पुणे एयरपोर्ट पर तीन बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार, गुवाहाटी भागने की थी योजना
सारांश
मुख्य बातें
पुणे पुलिस ने 18 मई 2026 को पुणे एयरपोर्ट पर एक संयुक्त अभियान में दो बांग्लादेशी महिलाओं और एक नाबालिग को हिरासत में लिया, जो असम के गुवाहाटी के लिए उड़ान भरने की फिराक में थे। तीनों भारत में अवैध रूप से रह रहे थे और राज्य से बाहर निकलकर पकड़ से बचने की कोशिश कर रहे थे।
ऑपरेशन कैसे हुआ अंजाम
जोन-1 के पुलिस उपायुक्त कृषिकेश रावले को खुफिया सूचना मिली थी कि तीन बांग्लादेशी नागरिक पुणे से गुवाहाटी जाने वाली फ्लाइट पकड़ने वाले हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक शशिकांत चव्हाण ने उपनिरीक्षक महेंद्र कांबले और जाँच टीम को एयरपोर्ट रवाना किया।
खड़क पुलिस स्टेशन, विमाननगर पुलिस स्टेशन और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की टीमों ने मिलकर जाल बिछाया। विमाननगर पुलिस के अधिकारी पालवे और CISF अधिकारी संतोष कुमार अग्निहोत्री की संयुक्त टीम ने तीनों को एयरपोर्ट पर पकड़ लिया।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान
प्रारंभिक पूछताछ में तीनों की पहचान हुई — 42 वर्षीया शाहीनूर बेगम शेख, 28 वर्षीया शगुरिका बेगम यूलिया शेख, और 16 वर्ष 9 माह के टोपु उर्फ मुराद अहमद शेख। तीनों बांग्लादेश के मूल निवासी हैं। पूछताछ में सामने आया कि ये लोग सोलापुर से पुणे आए थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए महाराष्ट्र छोड़ने की तैयारी में थे। तीनों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए विमाननगर पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।
अभियान की पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार के उस निर्देश के तहत हुई, जिसमें सभी थानों को शहर में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने को कहा गया था। यह ऐसे समय में आया है जब पुणे पुलिस पिछले कुछ महीनों से अवैध प्रवासियों के खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है।
गौरतलब है कि आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, पिछले साढ़े दस महीनों में पुणे पुलिस अब तक 97 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर चुकी है — और यह ताज़ा गिरफ्तारी उसी अभियान की एक और कड़ी है।
वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी
यह पूरा ऑपरेशन पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त रंजन कुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजेश बंसोड, डीसीपी कृषिकेश रावले और सहायक पुलिस आयुक्त अनुजा देशमाने की सीधी निगरानी में संचालित किया गया।
आगे की कार्रवाई
तीनों आरोपियों के खिलाफ विदेशी नागरिक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और निर्वासन की प्रक्रिया आरंभ होने की संभावना है। पुणे पुलिस का यह अभियान आने वाले समय में और तेज होने की उम्मीद है।