थाईलैंड में भारत के राजदूत नागेश सिंह का कार्यकाल समाप्त, राजपरिवार से विदाई

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थाईलैंड में भारत के राजदूत नागेश सिंह का कार्यकाल समाप्त, राजपरिवार से विदाई

सारांश

थाईलैंड में अपने कार्यकाल के अंत पर, नागेश सिंह ने राजा और रानी से विदाई ली। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री चर्नविराकुल से भी मुलाकात की। जानें उनके करियर की महत्वपूर्ण बातें।

Key Takeaways

  • नागेश सिंह का कार्यकाल थाईलैंड में महत्वपूर्ण था।
  • उन्होंने राजपरिवार से विदाई ली और प्रधानमंत्री से मुलाकात की।
  • उनका राजनयिक अनुभव काफी समृद्ध है।
  • राजपरिवार के प्रति सम्मान की परंपरा थाईलैंड की संस्कृति का हिस्सा है।
  • वे कई भाषाएँ बोलते हैं, जो उनकी दक्षता को दर्शाता है।

नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। थाईलैंड में भारत के राजदूत नागेश सिंह ने अपने कार्यकाल के समाप्ति पर देश के राजा और रानी से मुलाकात की। इस महत्वपूर्ण मुलाकात की तस्वीरें थाईलैंड के भारतीय दूतावास ने साझा की हैं। 1995 बैच के आईएफएस अधिकारी को अगस्त 2022 में थाईलैंड का राजदूत नियुक्त किया गया था।

थाईलैंड में भारतीय दूतावास ने इस मुलाकात की तस्वीरों के साथ लिखा, "राजदूत ने किंग और क्वीन से मुलाकात की, जिन्होंने उनके कार्यकाल के समाप्त होने पर विदाई दी।"

तस्वीर में थाईलैंड के किंग और क्वीन के साथ एक और अधिकारी भी नजर आते हैं, जो घुटने पर खड़े दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य इस बात की ओर ध्यान खींचता है कि एक उच्चस्तरीय अधिकारी घुटने पर क्यों खड़ा है।

असल में, थाईलैंड में यह राजपरिवार के प्रति सम्मान का प्रतीक है। वहां उच्च-स्तरीय सैन्य या प्रशासनिक अधिकारी राजपरिवार के समक्ष घुटनों के बल बैठकर या रेंगकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं। इसे उनकी भाषा में "ग्राब" कहा जाता है। यह थाईलैंड की एक पुरानी परंपरा है।

राजदूत नागेश सिंह ने थाईलैंड के किंग और क्वीन से विदाई लेने के अलावा देश के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल से भी मुलाकात की और उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने दोनों देशों के बीच कई रणनीतिक साझेदारियों को मजबूत करने का भी उल्लेख किया।

विदेश मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, नागेश सिंह की थाईलैंड में नियुक्ति से पहले जुलाई 2018 से अक्टूबर 2022 तक विदेश मंत्रालय के चीफ ऑफ प्रोटोकॉल के रूप में कार्य किया।

अपने राजनयिक करियर में, उन्होंने अटलांटा में भारत के कॉन्सुल जनरल (जून 2015 - जून 2018); भारत के उपराष्ट्रपति के संयुक्त सचिव (सितंबर 2012 – जून 2015); विदेश मंत्रालय में निदेशक (पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ईरान) (फरवरी 2010 – अगस्त 2012); न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर (जून 2006–फरवरी 2010); भारत सरकार के विदेश राज्यमंत्री के प्राइवेट सेक्रेटरी (जून 2003-मई 2006) और विदेश मंत्रालय में अवर सचिव (पाकिस्तान) (सितंबर 2002-मई 2003) के रूप में कार्य किया है।

उन्होंने डकार (सेनेगल) में भारतीय दूतावास में दूसरे सचिव के रूप में भी कार्य किया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने केप वर्डे, गिनी, बिसाऊ, माली, मॉरिटानिया और द गाम्बिया में भी कार्य किया और पेरिस में भारतीय दूतावास में थर्ड/सेकंड सचिव के रूप में भी सेवाएँ दी हैं।

आईएफएस अधिकारी नागेश सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स में बीए (ऑनर्स) और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त की है। वे हिंदी, अंग्रेजी और फ्रेंच भाषाएँ बोलते हैं।

Point of View

NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

नागेश सिंह ने कब थाईलैंड के राजदूत के रूप में कार्यभार ग्रहण किया?
नागेश सिंह ने अगस्त 2022 में थाईलैंड के राजदूत के रूप में कार्यभार ग्रहण किया।
राजदूत नागेश सिंह ने किन प्रमुख व्यक्तियों से मुलाकात की?
उन्होंने थाईलैंड के राजा, रानी और प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल से मुलाकात की।
नागेश सिंह के पहले के कार्य अनुभव क्या हैं?
वे विदेश मंत्रालय में चीफ ऑफ प्रोटोकॉल, अटलांटा में भारत के कॉन्सुल जनरल और कई अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं।
थाईलैंड में राजपरिवार के सामने घुटने पर बैठने की परंपरा का क्या अर्थ है?
यह राजपरिवार के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक परंपरागत तरीका है।
नागेश सिंह की शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है?
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इकोनॉमिक्स में बीए (ऑनर्स) और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से मास्टर्स किया है।
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