पूर्वी चंपारण में कोल्ड ड्रिंक के बहाने बच्चे का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे में सकुशल बरामद किया

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पूर्वी चंपारण में कोल्ड ड्रिंक के बहाने बच्चे का अपहरण, पुलिस ने 12 घंटे में सकुशल बरामद किया

सारांश

बिहार के पूर्वी चंपारण में कोल्ड ड्रिंक का लालच देकर बच्चे का अपहरण — लेकिन अपराधियों का मंसूबा 12 घंटे में ही धराशायी हो गया। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर गठित विशेष दल ने सीमावर्ती इलाके सील कर बच्चे को सकुशल बरामद किया।

मुख्य बातें

20 मई 2025 की रात 8 बजे दरपा थाना क्षेत्र, पूर्वी चंपारण में अज्ञात बाइक सवारों ने कोल्ड ड्रिंक के बहाने बच्चे का अपहरण किया।
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने एसडीपीओ मनीष आनंद के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल गठित किया।
सीमावर्ती इलाके सील कर तकनीकी अनुसंधान और मुखबिर नेटवर्क सक्रिय किए गए।
सूचना मिलने के 12 घंटे के भीतर बच्चा सकुशल बरामद किया गया।
अपराधियों की पहचान हो चुकी है; गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के दरपा थाना क्षेत्र में 20 मई 2025 की रात करीब 8 बजे अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने एक मासूम बच्चे को कोल्ड ड्रिंक पिलाने का लालच देकर अपने पास बुलाया और जबरन बाइक पर बिठाकर फरार हो गए। सूचना मिलने के महज 12 घंटे के भीतर पुलिस ने बच्चे को पूरी तरह सकुशल बरामद कर लिया और अपराधियों की पहचान कर छापेमारी तेज कर दी।

मुख्य घटनाक्रम

20 मई की रात जैसे ही अपहरण की सूचना दरपा थाने पहुँची, पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने मामले की गंभीरता को भाँपते हुए तत्काल रक्सौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) मनीष आनंद के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल गठित किया। रात में ही सीमावर्ती इलाकों को सील कर दिया गया, तकनीकी अनुसंधान शुरू हुआ और मुखबिरों का नेटवर्क सक्रिय किया गया।

पुलिस की कार्रवाई

विशेष दल ने अपराधियों के संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। पुलिस के बढ़ते दबाव के कारण अपहरणकर्ता लगातार अपना ठिकाना बदलते रहे, लेकिन चारों ओर से हुई घेराबंदी ने उनके लिए बच्चे को छिपाकर रखना असंभव कर दिया। अंततः पुलिस ने 21 मई 2025 को बच्चे को पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिया।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि इस मामले में सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अपराधियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पूरे मामले की विस्तृत जाँच की जा रही है।

परिजनों की प्रतिक्रिया

बच्चे के सकुशल मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। परिजनों ने पुलिस प्रशासन का आभार जताया और त्वरित कार्रवाई की सराहना की। यह घटना एक बार फिर बाल सुरक्षा और सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि अपराधी अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए। पहचान हो जाने के बावजूद गिरफ्तारी में देरी जवाबदेही पर सवाल उठाती है। सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा और समुदाय स्तर पर जागरूकता के बिना ऐसी घटनाएँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्वी चंपारण में बच्चे का अपहरण कैसे हुआ?
20 मई 2025 की रात दरपा थाना क्षेत्र में अज्ञात बाइक सवार अपराधियों ने एक मासूम बच्चे को कोल्ड ड्रिंक पिलाने का लालच देकर अपने पास बुलाया और जबरन बाइक पर बिठाकर फरार हो गए। यह घटना रात करीब 8 बजे हुई।
पुलिस ने अपहृत बच्चे को कितने समय में बरामद किया?
सूचना मिलने के महज 12 घंटे के भीतर पुलिस ने बच्चे को पूरी तरह सकुशल बरामद कर लिया। एसडीपीओ मनीष आनंद के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल ने सीमावर्ती इलाके सील कर यह कार्रवाई की।
इस मामले में पुलिस ने क्या कानूनी कार्रवाई की?
पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के अनुसार सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। अपराधियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
इस अपहरण मामले में कौन-से पुलिस अधिकारी शामिल थे?
मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने विशेष दल गठित किया और रक्सौल के एसडीपीओ मनीष आनंद ने इस छापेमारी दल का नेतृत्व किया।
बच्चे के परिजनों की क्या प्रतिक्रिया रही?
बच्चे के सकुशल मिलते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। उन्होंने पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का आभार जताया।
राष्ट्र प्रेस
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