मध्य प्रदेश में छोटे किसानों की उपज की पहले होगी गेहूं खरीदी, कैबिनेट का नया निर्णय
सारांश
Key Takeaways
- गेहूं की खरीदी 9 अप्रैल से शुरू होगी।
- छोटे किसानों की उपज को प्राथमिकता दी जाएगी।
- खरीद दर 2625 रुपए प्रति क्विंटल है।
- 3627 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं।
- अंबेडकर जयंती पर विशेष कार्यक्रम होंगे।
भोपाल, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस) मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया 9 अप्रैल से आरंभ होगी और इसमें पहले छोटे एवं सीमांत किसानों की उपज को खरीदा जाएगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय कैबिनेट की बैठक में लिया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में गेहूं खरीदी को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि राज्य में अंबेडकर जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ये कार्यक्रम 8 अप्रैल से 14 अप्रैल तक हर जिले में आयोजित किए जाएंगे।
अंबेडकर जयंती का समारोह हर जिले में होगा, जबकि राज्य स्तरीय समारोह भिंड में आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही संत रविदास जयंती पर 31 मार्च से 27 अप्रैल तक सामाजिक समरसता के कार्यक्रम होंगे, जिसके लिए कार्य योजना तैयार की जाएगी। मंत्री चेतन काश्यप ने बताया कि गेहूं की खरीदी जो पहले 10 अप्रैल से निर्धारित थी, अब 9 अप्रैल से शुरू की जाएगी; इसमें छोटे और सीमांत किसानों की उपज को पहले खरीदा जाएगा। बड़े किसानों को बाद में अलग तारीख दी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार से खरीदी की सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया गया है। इस वर्ष 19 लाख 4000 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में साढ़े तीन लाख अधिक है। इस वर्ष 3627 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं और गेहूं की खरीद दर 2625 रुपए प्रति क्विंटल होगी, जिसमें 40 रुपए की बोनस राशि शामिल है। सभी जिलों में 9 अप्रैल से गेहूं की खरीदी सुनिश्चित की गई है।
मंत्री काश्यप ने कहा कि हाल ही में राज्य को नए फोरलेन की स्वीकृति मिली है, जिसमें इटारसी-बैतूल क्षेत्र शामिल है, जो टाइगर कॉरिडोर है। वहां 22 किलोमीटर की सड़क स्वीकृत हुई है, साथ ही निवाड़ी और झांसी को जोड़ने वाले बाईपास को भी मंजूरी मिली है। हाल ही में, 3 अप्रैल को उज्जैन में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें आईआईटी और इसरो के वैज्ञानिकों ने भाग लिया। इस अवसर पर उज्जैन को कई महत्वपूर्ण सौगातें मिलीं।