंधों का विकास "शांति, समृद्धि और लोगों के लिए संयुक्त दृष्टिकोण" के सिद्धांत पर आधारित है। इसे पीएम मोदी और उस समय के वियतनाम के प्रधानमंत्री गुयेन जुआन फुक ने 21 दिसंबर, 2020 को हुए वर्चुअल समिट के दौरान अपनाया था।

2022 में, भारत और वियतनाम ने डिप्लोमैटिक संबंधों की स्थापना की 50वीं सालगिरह मनाई और दोनों देश अपने बहुआयामी सहयोग को और मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से मिलकर काम कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना उचित है कि टो लैम की राष्ट्रपति के रूप में नियुक्ति भारत और वियतनाम के रिश्तों को और मजबूत करेगी। यह दोनों देशों के बीच के ऐतिहासिक और सामरिक संबंधों को दर्शाती है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टो लैम को राष्ट्रपति क्यों चुना गया?
टो लैम को वियतनाम की नेशनल असेंबली ने 2026-2031 के कार्यकाल के लिए राष्ट्रपति चुना है।
प्रधानमंत्री मोदी ने बधाई में क्या कहा?
पीएम मोदी ने टो लैम के नेतृत्व में भारत और वियतनाम के बीच की दोस्ती को और मजबूत होने का भरोसा जताया।
राष्ट्र प्रेस
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