अदिवी शेष ने 'डकैत' के हाई-स्पीड कार चेज सीन का अनुभव साझा किया, चुनौतीपूर्ण ड्राइविंग
सारांश
Key Takeaways
- अदिवी शेष ने 'डकैत' में खुद स्टंट करने का निर्णय लिया।
- फिल्म में हाई-स्पीड कार चेज सीन शामिल हैं।
- हर सीन को सही करने में मेहनत और ध्यान की आवश्यकता है।
- एक्टिंग के साथ-साथ ड्राइविंग भी एक चुनौती है।
मुंबई, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। एक्शन फिल्मों का रोमांच हमेशा दर्शकों को अपनी ओर खींचता है, लेकिन पर्दे पर नजर आने वाले इन खतरनाक सीन के पीछे कलाकारों के लिए जोखिम भी उतना ही बड़ा होता है। कई बार अभिनेता अपने किरदार को वास्तविकता के नजदीक लाने के लिए खुद स्टंट करने का निर्णय लेते हैं, जिससे दृश्य और भी प्रभावशाली बन जाते हैं। इस संदर्भ में अभिनेता अदिवी शेष ने अपनी आगामी फिल्म 'डकैत' के कुछ अद्भुत अनुभव साझा किए हैं, जिसमें उन्होंने फिल्म के हाई-स्पीड कार चेज सीन के बारे में विस्तार से चर्चा की है।
अदिवी शेष ने बताया कि इस फिल्म में कई ऐसे सीन हैं जो बेहद खतरनाक और तेज रफ्तार वाले हैं। इनमें से कई सीन उन्होंने खुद कार चलाकर फिल्माए हैं। उन्होंने कहा, ''प्रोफेशनल गियर के साथ तेज रफ्तार में कार को मोड़ना और ड्रिफ्ट करना सामान्य अनुभव नहीं होता। यह न केवल चुनौतीपूर्ण है, बल्कि इसमें एक अलग तरह का रोमांच भी महसूस होता है।''
उन्होंने आगे कहा, ''जब आप कार के अंदर होते हैं और चारों ओर कैमरे लगे होते हैं, स्टंट टीम मौजूद होती है और पूरा सेटअप बेहद सटीक तरीके से तैयार किया गया होता है, तब आपको एहसास होता है कि एक-एक सीन को सही तरीके से करने में कितनी मेहनत लगती है। हर छोटा-सा मूवमेंट पहले से तय होता है और उसे उसी हिसाब से करना पड़ता है।''
अदिवी शेष ने कहा, ''ऐसे एक्शन सीन में बार-बार रीटेक करना संभव नहीं होता। हर मोड़, हर ब्रेक और हर स्लाइड को बहुत सोच-समझकर डिजाइन किया जाता है। अगर एक बार कुछ गलत हो जाए, तो उसे दोहराना आसान नहीं होता। इसलिए हर सीन को पूरी तैयारी और ध्यान के साथ करना पड़ता है।''
उन्होंने कहा, ''मेरे लिए सबसे बड़ा रोमांच खुद को चुनौती देने में है। मैं हमेशा प्रयास करता हूं कि हर सीन को जितना हो सके उतना बेहतर और सटीक तरीके से करूं। यही चुनौती मुझे अपने काम में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।''
अदिवी ने कहा, ''कई सीन से पहले मैं खुद से कहता था कि इस सीन को एक ही बार में सही करना है। इस सोच से मेरा ध्यान और भी मजबूत हो जाता था। उस समय मेरा पूरा फोकस स्पीड, टाइमिंग और अपने किरदार पर होता था, जिससे दृश्य और भी प्रभावशाली बन जाता था। जब कोई कठिन सीन बिना गलती के पूरा हो जाता है, तो एक अलग ही संतोष मिलता है। यह काम जितना रोमांचक है, उतना ही जिम्मेदारी भरा भी होता है।''
'डकैत' फिल्म में अनुराग कश्यप और मृणाल ठाकुर भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह फिल्म 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।