पवन खेड़ा पर असम सरकार की कार्रवाई: जयराम रमेश का विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप
सारांश
Key Takeaways
- पवन खेड़ा के घर पर असम पुलिस ने तलाशी ली।
- कांग्रेस ने इसे 'बदले की कार्रवाई' कहा।
- जयराम रमेश ने इसे विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास बताया।
- मुख्यमंत्री ने आरोपों को झूठा बताया।
- सरकार ने कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
नई दिल्ली, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस के बीच का टकराव अब और भी गहरा होता जा रहा है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर असम पुलिस द्वारा की गई तलाशी के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे 'बदले की कार्रवाई' करार दिया है, जबकि असम सरकार इसे कानूनी प्रक्रिया बता रही है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस कार्रवाई की तीखी निंदा की। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से पुलिस की एक पूरी टीम पवन खेड़ा को गिरफ्तार करने के लिए भेजी गई, यह दर्शाता है कि असम के मुख्यमंत्री चिंतित हैं और उनकी हार का खतरा बढ़ गया है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि यह कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की मशीनरी का इस्तेमाल कर कांग्रेस नेताओं को डराने और चुप कराने का प्रयास किया जा रहा है।
यह पूरा मामला उस विवाद से जुड़ा है जिसमें कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं। इसी मुद्दे पर रिनिकी सरमा ने सोमवार को एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसके बाद असम पुलिस मंगलवार को पवन खेड़ा के घर पहुंची।
हालांकि, पवन खेड़ा वहां नहीं मिले। एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि केस दर्ज किया गया है और उनसे पूछताछ की आवश्यकता है, लेकिन वे घर पर मौजूद नहीं थे।
अधिकारी ने यह भी बताया कि घर से कुछ वस्तुएं मिली हैं, लेकिन उनकी जानकारी फिलहाल नहीं दी जा सकती। पुलिस का कहना है कि उन्हें पवन खेड़ा की वर्तमान लोकेशन का पता नहीं है, लेकिन उनकी तलाश जारी है।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह झूठा बताते हुए कहा कि जिन तीन देशों का उल्लेख किया गया है, उन्होंने इन दावों को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के झूठ अब पूरी तरह से बेनकाब हो चुके हैं।
सीएम सरमा ने यह भी आरोप लगाया कि पवन खेड़ा पूछताछ से बचने के लिए फरार हो गए हैं। उनके अनुसार, पवन खेड़ा संभवतः हैदराबाद चले गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला राजनीतिक रूप से प्रेरित है और चुनाव से पूर्व उनकी छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले को कानूनी तरीके से आगे बढ़ाएगी और गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।