पुणे एयरपोर्ट पर तीन बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, गुवाहाटी भागने की थी योजना

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पुणे एयरपोर्ट पर तीन बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, गुवाहाटी भागने की थी योजना

सारांश

गुवाहाटी की फ्लाइट पकड़ने से ठीक पहले पुणे एयरपोर्ट पर तीन बांग्लादेशी नागरिकों को दबोचा गया — यह पुणे पुलिस के उस अभियान की ताज़ा कड़ी है जिसमें साढ़े दस महीनों में 97 गिरफ्तारियाँ हो चुकी हैं।

मुख्य बातें

पुणे एयरपोर्ट पर 18 मई 2026 को तीन बांग्लादेशी नागरिकों — शाहीनूर बेगम शेख (42) , शगुरिका बेगम यूलिया शेख (28) और नाबालिग टोपु उर्फ मुराद अहमद शेख (16 वर्ष 9 माह) — को गिरफ्तार किया गया।
तीनों गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट पकड़ने की कोशिश में थे और सोलापुर से पुणे आए थे।
खड़क पुलिस स्टेशन , विमाननगर पुलिस स्टेशन और CISF की संयुक्त टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।
पिछले साढ़े दस महीनों में पुणे पुलिस 97 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर चुकी है।
यह अभियान पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के निर्देश पर चलाया जा रहा है।

पुणे पुलिस ने 18 मई 2026 को पुणे एयरपोर्ट पर एक संयुक्त अभियान में दो बांग्लादेशी महिलाओं और एक नाबालिग को हिरासत में लिया, जो असम के गुवाहाटी के लिए उड़ान भरने की फिराक में थे। तीनों भारत में अवैध रूप से रह रहे थे और राज्य से बाहर निकलकर पकड़ से बचने की कोशिश कर रहे थे।

ऑपरेशन कैसे हुआ अंजाम

जोन-1 के पुलिस उपायुक्त कृषिकेश रावले को खुफिया सूचना मिली थी कि तीन बांग्लादेशी नागरिक पुणे से गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट पकड़ने वाले हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शशिकांत चव्हाण ने उपनिरीक्षक महेंद्र कांबले और जाँच टीम को एयरपोर्ट रवाना किया।

खड़क पुलिस स्टेशन, विमाननगर पुलिस स्टेशन और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की टीमों ने मिलकर जाल बिछाया। विमाननगर पुलिस के अधिकारी पालवे और CISF अधिकारी संतोष कुमार अग्निहोत्री की संयुक्त टीम ने तीनों को एयरपोर्ट पर पकड़ लिया।

गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान

प्रारंभिक पूछताछ में तीनों की पहचान हुई — 42 वर्षीया शाहीनूर बेगम शेख, 28 वर्षीया शगुरिका बेगम यूलिया शेख, और 16 वर्ष 9 माह के टोपु उर्फ मुराद अहमद शेख। तीनों बांग्लादेश के मूल निवासी हैं। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग सोलापुर से पुणे आए थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए महाराष्ट्र छोड़ने की तैयारी में थे। तीनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विमाननगर पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।

अभियान की पृष्ठभूमि

यह कार्रवाई पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के उस निर्देश के तहत हुई, जिसमें सभी थानों को शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने को कहा गया था। यह ऐसे समय में आया है जब पुणे पुलिस पिछले कुछ महीनों से अवैध प्रवासियों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है।

गौरतलब है कि आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, पिछले साढ़े दस महीनों में पुणे पुलिस अब तक 97 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर चुकी है — और यह ताज़ा गिरफ्तारी उसी अभियान की एक और कड़ी है।

वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी

यह पूरा ऑपरेशन पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजेश बंसोड, डीसीपी कृषिकेश रावले और सहायक पुलिस आयुक्त अनुजा देशमाने की सीधी निगरानी में संचालित किया गया।

आगे की कार्रवाई

तीनों आरोपियों के खिलाफ विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और निर्वासन की प्रक्रिया आरंभ होने की संभावना है। पुणे पुलिस का यह अभियान आने वाले समय में और तेज होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ये तीनों सोलापुर में कितने समय से थे और उनका नेटवर्क कितना बड़ा है — जिसका जवाब अभी तक सामने नहीं आया है। साढ़े दस महीनों में 97 गिरफ्तारियाँ एक सक्रिय अभियान की तस्वीर पेश करती हैं, लेकिन यह भी दर्शाती हैं कि अवैध प्रवेश के रास्ते अभी बंद नहीं हुए। एयरपोर्ट पर पकड़े जाने की घटना यह भी उजागर करती है कि अवैध प्रवासी अब घरेलू हवाई मार्गों का उपयोग कर राज्य बदलने की कोशिश कर रहे हैं — जो खुफिया तंत्र और हवाई अड्डा सुरक्षा के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत को रेखांकित करता है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पुणे एयरपोर्ट पर किन्हें और क्यों गिरफ्तार किया गया?
पुणे पुलिस ने 18 मई 2026 को तीन बांग्लादेशी नागरिकों — शाहीनूर बेगम शेख, शगुरिका बेगम यूलिया शेख और नाबालिग टोपु उर्फ मुराद अहमद शेख — को गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट पकड़ने से पहले गिरफ्तार किया। तीनों भारत में अवैध रूप से रह रहे थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए महाराष्ट्र छोड़ने की कोशिश कर रहे थे।
इस ऑपरेशन में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
यह एक संयुक्त ऑपरेशन था जिसमें खड़क पुलिस स्टेशन, विमाननगर पुलिस स्टेशन और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की टीमें शामिल थीं। पूरे अभियान की निगरानी पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने की।
पुणे में अवैध बांग्लादेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान कब से चल रहा है?
पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के निर्देश पर यह अभियान पिछले साढ़े दस महीनों से चल रहा है। आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार इस दौरान अब तक 97 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार तीनों लोग पहले कहाँ थे?
प्रारंभिक पूछताछ के अनुसार तीनों सोलापुर से पुणे आए थे। वे पुणे एयरपोर्ट से गुवाहाटी के लिए उड़ान भरकर महाराष्ट्र से बाहर निकलने की कोशिश में थे।
गिरफ्तारी के बाद तीनों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
तीनों को विमाननगर पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है जहाँ आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया जारी है। विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किए जाने और निर्वासन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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