पुणे के बुधवार पेठ में 6 अवैध बांग्लादेशी महिलाएं गिरफ्तार, देह व्यापार और तस्करी की जांच शुरू
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के बुधवार पेठ इलाके में 24 मई 2025 की रात चलाए गए विशेष कॉम्बिंग ऑपरेशन में पुलिस ने सागर बिल्डिंग पर छापा मारकर भारत में अवैध रूप से रह रही 6 बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया। फरासखाना और खडक पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीमों ने यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देश पर की।
मुख्य घटनाक्रम
यह अभियान पुलिस उपायुक्त (जोन-1) कृषीकेश रावळे को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर शुरू किया गया। छापे में हिरासत में ली गई महिलाओं की पहचान कल्पना कमल शेख (38), रानी रफीक शेख (42), लकी हालेंग मंडल (40), पूजा रफीक शेख (20), रूमा जानी शेख (30) और निशी शाहजहां धाली (29) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सभी महिलाएं बांग्लादेश की मूल निवासी हैं।
पूछताछ में क्या सामने आया
प्रारंभिक पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि उन्हें ब्यूटी पार्लर, सिलाई काम और घरेलू नौकरी दिलाने का झाँसा देकर भारत लाया गया था। हालाँकि, पुलिस के अनुसार बुधवार पेठ पहुँचने के बाद वे देह व्यापार में शामिल हो गईं। सभी महिलाएं क्षेत्र की अलग-अलग इमारतों में रहकर यह गतिविधि चला रही थीं।
जांच के दायरे में क्या है
पुलिस अब तीन प्रमुख सवालों की जांच कर रही है — इन महिलाओं को भारत कौन लेकर आया, उन्होंने भारत-बांग्लादेश सीमा कैसे पार की, और उनके पास दस्तावेज़ किस माध्यम से पहुँचे। यह जांच संभावित मानव तस्करी नेटवर्क की ओर भी इशारा करती है। सभी महिलाओं के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
डीसीपी रावळे का अभियान और व्यापक संदर्भ
डीसीपी कृषीकेश रावळे ने पदभार संभालने के बाद से अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त अभियान चला रखा है। पिछले 11 महीनों में उनकी टीम कुल 103 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर डिपोर्ट करा चुकी है। यह ताज़ा कार्रवाई उनके व्यक्तिगत लक्ष्य अभियान का हिस्सा बताई जा रही है, जिसे उन्होंने एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया। गौरतलब है कि पुणे में अवैध प्रवासियों के खिलाफ यह अभियान महाराष्ट्र पुलिस की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
आगे क्या होगा
गिरफ्तार महिलाओं से विस्तृत पूछताछ जारी है और जांचकर्ता मानव तस्करी के संभावित नेटवर्क की कड़ियाँ खंगाल रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार इस मामले में और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।