योगी सरकार ने ग्रेटर नोएडा में 'मेट्रो विश्वविद्यालय' की स्थापना को दी हरी झंडी

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योगी सरकार ने ग्रेटर नोएडा में 'मेट्रो विश्वविद्यालय' की स्थापना को दी हरी झंडी

सारांश

उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रेटर नोएडा में 'मेट्रो विश्वविद्यालय' की स्थापना को मंजूरी दी है। यह कदम उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी और इससे युवाओं को कैसे लाभ होगा।

Key Takeaways

  • ग्रेटर नोएडा में 'मेट्रो विश्वविद्यालय' की स्थापना को मंजूरी मिली।
  • इससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होंगे।
  • योगी सरकार का यह निर्णय युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करेगा।
  • शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी हुई है।
  • यह पहल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करेगी।

लखनऊ, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर चर्चा की गई। इस बैठक में ग्रेटर नोएडा में निजी क्षेत्र के तहत ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना को मंजूरी दी गई है, जिसे प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि यह निर्णय उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के तहत लिया गया है। इस अधिनियम के माध्यम से निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और उनके संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश सुनिश्चित किए गए हैं।

उन्होंने आगे बताया कि प्रायोजक संस्था सनहिल हेल्थकेयर प्रा. लि., नोएडा द्वारा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को 26.1 एकड़ भूमि पर ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ स्थापित करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था, जिसे सभी विधिक प्रक्रियाओं के बाद स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2026 भी प्रख्यापित किए जाने का निर्णय लिया गया है।

उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे और युवाओं को आधुनिक एवं रोजगारपरक शिक्षा प्राप्त होगी। यह कदम राज्य को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में सहायक साबित होगा।

उन्होंने कहा कि योगी सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार, गुणवत्ता में सुधार और निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के प्रति दृढ़ संकल्पित है। नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से न केवल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे बल्कि रोजगार और कौशल विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे।

इसके अतिरिक्त, योगी कैबिनेट ने शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों शिक्षा कर्मियों को लाभ होगा और शिक्षा प्रणाली को भी मजबूती मिलेगी। कैबिनेट के सामने प्रस्तुत प्रस्ताव के अनुसार, वर्ष 2017 में 10,000 रुपये तय किए गए शिक्षामित्रों के मानदेय को अब बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।

Point of View

बल्कि युवाओं को रोजगारपरक कौशल भी प्रदान करेगा। योगी सरकार का यह प्रयास शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

ग्रेटर नोएडा में 'मेट्रो विश्वविद्यालय' की स्थापना कब की गई?
यह निर्णय 7 अप्रैल 2023 को योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया।
'मेट्रो विश्वविद्यालय' की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश में उच्च शिक्षा के अवसरों का विस्तार करना और युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करना है।
क्या इस विश्वविद्यालय की स्थापना से शिक्षकों को लाभ होगा?
हाँ, इससे शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है, जिससे लाखों शिक्षा कर्मियों को लाभ मिलेगा।
यह विश्वविद्यालय किस संस्था द्वारा स्थापित किया जा रहा है?
'मेट्रो विश्वविद्यालय' की स्थापना प्रायोजक संस्था सनहिल हेल्थकेयर प्रा. लि. द्वारा की जा रही है।
क्या इस विश्वविद्यालय के लिए कोई विधिक प्रक्रिया अपनाई गई है?
हाँ, इसे सभी विधिक प्रक्रियाओं के बाद मंजूरी दी गई है और आवश्यक अधिनियम में संशोधन किया गया है।
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