पुणे की नाबालिग लड़की झारखंड के टाटानगर से सकुशल बरामद, फर्जी वीडियो कॉल से फिरौती मांगने वालों पर FIR
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के कोंढवा इलाके से लापता 17 वर्षीय नाबालिग लड़की को पुलिस ने झारखंड के टाटानगर से 21 जून को सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी से पहले मामले में उस समय नया और गंभीर मोड़ आया जब अज्ञात लोगों ने लड़की के पिता को फर्जी वीडियो कॉल कर दावा किया कि उनकी बेटी उनकी गिरफ्त में है और उसे छोड़ने के बदले यूपीआई के ज़रिए पैसों की मांग की।
मामले का घटनाक्रम
18 जून को कोंढवा बुद्रुक निवासी एक व्यक्ति — जो मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं — ने कोंढवा पुलिस स्टेशन में अपनी 17 वर्षीय बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार कोई अज्ञात व्यक्ति लड़की को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था, जिसके बाद पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया।
जांच के दौरान पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर लड़की की तलाश कर रही थी। इसी बीच लड़की के पिता के मोबाइल पर अज्ञात लोगों का वीडियो कॉल आया। कॉल करने वालों ने दावा किया कि लड़की उनके पास है और उन्होंने यूपीआई स्कैनर भेजकर पैसों की मांग की।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
फिरौती की मांग की सूचना मिलते ही कोंढवा पुलिस ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सतर्क किया। पुणे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले की गंभीरता देखते हुए विशेष टीमें गठित कर जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि लड़की पुणे रेलवे स्टेशन से आजाद हिंद एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुई थी, जो हावड़ा की ओर जा रही थी। पुलिस ने तुरंत रेलवे अधिकारियों से संपर्क किया और जानकारी मिली कि ट्रेन झारखंड के टाटानगर स्टेशन पर रुकने वाली है।
टाटानगर में बरामदगी
पुणे पुलिस ने टाटानगर रेलवे पुलिस और ट्रेन स्टाफ से समन्वय कर लड़की को ट्रेन में ही ढूंढ निकाला और सुरक्षित हिरासत में लिया। इसके बाद कोंढवा पुलिस की टीम लड़की के परिजनों के साथ टाटानगर पहुंची और उसे सकुशल वापस लाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार लड़की पूरी तरह सुरक्षित है।
फर्जी फिरौती मांगने वालों पर अलग FIR
वीडियो कॉल कर पैसे मांगने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ कोंढवा पुलिस स्टेशन में अलग से मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि लड़की किन परिस्थितियों में घर से निकली और ये फर्जी कॉल करने वाले कौन हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस दोनों मामलों की समानांतर जांच कर रही है — एक अपहरण का और दूसरा फर्जी फिरौती मांगने का। यह मामला इस बात की भी याद दिलाता है कि किस तरह साइबर अपराधी परिवार की मुश्किल घड़ी का फायदा उठाकर ठगी की कोशिश करते हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ऐसे किसी भी अनजान वीडियो कॉल या यूपीआई मांग की सूचना तुरंत पुलिस को दें।