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पुणे के बुधवार पेठ में 6 अवैध बांग्लादेशी महिलाएं गिरफ्तार, देह व्यापार और तस्करी की जांच शुरू

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पुणे के बुधवार पेठ में 6 अवैध बांग्लादेशी महिलाएं गिरफ्तार, देह व्यापार और तस्करी की जांच शुरू

सारांश

पुणे के बुधवार पेठ में पुलिस ने 6 अवैध बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया — नौकरी का झाँसा, सीमा पार घुसपैठ और देह व्यापार। डीसीपी रावळे के 11 महीने के अभियान में यह 103वीं से आगे की कार्रवाई है, और जांच अब तस्करी नेटवर्क तक पहुँच रही है।

मुख्य बातें

24 मई 2025 की रात पुणे के बुधवार पेठ स्थित सागर बिल्डिंग पर छापे में 6 अवैध बांग्लादेशी महिलाएं गिरफ्तार।
फरासखाना और खडक पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीम ने डीसीपी कृषीकेश रावळे की गोपनीय सूचना पर कार्रवाई की।
महिलाओं ने पूछताछ में बताया कि उन्हें ब्यूटी पार्लर, सिलाई और घरेलू काम का झाँसा देकर भारत लाया गया था।
पुलिस अब सीमा पार घुसपैठ के रास्ते, दस्तावेज़ और तस्करी नेटवर्क की जांच कर रही है।
डीसीपी रावळे के अभियान में पिछले 11 महीनों में कुल 103 अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े जाकर डिपोर्ट किए जा चुके हैं।

पुणे के बुधवार पेठ इलाके में 24 मई 2025 की रात चलाए गए विशेष कॉम्बिंग ऑपरेशन में पुलिस ने सागर बिल्डिंग पर छापा मारकर भारत में अवैध रूप से रह रही 6 बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया। फरासखाना और खडक पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीमों ने यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त के निर्देश पर की।

मुख्य घटनाक्रम

यह अभियान पुलिस उपायुक्त (जोन-1) कृषीकेश रावळे को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर शुरू किया गया। छापे में हिरासत में ली गई महिलाओं की पहचान कल्पना कमल शेख (38), रानी रफीक शेख (42), लकी हालेंग मंडल (40), पूजा रफीक शेख (20), रूमा जानी शेख (30) और निशी शाहजहां धाली (29) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सभी महिलाएं बांग्लादेश की मूल निवासी हैं।

पूछताछ में क्या सामने आया

प्रारंभिक पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि उन्हें ब्यूटी पार्लर, सिलाई काम और घरेलू नौकरी दिलाने का झाँसा देकर भारत लाया गया था। हालाँकि, पुलिस के अनुसार बुधवार पेठ पहुँचने के बाद वे देह व्यापार में शामिल हो गईं। सभी महिलाएं क्षेत्र की अलग-अलग इमारतों में रहकर यह गतिविधि चला रही थीं।

जांच के दायरे में क्या है

पुलिस अब तीन प्रमुख सवालों की जांच कर रही है — इन महिलाओं को भारत कौन लेकर आया, उन्होंने भारत-बांग्लादेश सीमा कैसे पार की, और उनके पास दस्तावेज़ किस माध्यम से पहुँचे। यह जांच संभावित मानव तस्करी नेटवर्क की ओर भी इशारा करती है। सभी महिलाओं के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

डीसीपी रावळे का अभियान और व्यापक संदर्भ

डीसीपी कृषीकेश रावळे ने पदभार संभालने के बाद से अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ सख्त अभियान चला रखा है। पिछले 11 महीनों में उनकी टीम कुल 103 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर डिपोर्ट करा चुकी है। यह ताज़ा कार्रवाई उनके व्यक्तिगत लक्ष्य अभियान का हिस्सा बताई जा रही है, जिसे उन्होंने एक वर्ष के भीतर पूरा कर लिया। गौरतलब है कि पुणे में अवैध प्रवासियों के खिलाफ यह अभियान महाराष्ट्र पुलिस की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

आगे क्या होगा

गिरफ्तार महिलाओं से विस्तृत पूछताछ जारी है और जांचकर्ता मानव तस्करी के संभावित नेटवर्क की कड़ियाँ खंगाल रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार इस मामले में और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

या दलालों और सरगनाओं तक भी पहुँच रही है। जब तक सीमा पार घुसपैठ के रास्तों और दस्तावेज़ जालसाज़ी के तंत्र को नहीं तोड़ा जाता, तब तक यह चक्र जारी रहेगा।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे के बुधवार पेठ में क्या हुआ?
24 मई 2025 की रात पुणे पुलिस ने बुधवार पेठ स्थित सागर बिल्डिंग पर छापा मारकर 6 अवैध बांग्लादेशी महिलाओं को गिरफ्तार किया। फरासखाना और खडक पुलिस स्टेशन की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई डीसीपी कृषीकेश रावळे को मिली गोपनीय सूचना के आधार पर की।
गिरफ्तार महिलाओं को भारत कैसे लाया गया?
पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि उन्हें ब्यूटी पार्लर, सिलाई काम और घरेलू नौकरी दिलाने का झाँसा देकर भारत लाया गया था। पुलिस अब जांच कर रही है कि उन्होंने सीमा कैसे पार की और दस्तावेज़ किस माध्यम से प्राप्त हुए।
डीसीपी कृषीकेश रावळे का अभियान कितना प्रभावी रहा है?
डीसीपी रावळे के नेतृत्व में पिछले 11 महीनों में पुणे में कुल 103 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को पकड़कर डिपोर्ट किया जा चुका है। यह ताज़ा कार्रवाई उनके व्यक्तिगत लक्ष्य अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।
इस मामले में आगे क्या होगा?
गिरफ्तार महिलाओं से विस्तृत पूछताछ जारी है और सभी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया चल रही है। जांचकर्ता मानव तस्करी नेटवर्क की कड़ियाँ खंगाल रहे हैं और इस मामले में और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।
क्या यह मानव तस्करी का मामला है?
पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है। महिलाओं को रोज़गार का झाँसा देकर लाने और फिर देह व्यापार में शामिल होने की परिस्थितियाँ मानव तस्करी के संकेत देती हैं, हालाँकि अधिकारियों ने अभी तक आधिकारिक रूप से इसे तस्करी का मामला घोषित नहीं किया है।
राष्ट्र प्रेस
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