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रांची से अगवा 5 वर्षीय बच्ची गया में सकुशल बरामद, 12 घंटे में तीन अपहर्ता गिरफ्तार

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रांची से अगवा 5 वर्षीय बच्ची गया में सकुशल बरामद, 12 घंटे में तीन अपहर्ता गिरफ्तार

सारांश

रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र से अगवा की गई पाँच वर्षीय बच्ची को पुलिस ने महज 12 घंटे में बिहार के गया से सकुशल बरामद कर लिया। ₹3 लाख की फिरौती माँगने वाले तीन युवकों को गया जंक्शन के पास एक होटल से गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी पीड़ित परिवार का पड़ोसी था।

मुख्य बातें

16 जुलाई 2025 को रांची के नगड़ी थाना क्षेत्र के सपारोम से 5 वर्षीय बच्ची का अपहरण किया गया।
अपहर्ताओं ने ₹3 लाख फिरौती माँगी और भुगतान न करने पर हत्या की धमकी दी।
रांची पुलिस ने 12 घंटे के भीतर बिहार के गया जंक्शन के पास एक होटल से बच्ची को सकुशल बरामद किया।
तीन आरोपी — रमेश कुमार मिश्रा (20) , सचिन कुमार (19) और मोनू कुमार (19) — गिरफ्तार।
आरोपियों ने परिजनों से दो खातों में ऑनलाइन ₹10,000 भी ट्रांसफर कराए।
मुख्य आरोपी रमेश कुमार मिश्रा पीड़ित परिवार के घर के पास किराये पर रहता था।

रांची पुलिस ने 16 जुलाई 2025 को नगड़ी थाना क्षेत्र के सपारोम से अगवा की गई पाँच वर्षीय बच्ची को महज 12 घंटे के भीतर बिहार के गया जिले से सकुशल मुक्त करा लिया। अपहर्ताओं ने बच्ची की रिहाई के बदले परिजनों से ₹3 लाख की फिरौती माँगी थी और भुगतान न करने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गया जंक्शन के पास एक होटल से गिरफ्तार कर लिया।

मुख्य घटनाक्रम

16 जुलाई को रांची के दलादली टीओपी (नगड़ी थाना) क्षेत्र के सपारोम गाँव से बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही नगड़ी थाने में एफआईआर दर्ज की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक की निगरानी में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-2) अजय आर्यन के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का तत्काल गठन किया गया।

तकनीकी शाखा की सहायता से दल ने गया जिले में 30 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। अंततः गया जंक्शन के समीप एक होटल से बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और उसे परिजनों को सौंप दिया गया।

आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी

पुलिस ने मौके से तीन आरोपियों को हिरासत में लिया — गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र के दिग्गी निवासी रमेश कुमार मिश्रा (20 वर्ष), खजुरी निवासी सचिन कुमार (19 वर्ष) और जहानाबाद जिले के मखदमपुर निवासी मोनू कुमार (19 वर्ष)

पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी रमेश कुमार मिश्रा पीड़ित परिवार के घर के पास किराये पर रहता था। वह बच्ची को बहला-फुसलाकर गया ले गया और परिजनों से फिरौती की माँग की। आरोप है कि भुगतान में देरी पर बच्ची की हत्या कर शव फेंक देने की धमकी दी गई।

ऑनलाइन ठगी का भी आरोप

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने डर का फायदा उठाते हुए परिजनों से दो अलग-अलग खातों में ऑनलाइन माध्यम से कुल ₹10,000 भी ट्रांसफर करा लिए। सचिन कुमार और मोनू कुमार पर बच्ची को छिपाने और फिरौती की रकम हासिल करने में मुख्य आरोपी की मदद करने का आरोप है।

पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

रांची के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि की कि बच्ची पूरी तरह सुरक्षित है और उसे परिवार को सौंप दिया गया है। तीनों आरोपियों के विरुद्ध अपहरण समेत संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई जारी है। यह मामला अंतरराज्यीय समन्वय और तकनीकी निगरानी के प्रभावी उपयोग का उदाहरण बना है। आने वाले दिनों में जाँच में और खुलासे होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि ₹10,000 की ऑनलाइन वसूली कैसे हुई और क्या डिजिटल ट्रांजेक्शन की निगरानी प्रणाली समय पर अलर्ट दे सकती थी। बच्चों के अपहरण के मामलों में त्वरित एफआईआर और तकनीकी निगरानी का संयोजन कारगर साबित हुआ — यह मॉडल झारखंड के अन्य जिलों के लिए भी अनुकरणीय है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रांची से अगवा बच्ची को कहाँ से और कैसे बरामद किया गया?
पाँच वर्षीय बच्ची को बिहार के गया जंक्शन के पास एक होटल से सकुशल बरामद किया गया। रांची पुलिस ने तकनीकी शाखा की मदद से गया जिले में 30 से अधिक स्थानों पर छापेमारी कर अपहरण के करीब 12 घंटे के भीतर यह कार्रवाई पूरी की।
अपहरण में कितनी फिरौती माँगी गई थी?
अपहर्ताओं ने बच्ची की रिहाई के बदले परिजनों से ₹3 लाख की फिरौती माँगी थी। इसके अलावा, डर दिखाकर दो अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन माध्यम से ₹10,000 भी ट्रांसफर करा लिए गए।
गिरफ्तार तीनों आरोपी कौन हैं?
तीनों आरोपी बिहार के निवासी हैं — गया जिले के कोंच थाना क्षेत्र के दिग्गी निवासी रमेश कुमार मिश्रा (20 वर्ष), खजुरी निवासी सचिन कुमार (19 वर्ष) और जहानाबाद जिले के मखदमपुर निवासी मोनू कुमार (19 वर्ष)। मुख्य आरोपी रमेश पीड़ित परिवार के घर के पास किराये पर रहता था।
रांची पुलिस ने इतनी जल्दी बच्ची को कैसे ढूँढा?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस उपाधीक्षक अजय आर्यन के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल गठित किया गया। तकनीकी शाखा की सहायता से मोबाइल ट्रैकिंग और गया में 30 से अधिक स्थानों पर छापेमारी के जरिये बच्ची का पता लगाया गया।
बच्ची अभी कहाँ है और आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। तीनों आरोपियों के विरुद्ध अपहरण और संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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