18 जुलाई 2026
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योगी आदित्यनाथ बुलंदशहर में बोले: कर्तव्य निर्वहन से बनेगा विकसित भारत, बालिका छात्रावास की घोषणा

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योगी आदित्यनाथ बुलंदशहर में बोले: कर्तव्य निर्वहन से बनेगा विकसित भारत, बालिका छात्रावास की घोषणा

सारांश

बुलंदशहर के रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा — अधिकार माँगने से नहीं, कर्तव्य निभाने से बनेगा विकसित भारत। जापान के पुनर्निर्माण का उदाहरण देते हुए उन्होंने अनुशासन को राष्ट्र की असली ताकत बताया और बालिकाओं के लिए छात्रावास की घोषणा की।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 जुलाई को बुलंदशहर के रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में कार्यक्रम को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल अधिकारों की मांग से नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्यों के ईमानदारी से निर्वहन से संभव है।
बुलंदशहर को देश में सर्वाधिक सैनिक और सैन्य अधिकारी देने वाला जनपद बताया।
विद्यालय में बालिकाओं के छात्रावास के निर्माण की घोषणा; नाम रज्जू भैया की माताजी के नाम पर होगा।
भूमि दानकर्ता राजपाल सिंह का सम्मान किया गया।
जापान के 1945 के बाद के पुनर्निर्माण को अनुशासन और परिश्रम का आदर्श उदाहरण बताया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 18 जुलाई को बुलंदशहर के शिकारपुर स्थित रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्र निर्माण केवल अधिकारों की मांग से नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्यों के ईमानदारी से निर्वहन से संभव है। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय में बालिकाओं के छात्रावास के निर्माण की घोषणा भी की।

मुख्य संबोधन: कर्तव्य और अनुशासन

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब देशवासी गुलामी की मानसिकता को त्यागकर अनुशासन, संस्कार और 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना को अपने जीवन में उतारेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'पंच प्रण' का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संकल्पों में गुलामी की मानसिकता का त्याग सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।

योगी ने कहा, 'केवल नारे लगाने से राष्ट्र मजबूत नहीं बनता। यदि कोई शिक्षक समय पर विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार देता है तो वही उसकी सच्ची राष्ट्रभक्ति है।' उन्होंने जोर दिया कि आज लोग अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन नागरिक कर्तव्यों की ओर उतना ध्यान नहीं देते।

बुलंदशहर और सैनिक शिक्षा का महत्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि बुलंदशहर देश का ऐसा जनपद है जिसने सर्वाधिक सैनिक और सैन्य अधिकारी राष्ट्र को दिए हैं। ऐसे जनपद में सैनिक विद्यालय की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यहाँ देशभर से आने वाले विद्यार्थी अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो भविष्य में देश की ताकत बनेंगे।

उन्होंने सैनिक जीवन के मूल मंत्र 'नेशन फर्स्ट' का उल्लेख करते हुए कहा कि सैनिक कभी देशहित के विपरीत कार्य नहीं करता और राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की यही भावना प्रत्येक नागरिक के जीवन में भी दिखनी चाहिए।

जापान का उदाहरण और विकसित भारत की राह

मुख्यमंत्री ने अपने हालिया जापान दौरे का संदर्भ देते हुए कहा कि वर्ष 1945 में परमाणु हमले के बाद जापान पूरी तरह तबाह हो गया था, लेकिन वहाँ के नागरिकों ने आत्म-अनुशासन, तकनीकी क्षमता और कठोर परिश्रम के बल पर अपने देश को पुनः खड़ा किया और उसे विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में पहुँचाया। उन्होंने कहा कि भारत भी इसी मार्ग पर अनुशासन और सामूहिक प्रयासों के दम पर आगे बढ़ रहा है।

योगी ने कहा कि भारत आज आजादी के अमृतकाल से आगे बढ़ते हुए स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष की तैयारियों में जुटा है। उन्होंने लोगों से जाति, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का आह्वान किया।

बालिका छात्रावास की घोषणा और सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में बालिकाओं के छात्रावास के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस छात्रावास का नाम रज्जू भैया की माताजी के नाम पर रखा जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विद्यालय के लिए भूमि दान करने वाले राजपाल सिंह का सम्मान किया और उनके योगदान को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी बताया।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश सरकार सैनिक शिक्षा और बालिका सशक्तिकरण दोनों को प्राथमिकता देने का संकेत दे रही है। आने वाले समय में इस छात्रावास के निर्माण से बुलंदशहर और आसपास के जिलों की बालिकाओं को सैनिक शिक्षा के अवसर सुलभ होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह प्रश्न भी उठता है कि क्या सरकारें स्वयं उसी कसौटी पर खरी उतरती हैं जो वे नागरिकों से अपेक्षित करती हैं। जापान के पुनर्निर्माण का उदाहरण प्रेरक है, परंतु जापान की सफलता में संस्थागत पारदर्शिता और सरकारी जवाबदेही की भी उतनी ही भूमिका रही जितनी नागरिक अनुशासन की। बालिका छात्रावास की घोषणा सैनिक शिक्षा में लैंगिक समावेश की दिशा में सकारात्मक कदम है, लेकिन इसकी वास्तविक सफलता समयबद्ध क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। बुलंदशहर जैसे जनपद में, जहाँ सैन्य परंपरा गहरी है, यह मंच चुनाव-पूर्व संदेश और प्रशासनिक प्रतिबद्धता — दोनों का मिश्रण प्रतीत होता है।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर में क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 जुलाई को बुलंदशहर के रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा की। इस छात्रावास का नाम रज्जू भैया की माताजी के नाम पर रखा जाएगा।
रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर कहाँ स्थित है?
रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के शिकारपुर में स्थित है। मुख्यमंत्री के अनुसार बुलंदशहर देश में सर्वाधिक सैनिक और सैन्य अधिकारी देने वाला जनपद है।
योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र निर्माण पर क्या कहा?
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल अधिकारों की मांग से नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्यों के ईमानदारी से निर्वहन से संभव है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 'पंच प्रण' का उल्लेख करते हुए गुलामी की मानसिकता के त्याग को सबसे महत्वपूर्ण संकल्प बताया।
योगी आदित्यनाथ ने जापान का उदाहरण क्यों दिया?
मुख्यमंत्री ने अपने हालिया जापान दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि 1945 में परमाणु हमले के बाद जापान ने आत्म-अनुशासन और कठोर परिश्रम से अपना पुनर्निर्माण किया। यह उदाहरण उन्होंने भारत में अनुशासन और सामूहिक प्रयास की आवश्यकता को रेखांकित करने के लिए दिया।
राजपाल सिंह को सम्मान क्यों दिया गया?
राजपाल सिंह ने रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर के लिए भूमि दान की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान उनका सम्मान किया और उनके योगदान को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी बताया।
राष्ट्र प्रेस
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