योगी आदित्यनाथ बुलंदशहर में बोले: कर्तव्य निर्वहन से बनेगा विकसित भारत, बालिका छात्रावास की घोषणा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 18 जुलाई को बुलंदशहर के शिकारपुर स्थित रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्र निर्माण केवल अधिकारों की मांग से नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्यों के ईमानदारी से निर्वहन से संभव है। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय में बालिकाओं के छात्रावास के निर्माण की घोषणा भी की।
मुख्य संबोधन: कर्तव्य और अनुशासन
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी हासिल होगा जब देशवासी गुलामी की मानसिकता को त्यागकर अनुशासन, संस्कार और 'राष्ट्र सर्वोपरि' की भावना को अपने जीवन में उतारेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'पंच प्रण' का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संकल्पों में गुलामी की मानसिकता का त्याग सर्वाधिक महत्वपूर्ण है।
योगी ने कहा, 'केवल नारे लगाने से राष्ट्र मजबूत नहीं बनता। यदि कोई शिक्षक समय पर विद्यार्थियों को शिक्षा और संस्कार देता है तो वही उसकी सच्ची राष्ट्रभक्ति है।' उन्होंने जोर दिया कि आज लोग अधिकारों की बात तो करते हैं, लेकिन नागरिक कर्तव्यों की ओर उतना ध्यान नहीं देते।
बुलंदशहर और सैनिक शिक्षा का महत्व
मुख्यमंत्री ने कहा कि बुलंदशहर देश का ऐसा जनपद है जिसने सर्वाधिक सैनिक और सैन्य अधिकारी राष्ट्र को दिए हैं। ऐसे जनपद में सैनिक विद्यालय की स्थापना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यहाँ देशभर से आने वाले विद्यार्थी अनुशासन, संस्कार और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो भविष्य में देश की ताकत बनेंगे।
उन्होंने सैनिक जीवन के मूल मंत्र 'नेशन फर्स्ट' का उल्लेख करते हुए कहा कि सैनिक कभी देशहित के विपरीत कार्य नहीं करता और राष्ट्र के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की यही भावना प्रत्येक नागरिक के जीवन में भी दिखनी चाहिए।
जापान का उदाहरण और विकसित भारत की राह
मुख्यमंत्री ने अपने हालिया जापान दौरे का संदर्भ देते हुए कहा कि वर्ष 1945 में परमाणु हमले के बाद जापान पूरी तरह तबाह हो गया था, लेकिन वहाँ के नागरिकों ने आत्म-अनुशासन, तकनीकी क्षमता और कठोर परिश्रम के बल पर अपने देश को पुनः खड़ा किया और उसे विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में पहुँचाया। उन्होंने कहा कि भारत भी इसी मार्ग पर अनुशासन और सामूहिक प्रयासों के दम पर आगे बढ़ रहा है।
योगी ने कहा कि भारत आज आजादी के अमृतकाल से आगे बढ़ते हुए स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष की तैयारियों में जुटा है। उन्होंने लोगों से जाति, भाषा और क्षेत्रीय भेदभाव से ऊपर उठकर सांस्कृतिक विरासत पर गर्व करने का आह्वान किया।
बालिका छात्रावास की घोषणा और सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में बालिकाओं के छात्रावास के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस छात्रावास का नाम रज्जू भैया की माताजी के नाम पर रखा जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विद्यालय के लिए भूमि दान करने वाले राजपाल सिंह का सम्मान किया और उनके योगदान को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरणादायी बताया।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब उत्तर प्रदेश सरकार सैनिक शिक्षा और बालिका सशक्तिकरण दोनों को प्राथमिकता देने का संकेत दे रही है। आने वाले समय में इस छात्रावास के निर्माण से बुलंदशहर और आसपास के जिलों की बालिकाओं को सैनिक शिक्षा के अवसर सुलभ होंगे।